कप के किस्से / क्लाइव लॉयड ने 11 ‘कैलिप्सो क्रिकेटर्स’ को टीम में बदला, लगातार दो वर्ल्ड कप जीते



1979 वर्ल्ड कप जीतने के बाद क्लाइव लॉयड और वेस्टइंडीज टीम के खिलाड़ी। 1979 वर्ल्ड कप जीतने के बाद क्लाइव लॉयड और वेस्टइंडीज टीम के खिलाड़ी।
X
1979 वर्ल्ड कप जीतने के बाद क्लाइव लॉयड और वेस्टइंडीज टीम के खिलाड़ी।1979 वर्ल्ड कप जीतने के बाद क्लाइव लॉयड और वेस्टइंडीज टीम के खिलाड़ी।

  • क्लाइव लॉयड 1974 में वेस्टइंडीज के कप्तान बने थे, 11 साल तक टीम की कमान संभाली
  • लॉयड ने कहा था- हमें तय करना है कि लोग हमें मनोरंजन करने वाला कहें या प्रोफेशनल क्रिकेटर्स

Dainik Bhaskar

May 21, 2019, 07:57 AM IST

खेल डेस्क. 1970 के आस-पास क्रिकेट में 2 ही देश क्रिकेट के पावरहाउस माने जाते थे- ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड। बात रही वेस्टइंडीज की, तो वहां क्रिकेट का मतलब सिर्फ समुंदर किनारे खेलने तक ही था। विंडीज टीम जहां भी दौरे पर जाती, तो कहा जाता कि- देखो, इंटरटेनमेंट करने के लिए कैलिप्सो क्रिकेटर्स आ गए (विंडीज के संगीत को कैलिप्सो कहते हैं)।

 

माना जाता था कि ये 11 लड़के हैं, ना कि कोई टीम। 1974 में टीम की कमान क्लाइव लॉयड को दी गई और यहां से विंडीज क्रिकेट बदल गया। क्लाइव ने 11 कैलिप्सो क्रिकेटर्स को एक टीम में तब्दील किया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार से निराश क्लाइव ने टीम से कहा- ‘हमें तय करना है कि लोग हमें मनोरंजन करने वाला कहें या प्रोफेशनल क्रिकेटर्स। मैं गेंदबाजों से पूछता हूं कि उन्हें कितने रन बोर्ड पर चाहिए? मैं दूंगा। लेकिन मुझे जीत चाहिए। हमें जीतना है।’ 

 

लॉयड ने ग्रीनिज, विव रिचर्ड्स को मौका दिया
जिस दौर में ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज सामने वाले बल्लेबाजों के जबड़ों तक उछाल लेती गेंद फेंकते थे, क्लाइव उस वक्त में रॉबर्ट्स, होल्डर, होल्डिंग जैसे गेंदबाजों को टीम में लाए। ग्रीनिज, विव रिचर्ड्स जैसे बल्लेबाजों को मौका दिया। क्लाइव ने बॉलर्स से कहा कि अगर गेंदबाज हमारे बल्लेबाजों को बाउंस से डराएंगे, तो हमें भी गेंद पटकनी आती है।

 

विवियन रिचर्ड्स

 

1975 वर्ल्ड कप में विंडीज की टीम वर्ल्ड कप जीती थी
इसी के बाद इंग्लिश क्रिकेटर डेविड स्टीली ने कहा था कि मैंने पहली बार इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के अलावा किसी टीम में ऐसे गेंदबाज देखे थे, जिनकी गेंद पिच की मिट्‌टी उखाड़ दे। क्लाइव की कप्तानी का पहला नमूना थी 1975 वर्ल्ड कप में विंडीज की जीत। विंडीज के गेंदबाजी के आगे ऑस्ट्रेलियन और इंग्लिश बल्लेबाजों को पहली बार डक करते देखा गया।

 

ग्रीनिज ने 1979 वर्ल्ड कप में 253 और रिचर्ड्स ने 217 रन बनाए
इसी तरह 1979 वर्ल्ड कप में लॉयड ने अपनी बैटिंग पोजिशन नीचे की। इससे ग्रीनिज और रिचर्ड्स को मौका मिला। ग्रीनिज ने वर्ल्ड कप में 253 और रिचर्ड्स ने 217 रन बनाए। इसी दौर में विव रिचर्ड्स ने बेखौफ बल्लेबाजी का उदाहरण पेश किया। सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ ग्रीनिज ने 73 और हेंस ने 65 रन बनाए।

 

क्लाइव लॉयड

 

फाइनल में विव रिचर्ड्स ने 138 रन बनाए थे
इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में जब विंडीज के 99 रन पर 4 विकेट गिर गए तो विव ने 157 गेंद पर नाबाद 138 रन की ऐतिहासिक पारी खेली और टीम को दूसरी बार चैंपियन बनाया। रिचर्ड्सने बाद में कहा भी कि जैसा असर क्लाइव का टीम पर था, वैसे असर वाला उन्होंने कोई दूसरा कप्तान नहीं देखा।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना