कप्तानी के टेस्ट में KL फेल:जोहान्सबर्ग में राहुल ने की बड़ी गलतियां, IPL में भी बतौर कैप्टन सिर्फ किया निराश

12 दिन पहले

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच जोहान्सबर्ग में खेला गया दूसरा टेस्ट साउथ अफ्रीका ने 7 विकेट से जीत लिया। अफ्रीका के सामने 240 रनों का टारगेट था, जिसे उसने आसानी से 3 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। जीत के साथ ही अफ्रीकी टीम ने 3 मैचों की टेस्ट सीरीज को 1-1 की बराबरी पर ला दिया है।

अनफिट विराट कोहली की गैरमौजूदगी में केएल राहुल ने पहली बार कप्तानी की और इस मुकाबले में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। भारत की हार के साथ ही एक बार फिर से लोकेश राहुल की कप्तानी सवालों के घेरे में आ खड़ी हुई है।

जोहान्सबर्ग में हुई राहुल से बड़ी गलतियां
पहली
गलती: चौथे दिन जब अफ्रीकी टीम बारिश के कारण हुए एक लंबे ब्रेक के बाद मैदान पर उतरी थी, तब टीम के तेज गेंदबाजों से बड़ी उम्मीद जताई जा रही थी। SA का स्कोर 118/2 था और राहुल ने दूसरा ही ओवर आर अश्विन को थमा दिया। हालांकि, अश्विन ने दो ही ओवर डाले, लेकिन 8 रन दे दिए। बारिश के तुरंत बाद पिच तेज गेंदबाजों को मदद कर रही थी। बुमराह की गेंदबाजी से ये साफ झलक रहा था।

अगर दूसरी ओर से भी तेज गेंदबाजी होती तो ये बल्लेबाजों पर और प्रेशर डालती। अश्विन के दो ओवर के चलते अफ्रीकी बल्लेबाजों को थोड़ा सेट होने का मौका मिल गया।

दूसरी गलती: पहली पारी में 7 विकेट लेकर कई रिकॉर्ड बनाने वाले शार्दूल ठाकुर को चौथे दिन 10 ओवर बीत जाने के बाद राहुल ने गेंदबाजी सौंपी। ठाकुर बढ़िया लय में थे और दूसरी पारी में भी एक विकेट ले चुके थे। केएल ने उनका सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया।

IPL में निराश कर चुके हैं राहुल
केएल राहुल को भारतीय टीम के फ्यूचर कैप्टन के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, प्रोफेशनल क्रिकेट में बतौर कप्तान राहुल अभी तक फेल ही साबित हुए हैं। दरअसल, जोहान्सबर्ग टेस्ट से पहले केएल को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में पंजाब किंग्स की कप्तानी करते देखा गया। राहुल ने लगातार दो सीजन पंजाब की कमान संभाली, लेकिन दोनों बार बुरी तरह से नाकामी उनके हाथ लगी।

IPL 2020 में राहुल बतौर खिलाड़ी तो ऑरेन्ज कैप जीतने में सफल रहे, लेकिन कप्तानी में उनके हाथ निराशा ही लगी। 14 मैचों में टीम की कमान संभालते हुए उन्होंने सिर्फ 6 मैच जीते और 8 में हार का सामना करना पड़ा। पंजाब किंग्स पॉइंट्स टेबल में छठे पायदान पर रही। IPL 2021 में भी केएल की कप्तानी पूरी तरह से निराश करने वाली थी। टीम फिर से पॉइंट्स टेबल में छठे पायदान पर रही और 14 में से केवल 6 मुकाबले जीते।

कप्तान के तौर पर सिर्फ बल्ले से चमकना काफी नहीं
IPL 2020 में राहुल ने 55.83 की औसत से 670 रन बनाए, तो IPL 2021 में उनके बल्ले से 62.60 की शानदार औसत के साथ 626 रन देखने को मिले। बतौर कप्तान लोकेश राहुल ने बल्ले से तो महफिल लूट ली, लेकिन क्या ये काफी था...

मुजीब उर रहमान जैसे स्टार स्पिनर को केएल राहुल ने IPL 2020 में केवल दो मैच खिलाए। ये टूर्नामेंट UAE में खेला गया था, जहां स्पिनर्स बड़ा रोल निभाते हैं। इसी सीजन में सरफराज खान के बार-बार फेल होने के बाद राहुल ने उनको कई मौके दिए।

IPL 2021 को ही ले लीजिए। IPL 2020 की सबसे बड़ी खोज रहे युवा लेग स्पिनर रवि बिश्नोई को 2021 के IPL सीजन में राहुल ने सिर्फ 9 मैचों में मौका दिया। 2021 में जब टीम लगातार मैच हार रही थी, तब राहुल ने बिश्नोई पर दांव लगाया था और उन्होंने भी फेज-2 के 5 मैचों में 8 विकेट हासिल किए।

ये सब पॉइंट ये साफ दर्शाते हैं कि पिछले कुछ सालों में केएल राहुल की बल्लेबाजी में तो बदलाव जरूर आया है, लेकिन बतौर कप्तान उन्हें अभी भी खुद को साबित करना बाकी है।