वर्ल्ड कप के मेजबान / टूर्नामेंट के 46 दिन में 11 स्टेडियम पर होंगे 48 मैच, लॉर्ड्स में 5वीं बार फाइनल



लॉर्ड्स। लॉर्ड्स।
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लॉर्ड्स।लॉर्ड्स।

  • ब्रिटेन के 10 शहरों में मैच होंगे, रोज बाउल पर पहली बार वर्ल्ड कप के मैच होंगे
  • आठ स्टेडियम 100 साल से ज्यादा पुराने, इनमें 48 में से 36 मैच खेले जाएंगे

Dainik Bhaskar

May 24, 2019, 07:15 AM IST

नई दिल्ली. इंग्लैंड एंड वेल्स में 30 मई से 14 जुलाई के बीच 12वां वनडे वर्ल्ड कप खेला जाएगा। टूर्नामेंट में 45 दिन में 48 मैच होंगे। ये मैच 10 शहरों के 11 स्टेडियम में खेले जाएंगे। इनमें 8 स्टेडियम 100 साल से भी ज्यादा पुराने हैं। 48 में से 36 मैच इन्हीं 8 स्टेडियम पर होंगे। इन सभी स्टेडियम से कोई न कोई कहानी जुड़ी है। कोई दुनिया का सबसे पुराना क्रिकेट स्टेडियम है, तो कोई सबसे नया। रोज बाउल पर पहली बार वर्ल्ड कप होगा। द ओवल स्टेडियम पर इंग्लैंड के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट एफए कप का फाइनल तक हो चुका है।

 

