क्रिकेट / भारत अगले दो टेस्ट में से एक भी जीता तो यह विदेश में 86 साल का सबसे अच्छा प्रदर्शन होगा

Dainik Bhaskar

Dec 12, 2018, 08:25 AM IST


India vs Australia second test preview analysis
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India vs Australia second test preview analysis
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  • टेस्ट सीरीज: टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया में इस साल दो टेस्ट मैच और खेलने हैं
  • 1932 से अब तक भारतीय टीम विदेश में एक साल में तीन से अधिक मैच नहीं जीत सकी 
  • 2018 में टीम इंडिया ने 9 में से तीन मैच जीते हैं, 1968 में भी सबसे ज्यादा तीन मैच जीते थे

भास्कर न्यूज। नई दिल्ली. भारतीय टीम ने पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 31 रन से हराकर अच्छी शुरुआत की है। टीम की यह 2018 में विदेशी धरती (एशिया के बाहर) पर तीसरी जीत है। टीम को ऑस्ट्रेलिया में इस साल दो टेस्ट और खेलने हैं। इनमें से टीम यदि एक भी मुकाबला जीत लेती है तो यह विदेशी धरती पर 86 साल में सबसे अच्छा प्रदर्शन होगा। सीरीज का चौथा और अंतिम टेस्ट जनवरी 2019 में होना है। टीम कभी भी विदेशी धरती पर एक साल में चार टेस्ट नहीं जीत सकी है। 1968 में टीम को सबसे ज्यादा तीन जीत मिली थी।

 

टीम इंडिया ने विदेशी धरती पर पहला टेस्ट 1932 में लार्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। यह मैच टीम इंडिया 158 रन से हार गई थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरा टेस्ट 14 दिसंबर से और तीसरा टेस्ट 26 दिसंबर से खेला जाएगा।

 

तीसरी बार एक साल में 10 या उससे अधिक मैच खेले
भारतीय टीम ओवरऑल विदेशी धरती पर तीसरी बार एक साल में 10 या उससे अधिक टेस्ट मैच खेलेगी। 2018 में अब तक खेले 9 मैच में से टीम इंडिया को तीन में जीत मिली है जबकि छह मैच हारे हैं। दो मैच बाकी हैं। इसके पहले 2014 में टीम 10 में से केवल एक मैच में जीत हासिल कर सकी थी जबकि छह मैच हारे थे। तीन मुकाबला ड्रॉ रहा था। 2002 में भारत ने 11 मैच खेले थे। दो जीते जबकि पांच में हार मिली थी। चार मुकाबले ड्रॉ रहे।

 

अंतिम छह विदेशी दौरे में तीन बार एक भी मैच नहीं जीत सके

साल मैच जीते हारे ड्रॉ
2012 3 0 3 0
2013 2 0 1 1
2014 10 1 6 3
2015 1 0 0 1
2016 4 2 0 2
2018 9 3 6 0

नोट: 2017 में टीम ने एशिया के बाहर कोई टेस्ट नहीं खेला था।

 

विदेशी धरती पर विभिन्न टीमों के खिलाफ हमारा प्रदर्शन

देश मैच जीते हारे ड्रॉ
इंग्लैंड 62 7 34 21
ऑस्ट्रेलिया 45 6 28 11
न्यूजीलैंड 23 5 8 10
द. अफ्रीका 20 3 10 7
जिम्बाब्वे 6 3 2 1


नंबर गेम

  •  205 कुल मैच भारत ने खेले हैं विदेशी धरती पर
  •  31 मैच में जीत मिली और 98 में हार झेलनी पड़ी
  •  लेकिन इसके लिए ओपनर्स को फॉर्म में आना होगा

ओपनर्स ने विदेशी दौरों पर चार बार ही की 50+ की साझेदारी

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में हमारे ओपनर्स कुछ खास नहीं सके। दूसरी पारी में लोकेश राहुल ने 44 रन बनाए। विदेशी दौरों भारतीय टीम ने 9 मैच की 18 पारियों में चार बल्लेबाजों को आजमाया है। ये खिलाड़ी 20 की औसत से केवल 709 रन बना सके हैं। इसमें केवल एक शतक शामिल है। राहुल ने 13 पारियों में सबसे ज्यादा 342 बनाए हैं। इसमें एक शतक भी है। मुरली विजय ने 12 पारियों में 157 और धवन ने 10 पारियों 194 रन बनाए हैं। हालांकि धवन को मौजूदा टीम में शामिल नहीं किया गया है। पहले विकेट के लिए पार्टनरशिप की बात की जाए तो हमारे ओपनर्स एक पारी में केवल 23 रन जोड़ते हैं। ओपनर्स विदेशी दौरों पर इस साल केवल चार बार 50 से अधिक रन की साझेदारी कर सके हैं। टीम को यदि सीरीज में जीत हासिल करनी है तो ओपनर्स को फॉर्म में आना होगा।

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