विवाद / अंपायरों के साथ बहस पर पूर्व क्रिकेटर्स ने की धोनी की आलोचना, शॉन टेट कहा- यह अंडर-10 क्रिकेट नहीं



अंपायर से बहस करते धोनी। अंपायर से बहस करते धोनी।
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अंपायर से बहस करते धोनी।अंपायर से बहस करते धोनी।

  • शॉन टेट ने कहा- मुझे लगता है कि धोनी भूल जाते हैं कि वे एक खिलाड़ी हैं
  • माइकल वॉन ने कहा- आप मैदान पर जाकर अंपायर को उंगली नहीं दिखा सकते

Dainik Bhaskar

Apr 12, 2019, 06:25 PM IST

जयपुर. आईपीएल के 25वें मैच में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने मैदान में उतर कर अंपायरों से बहस की। इस पर बीसीसीआई ने उनकी मैच फीस का 50% हिस्सा काट लिया। धोनी की इस हरकत पर पुराने क्रिकेटर्स ने उनकी आलोचना की। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज शॉन टेट ने कहा- धोनी को वहां देखना अजीब था। आप मैदान में नहीं जा सकते। यह कोई गांव में खेला जाने वाला या अंडर-10 क्रिकेट नहीं है।

आप अंपायर को उंगली नहीं दिखा सकते : वॉन

  1. टेट ने कहा, "मुझे लगता है कि धोनी कभी-कभी भूल जाते हैं कि वे एक खिलाड़ी हैं। आप अधिकारी नहीं, बल्कि खिलाड़ी हैं। आप किसी अधिकारी को कंट्रोल नहीं कर सकते हैं। यह सच में अजीब क्षण था।"

  2. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने भी धोनी की आलोचना की। उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि वे धोनी हैं। वे अपने देश में कुछ भी कर सकते हैं, लेकिन आप डग आउट से मैदान में जाकर अंपायर को उंगली नहीं दिखा सकते।"

  3. मैच में कमेंट्री के दौरान ऑस्ट्रेलिया के माइकल स्लेटर ने कहा, "किसी कप्तान को अंपायरों के साथ बहस करने के लिए आप मैदान पर कभी गुस्से में नहीं देखना चाहेंगे। यह अविश्वसनीय था।"

  4. ऑस्ट्रेलिया के ही पूर्व खिलाड़ी मार्क वॉ ने ट्विटर पर लिखा, "मुझे पता है कि आईपीएल में फ्रैंचाइजी और ज्यादा पैसे का दबाव होता है, लेकिन मैं दो घटनाओं से निराश हूं। इनमें अश्विन और धोनी जैसे कप्तान शामिल हैं।" उन्होंने अश्विन के द्वारा बटलर को मांकड़िंग की घटना को याद किया।

  5. विदेशी खिलाड़ियों के साथ पूर्व भारतीय क्रिकेटर्स दीपदास गुप्ता, आकाश चोपड़ा, संजय मांजरेकर और हेमांग बदानी शामिल हैं। दीपदास ने कहा, "आपके पास चौथे अंपायर और रेफरी के सामने विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। मैदान पर जाना गलत था।"

  6. आकाश चोपड़ा ने कहा, "इस सीजन में अंपायरिंग का स्तर काफी खराब रहा है। उस गेंद को नो-बॉल घोषित किया गया, लेकिन फैसले को बदल दिया गया। इससे किसी को भी गुस्सा आ सकता है, लेकिन विपक्षी कप्तान का मैदान में जाना सही नहीं था। धोनी ने गलत उदाहरण सामने रखा।"

  7. संजय मांजरेकर ने कहा, "धोनी भाग्यशाली रहे कि उनसे फाइन लेकर ही छोड़ दिया गया। मैदान पर जाकर उन्होंने साफ तौर पर गलत किया था।" बदानी भी इससे हैरान थे। उन्होंने कहा, "यह कैप्टन कूल के बर्ताव से बिल्कुल अलग था।"

  8. दरअसल, राजस्थान के खिलाफ चेन्नई की बल्लेबाजी के दौरान 19वें ओवर में स्टोक्स की गेंद पर अंपायर ने नो बॉल देने के बाद अपना फैसला बदल लिया था। इस पर धोनी आउट होने के बावजूद गुस्से में मैदान में उतर आए। हालांकि, फैसला नहीं बदलने पर वे गुस्से में ही लौटे। मिशेल सैंटनर ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर चेन्नई को जीत दिलाई।

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