टीम इंडिया की जीत का एनालिसिस:आखिरी 30 में से 22 गेंद स्लोअर फेंक इंग्लैंड को 164 रन पर रोका, फिर विराट के साथ यंगिस्तान के फायर पावर ने दिलाई जीत

अहमदाबाद9 महीने पहले
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पहले मोटी हार, फिर दो दिन बाद ही उससे भी मोटी जीत। एकदम एकतरफा। रविवार वाले मैच में भारत ने इंग्लैंड को 7 विकेट से हरा दिया। टी-20 मुकाबले का ये दूसरा मैच था। अब 1-1 से बराबरी। तीन मैच बाकी हैं। इस बेहतरीन जीत की कई वजहें रहीं। मसलन- डेथ ओवर्स में तेज गेंदबाजों की स्लोअर गेंद, तो युवा बल्लेबाजों का फायरपावर लाल-पीले-नीले, सब रंग में दिखा। तो देखते हैं कि मुकाबले में भारतीय जीत की पांच वजहें कौन-कौन सी थीं। हम नीचे से ऊपर की ओर चलेंगे, यानी पहले पांचवां और आखिर में पहला... आइये...

5. सिक्के की मनमाफिक उछाल
इस मैच में भारतीय टीम की जीत का पांचवां सबसे अहम पहलू विराट का टॉस जीतना रहा। भारतीय टीम पिछले तीन साल में टारगेट का पीछा करते हुए 78% मैच जीतती रही है। इस मुकाबले में भी साबित हुआ कि भारतीय सितारों को चेज करना पसंद है।

4. इंग्लैंड की कमजोर शुरुआत
भुवनेश्वर कुमार ने मैच की तीसरी ही गेंद पर जोस बटलर (0) को आउट कर दिया। आम तौर पर पहली गेंद से आक्रामक खेल दिखाने वाली इंग्लैंड की टीम इस झटके के कारण पावर प्ले के छह ओवर में 44 रन ही बना सकी।

3. स्पिनर्स ने 63 रन देकर तीन विकेट लिए
भारतीय स्पिनर्स के लिए भी यह मैच अच्छा रहा। वॉशिंगटन सुंदर और युजवेंद्र चहल ने कुल 8 ओवर में 63 रन देकर 3 विकेट लिए। सुंदर ने जेसन रॉय और जॉनी बेयरस्टो जैसे खतरनाक बल्लेबाजों के विकेट लिए। वहीं चहल ने डेविड मलान का विकेट लिया। खास बात है कि ये तीनों बल्लेबाज सेट हो गए थे, लेकिन भारतीय स्पिनर्स ने इनकी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदलने दिया।

2. डेथ ओवर्स में बेहतरीन गेंदबाजी
स्पिनर्स ने मिडिल ओवर में इंग्लैंड की पारी को पंख नहीं लगने दिए। वहीं फास्ट बॉलर्स ने डेथ ओवर्स में स्लोअर गेंदों का बेहतरीन इस्तेमाल कर मेहमान टीम को 170 रन के नीचे सीमित कर दिया। शार्दूल ठाकुर, भुवनेश्वर कुमार और हार्दिक पंड्या ने आखिरी पांच ओवर की 30 गेंदों में 22 स्लोअर डाले। इस वजह से इंग्लिश टीम 16वें से 20वें ओवर तक सिर्फ 34 रन बना सकी।

1. ईशान ने 175 और पंत ने 200 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की
इस सीरीज से पहले यह चर्चा हो रही थी कि भारतीय बल्लेबाजों को टी-20 में अधिक आक्रामक रुख अपनाना चाहिए। इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू कर रहे ईशान किशन और ऋषभ पंत ने बताया कि अधिक आक्रामक कैसे हुआ जाता है। ईशान ने 175 और पंत ने 200 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। इनकी तेज बल्लेबाजी से विराट कोहली भी खुल कर खेल पाए। उनका स्ट्राइक रेट भी 148 का रहा।

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