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टॉप-5 एशेज / 86 साल पहले ब्रैडमैन को रोकने के लिए इंग्लैंड के गेंदबाजों ने शरीर को निशाना बनाया था



बॉडीलाइन फील्डिंग। बॉडीलाइन फील्डिंग।
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बॉडीलाइन फील्डिंग।बॉडीलाइन फील्डिंग।

  • इंग्लैंड के तेज गेंदबाज लॉरवुड ने एक ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज की पसलियां तोड़ दी थीं
  • सर डॉन ब्रैडमैन जैसे महान बल्लेबाज 44 की औसत से सिर्फ 396 रन ही बना सके

Dainik Bhaskar

Jul 31, 2019, 10:23 AM IST

खेल डेस्क. ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के बीच 1 अगस्त से 71वीं एशेज सीरीज खेली जाएगी। दोनों टीमों के बीच खेली गईं 70 एशेज में सिर्फ 5 बार ऐसा हुआ, जब सीरीज ड्रॉ रही। ऑस्ट्रेलिया ने सबसे ज्यादा 33 सीरीज अपने नाम कीं। वहीं, इंग्लैंड की टीम 32 सीरीज जीतने में सफल रही। पिछली बार 2017-18 में ऑस्ट्रेलिया ने जीता हासिल की। एजबेस्टन में खेला जाने वाला टेस्ट दोनों के बीच 347वां मैच होगा। अब तक ऑस्ट्रेलियाई टीम को 144 और इंग्लैंड को 108 मुकाबलों में सफलता मिली है। 94 मैच ड्रॉ रहे। दोनों टीमों के बीच 5 सीरीज सबसे ज्यादा चर्चा में रहीं।

 

1. ‘बॉडीलाइन सीरीज’ (1932/33)
दोनों टीमों के बीच 1932/33 में खेली गई सीरीज सबसे विवादित रही। तब ऑस्ट्रेलिया के सर डॉन ब्रैडमैन बेहतरीन फॉर्म में थे। उन्हें रोकने के लिए इंग्लैंड के गेंदबाजों ने शरीर को निशाना बनाया। यह सीरीज विवादों में रही। इसे ‘बॉडीलाइन सीरीज’ कहा गया। इंग्लैंड के कप्तान डगलस जार्डिन ने गेंदबाजों को ‘लेग थ्योरी’ बताई। तेज गेंदबाज हेरॉल्ड लॉरवुड ने शरीर को निशाना साध कर गेंदबाजी की। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज बिल वुडफुल को घायल कर दिया। एडिलेड के दर्शकों ने इंग्लिश टीम की हूटिंग की। लॉरवुड पर दर्शक भड़क गए। इसके बाद उन्होंने एक और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज की पसलियां ही तोड़ दीं। दर्शकों के गुस्से को देखते हुए लॉरवुड को सुरक्षा के बीच मैदान से बाहर ले जाया गया। विजडन मैगजीन ने इसे डरावना टेस्ट कहा।

 

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लॉरवुड ने ब्रैडमैन को 8 पारियों में 4 बार आउट किया
लॉरवुड ने 5 मैचों में 33 विकेट लिए। उन्होंने 20 बल्लेबाजों को शून्य के स्कोर पर चलता किया था। ब्रैडमैन जैसे महान बल्लेबाज 8 पारियों में 4 बार लॉरवुड का शिकार बने। ब्रैडमैन 44 की औसत से सिर्फ 396 रन ही बना सके। इस दौरान उनके बल्ले से सिर्फ एक ही शतक निकला।

 

2. ब्रैडमैन की आखिरी सीरीज (1948)
ब्रैडमैन की कप्तानी में ऑस्ट्रेलियाई टीम सीरीज खेलने इंग्लैंड पहुंची। पहले टेस्ट में उसने मेजबान टीम को 8 विकेट से हरा दिया। दूसरा 409 रन से अपने नाम किया। मैनचेस्टर में खेला गया तीसरा टेस्ट ड्रॉ रहा। चौथे टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई टीम को 7 विकेट से जीत मिली। पांचवां और आखिरी टेस्ट भी ब्रैडमैन की टीम ने एक पारी और 149 रन से अपने नाम कर लिया। चौथे टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने कमाल कर दिया। उसने 403 रन के लक्ष्य को 3 विकेट पर हासिल कर लिया। ऑर्थर मॉरिस ने 180 और ब्रैडमैन ने 173 रन बनाए।

 

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...और ब्रैडमैन शून्य पर आउट हो गए
पांचवां टेस्ट ओवल में खेला जाना था। यह क्रिकेट इतिहास के महानतम बल्लेबाज ब्रैडमैन का आखिरी मैच था। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड की टीम 52 रन पर सिमट गई। ऑस्ट्रेलिया ने 389 रन बनाए। इस पारी में ब्रैडमैन शून्य पर आउट हो गए। उन्हें करियर में 100 की औसत के लिए 4 रन बनाने थे, लेकिन लेग स्पिनर एरिक होलिस ने उन्हें बोल्ड कर दिया। ब्रैडमैन का करियर औसत 99.94 रह गया।

 

