पूरी जिंदगी रंगभेद का शिकार हुआ पूर्व भारतीय गेंदबाज:लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने कहा- दुर्भाग्य से यह मेरे अपने देश में हुआ

2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

टीम इंडिया के पूर्व लेग स्पिनर और जाने माने कॉमेंटेटर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने अपने ट्वविटर पर लिखा 'मैंने अपनी पूरी जिंदगी अपने रंग के कारण भेदभाव का सामना किया है। अब यह मुझे परेशान नहीं करता है। दुर्भाग्य से यह मेरे अपने देश में हुआ।'

शिवरामकृष्णन ने ये पोस्ट कमेंट के तौर लिखा है। एक पोस्ट में कॉमेंटेटर पर ऑनलाइन ट्रोलिंग का संकेत दिया गया था। लक्ष्मण ने इसी पोस्ट पर ये बातें लिखी।

रंगभेद पर पहले भी बोल चुके हैं खिलाड़ी

भारत के लिए 7 टेस्ट मैच खेल चुके सलामी बल्लेबाज अभिनव मुकुंद ने भी 2017 में इस मुद्दे पर खुलकर बोले थे। उन्होंने कहा था, 'मैं 15 साल की उम्र से देश के अंदर और बाहर यात्रा करता रहा हूं। तब से ही लोगों को मेरी त्वचा के रंग से दिक्कत होती है। मैंने लोगों को मेरे रंग को लेकर बात करते हुए भी देखा है।'

अभिनव अपने पोस्ट पर आगे लिखा था, 'जो भी क्रिकेट को अच्छे से समझता है, वह इसे अच्छी तरह से समझेगा। मैं धूप में पूरे दिन ट्रेनिंग करता हूं। मैच के दौरान धूप में ही खेलता हूं और कभी भी एक बार भी मुझे त्वचा के रंग के गहरे (टैन) होने का पछतावा नहीं हुआ है। मैं चेन्नई से हूं जो देश के सबसे गर्म स्थानों में से एक है।' पिछले साल पूर्व भारतीय तेज गेंदाबज डोडा गणेश ने भी नस्लीय भेदभाव के अनुभव के बारे में बताया था।

खबरें और भी हैं...