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सात साल बाद झलका कोहली का दर्द:भारतीय कप्तान बोले- 2014 में पीठ दर्द से था परेशान; फिटनेस ट्रेनर के कहने पर आया सुधार

2 महीने पहले
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भारतीय कप्तान विराट कोहली अपने खेल के साथ-साथ फिटनेस के लिए भी जाने जाते हैं। मैदान पर कोहली को हमेशा अपना 120 प्रतिशत देते देखा जा सकता है। हालांकि, विराट के करियर में एक दौर ऐसा भी आया जब पीठ दर्द की समस्या से वह बहुत परेशान थे, लेकिन टीम इंडिया के पूर्व फिटनेस कोच शंकर बासु की देखरेख में वह इससे छुटकारा पाने में सफल रहे।

कोच ने किया वजन उठाने के लिए प्रेरित
विराट कोहली ने शंकर बासु की बुक '100, 200 प्रैक्टिकल एप्लीकेशन इन स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग' के शुरुआत में लिखा कि किस तरह से फिटनेस कोच ने उन्हें वजन उठाने के लिए प्रेरित किया। जिससे उन्हें दुनिया के सबसे फिट खिलाड़ियों की सूची में शामिल होने में मदद मिली।

पीठ दर्द से काफी परेशान थे विराट
कोहली ने लिखा- 2014 के आखिरी महीनों में मैं पीठ दर्द से काफी परेशान रहा जो जाने का नाम नहीं ले रहा था। प्रत्येक सुबह मुझे अपनी पीठ को ढीला करने के लिए 45 मिनट तक कसरत करनी पड़ती थी, लेकिन दिन में किसी भी समय वह फिर से जकड़ जाती। इसके बाद बासु सर और मेरी वजन उठाने और मेरे शरीर की पूरी ताकत वापस लाने के बारे में बात हुई।

शंकर बासु के साथ विराट कोहली।
शंकर बासु के साथ विराट कोहली।

शंकर बासु ने दिलाया था भरोसा
शंकर बासु 2015 से 2019 तक टीम इंडिया के फिटनेस ट्रेनर रह चुके हैं और मौजूदा समय में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए यह भूमिका निभा रहे हैं। भारतीय कप्तान ने आगे लिखा- पहले मैं वजन उठाने लेकर पूरी तरह से तैयार नहीं था, लेकिन बासु सर ने मुझसे केवल एक बात कही थी कि भरोसा रखो। मुझे उनके अनुभव पर पूरा भरोसा था।

मुझे मिले बेहतर परिणाम
कोहली ने कहा- मुझे श्रीलंका के खिलाफ 2015 में हमारी सीरीज की याद है। मैंने बासु सर से वजन उठाना सीखना शुरू कर दिया था। मैंने इसको लेकर किए गए अध्ययन को समझा और महसूस किया कि मैं कुछ अद्भुत करने की दिशा में काम कर रहा हूं। इसके परिणाम बेजोड़ थे जिससे शरीर की ताकत को लेकर मेरी धारणा ही बदल गई।

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