3. लिलि-थॉमस ने 58 विकेट लिए (1974/75)
इंग्लैंड की टीम एशेज सीरीज खेलने ऑस्ट्रेलिया पहुंची। मेजबान टीम में डेनिस लिली की वापसी हुई थी। वे पीठ की चोट के कारण लंबे समय से बाहर थे। दूसरी ओर, जेफ थॉमसन को सिर्फ एक टेस्ट का अनुभव था। इसमें भी वे 110 रन देकर विकेट नहीं निकाल सके थे। इसके बावजूद दोनों की खतरनाक गेंदबाजी के सामने इंग्लिश बल्लेबाज टिक नहीं सके। थॉमसन ने 5 टेस्ट में 33 विकेट लिए। दूसरी ओर लिली को 6 मैच में 25 विकेट मिले।

 

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थॉमसन एडिलेड टेस्ट में चोटिल हो गए और ऑस्ट्रेलिया अगला टेस्ट हार गया

थॉमसन-लिली के रहते हुए शुरुआती पांच में से चार टेस्ट ऑस्ट्रेलिया ने जीत लिए। एक मैच ड्रॉ रहा था। थॉमसन एडिलेड टेस्ट में चोटिल हो गए। आखिरी मैच मेलबर्न में खेला जाना था। वे टीम का हिस्सा नहीं थे। ऑस्ट्रेलिया यह मैच हार गया, लेकिन सीरीज 4-1 से अपने नाम कर लिया। इंग्लैंड की स्थिति उस सीरीज में इसी बात से समझी जा सकती है कि कप्तान माइक डेनिस खराब प्रदर्शन के कारण चौथे टेस्ट से बाहर हो गए।

 

4. यह इयान बॉथम की सीरीज थी (1981)
ऑस्ट्रेलिया की टीम 6 टेस्ट की सीरीज खेलने इंग्लैंड पहुंची थी। इयान बॉथम इंग्लैंड के कप्तान थे। पहला टेस्ट नॉटिंघम में ऑस्ट्रेलिया 4 विकेट से जीत लिया। दूसरा टेस्ट लॉर्ड्स में ड्रॉ रहा। तीसरा टेस्ट लीड्स में होना था। इससे पहले बॉथम ने कप्तानी से इस्तीफा दे दिया। माइक ब्रेयरली इंग्लिश टीम के नए कप्तान बने। इंग्लैंड ने तीसरा टेस्ट 18 रन से जीतकर सीरीज 1-1 से बराबर कर दिया। बॉथम ने इस मैच में कुल 7 विकेट लिए। उन्होंने पहली पारी में 50 और दूसरी पारी में नाबाद 149 रन बनाए।

 

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इसके बाद इंग्लैंड ने चौथा टेस्ट 29 रन से जीत लिया। इस मैच में बॉथम ने 6 विकेट लिए। पांचवां टेस्ट मैनचेस्टर में हुआ। यहां इंग्लैंड की टीम 103 रन से जीत गई। बॉथम ने दूसरी पारी में 118 रन बनाए। उन्होंने कुल 5 विकेट लिए। आखिरी टेस्ट एजबेस्टन में ड्रॉ रहा। इस मैच में बॉथम ने 10 विकेट लिए। उन्होंने 6 टेस्ट में 34 विकेट अपने नाम किए। बल्लेबाजों में बॉथम दूसरे स्थान पर रहे। उन्होंने 399 रन बनाए। इस दौरान 2 शतक और एक अर्धशतक लगाया।

 

5. फ्लिंटॉफ के रूप में इंग्लैंड को दूसरा ‘बॉथम’ मिला
रिकी पोंटिंग के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलियाई टीम पांच टेस्ट की सीरीज के लिए इंग्लैंड गई। उसने पहला टेस्ट लॉर्ड्स में 239 रन से जीत लिया। दूसरा टेस्ट एजबेस्टन में होना था। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा चोट के कारण बाहर हो गए। इस मैच को इंग्लैंड ने रोमांचक तरीके से 2 रन से जीत लिया। 282 रन का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम 279 रन पर आउट हो गई। फ्लिंटॉफ ने पहली पारी में 68 और दूसरी पारी में 73 रन बनाए। उन्होंने 7 कुल विकेट लिए। तीसरा टेस्ट ड्रॉ रहा। इसमें फ्लिंटॉफ ने कुल 50 रन बनाए और 5 विकेट लिए।

 

एंड्रयू फ्लिंटॉफ

 

चौथा टेस्ट नॉटिंघम में खेला गया। इंग्लैंड ने पहली पारी में 477 रन बनाए। फ्लिंटॉफ ने 102 रन की पारी खेली। शेन वॉर्न ने पहली पारी में 4 विकेट लिए। ऑस्ट्रेलिया अपनी पहली पारी में 218 रन ही बना सका। उसे फॉलोऑन खेलना पड़ा। उसने दूसरी पारी में 387 रन बनाए। 129 रन के लक्ष्य को इंग्लैंड ने 7 विकेट पर हासिल कर लिया। वह सीरीज 2-1 से आगे हो गया। पांचवां टेस्ट ओवल में ड्रॉ रहा। फ्लिंटॉफ ने सीरीज में 402 रन बनाए और 24 विकेट भी अपने नाम किया। उन्हें इंग्लैंड का दूसरा बॉथम कहा जाने लगा।

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