कॉमनवेल्थ क्रिकेट फाइनल में भारत की हार के 3 कारण:34 रन बनाने में 8 खिलाड़ी आउट, बेवजह बॉलिंग एक्सपेरिमेंट पड़ा भारी, ओपनर्स फ्लॉप

बर्मिंघम2 महीने पहले
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बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में क्रिकेट इवेंट के फाइनल में भारतीय महिला टीम का सपना टूट गया। गोल्ड मेडल हाथ आते-आते छूट गया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रविवार (7 अगस्त) को एजबेस्टन में खेले गए मैच में टीम इंडिया को 9 रनों से हार झेलनी पड़ी। इसी के साथ टीम इंडिया को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।

शानदार गेंदबाजी के बावजूद गंवाया मुकाबला
मैच में टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम को भारत ने 8 विकेट पर 161 रनों पर रोक दिया था। ऑस्ट्रेलियाई के लिए बेथ मूनी ने ही 41 बॉल पर सबसे ज्यादा 61 रनों की पारी खेली। जवाब में भारतीय टीम 19.3 ओवरों में 152 रनों पर ही सिमट गई।

टीम इंडिया के लिए कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 43 बॉल पर 65 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन वह टीम को जीत नहीं दिला सकीं। इस मैच में भारतीय टीम आसानी से जीत सकती थी, लेकिन तीन बड़ी गलतियों ने इस सहज मुकाबले को कठिन बना दिया।

उन तीन भूलों के बारे में आपको आगे बताते हैं...

1. बॉलिंग में बेहतरीन शुरुआत का लाभ नहीं उठा सका भारत
भारतीय टीम ने गेंदबाजी में अच्छी शुरुआत की और 9 रनों पर ही पहला विकेट झटक लिया था। इस तरह दबाव के कारण पावरप्ले में कंगारू टीम 1 विकेट पर 43 रन ही बना बना सकी थी। मगर कप्तान हरमनप्रीत ने अगले 4 ओवरों में अलग तरह का एक्सपेरिमेंट किया। उन्होंने चारों ओवर चार अलग-अलग बॉलर से करवाए।

इस तरह ऑस्ट्रेलियाई को क्रीज पर समय बिताते हुए रन गति बढ़ाने का अवसर मिला। फिर 11वें ओवर में मेग लेनिंग रनआउट हो गईं। साथ ही 12वें ओवर में दीप्ति शर्मा ने एक बड़ी सफलता हासिल की। उन्होंने आक्रामक बैटर ताहिला मैक्ग्रा का बड़ा विकेट लिया था। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत ने यहां भी एक बड़ी गलती की। उन्होंने दीप्ति का सही इस्तेमाल नहीं किया और उनके 4 ओवर तीन स्पेल में पूरे कराए गए। यहां ऑस्ट्रेलियाई टीम पर बढ़ते दबाव का फायदा उठाना चाहिए था।

मैच में राधा यादव ने 2 खिलाड़ियों को अपनी शानदार फील्डिंग के दम पर पवेलियन भेजा। पहले उन्होंने कप्तान मेग लैनिंग को खुद गेंदबाजी करते हुए रन आउट किया तो वहीं, ताहलिया मैक्ग्रा का कैच लपका।
मैच में राधा यादव ने 2 खिलाड़ियों को अपनी शानदार फील्डिंग के दम पर पवेलियन भेजा। पहले उन्होंने कप्तान मेग लैनिंग को खुद गेंदबाजी करते हुए रन आउट किया तो वहीं, ताहलिया मैक्ग्रा का कैच लपका।

7वें ओवर में राधा यादव ने 3 रन दिए। 8वें ओवर में स्नेह राणा ने 8 रन दिए। 9वें ओवर में पूजा वस्त्राकर ने 12 रन दिए और 10वें ओवर में हरमनप्रीत ने 17 रन बनवा दिए।

2. ओपनर्स की नाकामी के बाद हरमन के आउट होते ही पलटा मैच

फाइनल में स्मृति मंधाना का बल्ला बिल्कुल नहीं चला और वह केवल 6 रन बनाकर बोल्ड हो गईं।
फाइनल में स्मृति मंधाना का बल्ला बिल्कुल नहीं चला और वह केवल 6 रन बनाकर बोल्ड हो गईं।

162 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने 22 रनों पर ही दो विकेट गंवा दिए थे। ओपनर स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा जल्दी पवेलियन लौट गईं। यहां से कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जेमिमा रोड्रिग्ज ने साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 96 रनों की बड़ी साझेदारी की। भारतीय टीम ने 14 ओवरों में 2 विकेट पर ही 112 रन बना दिए थे। यहां से जीत के लिए 36 बॉल पर सिर्फ 40 रनों की जरूरत थी, मगर जेमिमा और हरमनप्रीत के आउट होते ही पूरी भारतीय टीम तिनकों की तरह बिखर गई। मिडिल ऑर्डर में न पूजा वस्त्राकर चलीं और ना ही दीप्ति शर्मा, स्नेह राणा और राधा यादव। यदि कोई भी खिलाड़ी थोड़ा रुककर खेलता तो मैच बन सकता था।

3. खराब बैटिंग, 34 रन बनाने में गंवाए 8 विकेट
जैसा कि ऊपर बताया है कि भारतीय टीम ने 22 रनों पर ही अपने दोनों ओपनर्स गंवा दिए थे। मगर यहां से टीम को हरमन और जेमिमा ने 96 रनों की साझेदारी कर संभाल लिया था। मगर सबसे बड़ी गलती मिडिल ऑर्डर और निचले क्रम में हुई। भारतीय टीम ने आखिरी 8 विकेट सिर्फ 34 रन बनाने में ही गंवा दिए। तीसरा विकेट 118 के स्कोर पर जेमिमा के रूप में गिरा था। इसके बाद बाकी विकेट एक के बाद एक बहुत जल्द गिर गए।

परिणाम ये रहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार इंट्रोड्यूस किए गए क्रिकेट में भारत इतिहास बनाने से चूक गया।

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