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खेल डेस्क. कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को टालने या रद्द करने पर फैसला शनिवार को बीसीसीआई की बैठक में होगा। बीसीसीआई द्वारा आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की मीटिंग बुलाई गई है। इसमें सभी 8 फ्रेंचाइजीस के प्रतिनिधी शामिल होंगे। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण के कारण अब बीसीसीआई के पास मुख्य तौर पर दो ही विकल्प हैं। पहला- आईपीएल रद्द किया जाए। दूसरा- इसे बिना दर्शकों के कराया जाए। खाली स्टेडियम में मैच कराने के प्रस्ताव को बोर्ड पहले ही खारिज कर चुका है।
फ्रेंचाइजी से बातचीत जरूरी
बीसीसीआई ने आईपीएल गवर्निंग काउंसिल मीटिंग में सभी आठ फ्रेंचाइजी को बुलाया है। बोर्ड के एक अफसर ने कहा- हम सभी फ्रेंचाइजीस से बातचीत करना चाहते हैं ताकि उनका नजरिया समझा जा सके। हालांकि, अब इसके रद्द करने की संभावना ही सबसे ज्यादा है। इसकी दो मुख्य वजह हैं। पहली- वीजा पर सरकार के नए नियम। इनके तहत डिप्लोमैटिक और एम्प्लॉयमेंट कैटेगरी को छोड़कर सभी कैटेगरीज के वीजा 15 अप्रैल तक सस्पेंड कर दिए गए हैं। खिलाड़ी बिजनेस वीजा कैटेगरी में आते हैं। लिहाजा, 15 अप्रैल तक तो वो आईपीएल नहीं खेल सकेंगे। दूसरी- इस बात की संभावना बेहद कम है कि ब्रॉडकास्टर और फ्रेंचाइजीस खाली स्टेडियम में मैच कराने को तैयार होंगी।
हाथ से निकलती जा रही हैं चीजें
न्यूज एजेंसी से बातचीत में एक फ्रेंचाइजी के अधिकारी ने कहा, “धीरे-धीरे चीजें हमारे हाथ से निकलती जा रही हैं। एक के बाद एक राज्य सरकारें आईपीएल मैचों के आयोजन से इनकार कर रही हैं। अब एक ही रास्ता है कि हम बिना दर्शकों के मैच खेलें। दिल्ली सरकार ने भी यही किया। फिलहाल, ये भी नहीं कहा जा सकता कि आगे हालात काबू होंगे या फिर ज्यादा बिगड़ेंगे। ये कैसे कहा जा सकता है कि 15 अप्रैल के बाद हालात सुधर ही जाएंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो? बहरहाल, शनिवार को बीसीसीआई से बातचीत के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।”
विदेशी खिलाड़ियों का होना जरूरी
विदेशी खिलाड़ियों के न आने पर इस अधिकारी ने कहा, “हमने अपनी टीमें विदेशी खिलाड़ियों को ध्यान में रखकर ही तैयार की हैं। अगर ये नहीं खेलेंगे तो आईपीएल भी मुश्ताक अली या विजय हजारे ट्रॉफी जैसा घरेलू टूर्नामेंट बनकर रह जाएगा। रोमांच बनाए रखना है तो फॉरेन प्लेयर्स का होना जरूरी है। वर्तमान हालात में खाली स्टेडियम में मैच कराना ज्यादा बेहतर विकल्प है। आईपीएल रद्द करना ठीक नहीं होगा।”
बोर्ड ने माना- विदेशी खिलाड़ियों का हिस्सा लेना मुश्किल
खेल मंत्रालय ने गुरुवार को ही साफ कर दिया था कि बीसीसीआई समेत देश के तमाम खेल संगठनों को स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने खेल आयोजनों में भीड़ जुटाने से परेहज करने को कहा है। आईपीएल की फैन फॉलोइंग देखते हुए ये बेहद मुश्किल होगा कि दर्शकों को मैच देखने से रोका जाए। हालांकि, अंतिम फैसला बोर्ड को ही लेना है। आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के एक अफसर ने कहा, “हम जानते हैं कि विदेशी खिलाड़ी उपलब्ध नहीं होंगे। हम इस पर और बाकी तमाम मुद्दों पर शनिवार को बातचीत करेंगे।” इस साल आईपीएल 29 मार्च से 24 मई के बीच खेला जाना है। पहला मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में प्रस्तावित है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने गुरुवार को दूसरी बार कहा था कि आईपीएल या तो खाली स्टेडियम में खेला जाए या फिर इस साल इसे रद्द कर दिया जाए।
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