लॉर्ड्स में खेले जाएंगे 5 मैच

  • लॉर्ड्स (लंदन) : यह मैदान 1814 में बना था। इसकी दर्शक क्षमता 28 हजार है। इस मैदान पर फाइनल सहित पांच मैच खेले जाएंगे। यह दुनिया का सबसे पुराना स्टेडियम है। यहां पर 1884 में पहला टेस्ट खेला गया था। स्टेडियम के फाउंडर थॉमस लॉर्ड के नाम पर नाम रखा गया। थॉमस ने 15 साल क्रिकेट खेला था। यह मैदान वर्ल्ड कप इतिहास में पांचवीं बार फाइनल की मेजबानी करेगा। यहां दुनिया का सबसे पुराना स्पोर्ट्स म्यूजियम (एमसीसी म्यूजियम) है। क्रिकेट की कई ऐतिहासिक चीजों के साथ एशेज की राख भी यहीं रखी है। 2005 तक इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) का हेडक्वार्टर भी यहीं था। लंदन का इतिहास 2000 ईसा पूर्व का है। ऐसी भी जानकारी है कि लंदन में फर्स्ट सेंचुरी में रोमन लोगों ने राज किया। यहां 300 से ज्यादा भाषाएं बोलने वाले लोग रहते हैं। भारत ने 8 मैच खेले, 4 जीते, 3 हारे, 1 टाई रहा।
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  • एजबेस्टन (बर्मिंघम) : यह स्टेडियम 1882 में बना था। इसकी दर्शक क्षमता 25,000 है। इस मैदान पर सेमीफाइनल सहित 5 मुकाबले खेले जाएंगे। भारतीय टीम 30 जून को यहां इंग्लैंड और 2 जुलाई को बांग्लादेश के खिलाफ खेलेगी। यहां के दर्शक जोशीले और उत्साही हैं, इसलिए इस स्टेडियम को इंग्लैंड का ईडन गार्डन भी कहते हैं। बर्मिंघम यूरोप का सबसे युवा शहर है। इसकी 40% जनसंख्या की उम्र 25 से कम है। भारत ने यहां 10 मैच खेले, जिसमें 7 जीते, 3 हारे। 
  • ब्रिस्टल काउंटी (ब्रिस्टल) : यह स्टेडियम 1889 में बना था। इसकी दर्शक क्षमता 17,500 है। यहां टूर्नामेंट के तीन मैच खेले जाएंगे। इंग्लैंड के सबसे सफल फर्स्ट क्लास क्रिकेटर डॉ विलियम गिल्बर्ट ग्रेस ने खेल को बढ़ावा देने के लिए 1889 में यह स्टेडियम खरीदा था। एवोन नदी के किनारे बसे इस शहर को 2015 में यूरोपियन ग्रीन कैपिटल का दर्जा दिया गया। यह ब्रिटेन की सबसे पहली साइकल सिटी है। भारत ने 3 यहां मैच खेले, सभी जीते।  सोफिया गार्डंस (कार्डिफ) : यह स्टेडियम 1967 में बना था। इसकी दर्शक क्षमता 15,643 है। यहां पर 4 मुकाबले खेले जाएंगे। यह दूसरा सबसे छोटा स्टेडियम है। सबसे युवा इंटरनेशनल वेन्यू भी है। यहां पहला वनडे 1999 में खेला गया था। नेशनल जियोग्राफिक की रिपोर्ट के अनुसार, कार्डिफ छठा सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला टूरिस्ट डेस्टिनेशन है। यहां की 18.8% जनसंख्या किसी भी धर्म को नहीं मानती। भारत ने 4 मैच में से 3 जीते, 1 हारा।
  • रिवरसाइड (चेस्टर-ली-स्ट्रीट) : यह स्टेडियम 1995 में बना था। इसकी दर्शक क्षमता 20 हजार है। इस बार यहां 3 मैच होंगे। यह ब्रिटेन के सबसे नए मैदानों में से एक है। फर्स्ट सेंचुरी में रोमन लोगों ने स्ट्रीट शहर में चेस्टर नाम का एक किला बनाया। उसी के नाम पर इस शहर का नाम पड़ा। इस शहर में यूनेस्को की वर्ल्ड हैरिटेज साइट ‘डरहम कैसल-डरहम कैथेड्रल’ है। भारत ने 2 मैच खेले, दोनों के रिजल्ट नहीं निकले। हेडिंग्ले (लीड्स) : इस स्टेडियम का निर्माण 1890 में हुआ था। इसकी दर्शक क्षमता 18,350 है। इस बार यहां 4 मैच होंगे। भारतीय टीम 6 जुलाई को श्रीलंका के खिलाफ यहां खेलेगी। 1899 में टेस्ट और 1973 में पहली बार वनडे खेला गया था।, लेकिन टी-20 कभी नहीं हुआ। यहां रग्बी के मैच के अलावा कॉन्सर्ट भी होते हैं। लीड्स ब्रिटेन में रोजगार का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां के 77% लाेग प्राइवेट सेक्टर में हैं।  भारत ने 9 मैच खेले, 3 जीते, 6 हारे।
  • द ओवल (लंदन) : यह स्टेडियम 1845 में बना था। इसकी दर्शक क्षमता 25,500 है। इस बार यहां पर 5 मैच होंगे। भारतीय टीम 9 जून को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलेगी। इंग्लैंड में पहली बार टेस्ट क्रिकेट इसी मैदान पर 1880 में खेला गया। इस मैदान पर 1872 में पहले एफए कप का फाइनल खेला गया था। एफए कप इंग्लैंड का सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट है। भारत ने 15 मैच खेले, 5 जीते, 9 हारे। एक का रिजल्ट नहीं आया।
  • ओल्ड ट्रैफर्ड (मैनचेस्टर) : इस स्टेडियम का निर्माण 1857 में हुआ था। इसकी दर्शक क्षमता 26 हजार है। इस मैदान पर सेमीफाइनल सहित 6 मैच खेले जाएंगे। टूर्नामेंट में भारत का सबसे महत्वपूर्ण मैच 16 जून को पाकिस्तान के खिलाफ यहीं होगा। इसके बाद 27 जून को वेस्टइंडीज खिलाफ भी टीम इंडिया इस मैदान पर खेलेगी। इंग्लैंड के ही फुटबॉल क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड के स्टेडियम का नाम भी ओल्ड ट्रैफर्ड ही है। यहां पर म्यूजिक कॉन्सर्ट भी होते हैं। मैनचेस्टर दुनिया का पहला औद्योगिक शहर है। भारत ने 8 मैच खेले, 3 जीते, 5 हारे।
  • ट्रेंट ब्रिज (नॉटिंघम) : यह स्टेडियम 1841 में बना था। इसकी दर्शक क्षमता 17,500 है। इस बार यहां 5 मैच होंगे। भारतीय टीम 13 जून को न्युजीलैंड के खिलाफ यहां खेलेगी। यह लॉर्ड्स के बाद दुनिया का दूसरा सबसे पुराना क्रिकेट स्टेडियम है। नॉटिंघम को यूनेस्को ने 2015 में ‘सिटी ऑफ लिटरेचर’ का दर्जा दिया है। यहां दुनिया का सबसे पुराना प्रोफेशनल फुटबॉल क्लब नॉट्स काउंटी है। भारत ने 6 मैच खेले, 3 जीते, 3 हारे। 
  • रोज बाउल (साउथम्प्टन) : यह स्टेडियम 2001 में बना था। इसकी दर्शक क्षमता 25 हजार है। इस बार यहां 5 मुकाबले खेले जाएंगे। टीम इंडिया 5 जून को दक्षिण अफ्रीका और 22 जून को अफगानिस्तान से यहां खेलेगी। इस स्टेडियम में पहली बार वर्ल्ड कप के मैच होंगे। यहां के बाहरी हिस्से में 18 होल का गोल्फ कोर्स है। इस स्टेडियम में हर साल नवंबर में आतिशबाजी का प्रदर्शन होता है। भारत ने 3 मैच खेले, 1 जीता, 2 हारे।
  • काउंटी ग्राउंड (टांटन) : यह स्टेडियम 1882 में बना था। इसकी दर्शक क्षमता 12,500 है। यहां पर 3 मैच होंगे। इस मैदान को बनने के बाद 101 साल तक पहले इंटरनेशनल मैच की मेजबानी का इंतजार करना पड़ा। यहां 1983 वर्ल्ड कप का मैच हुआ। यह मौजूदा वर्ल्ड कप का सबसे छोटा स्टेडियम है। यहां बेसबॉल के मैच और कॉन्सर्ट तक हो चुके हैं। भारत ने 1 मैच खेला और जीता।
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