BCCI सिलेक्शन कमेटी में सभी गेंदबाज:5 बॉलर्स में से 4 पेसर; इन सभी ने कुल मिलाकर 53 टेस्ट और 220 वनडे ही खेले

मुंबईएक वर्ष पहले
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने गुरुवार को सीनियर नेशनल सिलेक्शन कमेटी के 3 नए सदस्यों के नाम का ऐलान किया। ये हैं- चेतन शर्मा, अभय कुरुविला और देवाशीष मोहंती। सुनील जोशी और हरविंदर सिंह पहले से ही कमेटी में हैं। अब इसे संयोग कहें या कुछ और कि यह पांचों सिलेक्टर्स गेंदबाज हैं और सभी भारत के लिए खेल चुके हैं।

कमेटी में चीफ सिलेक्टर चेतन शर्मा समेत 4 पेस बॉलर हैं। सुनील जोशी स्पिनर हैं। सभी के अनुभव की बात करें तो इनमें चेतन ने सबसे ज्यादा 23 टेस्ट खेले हैं। सभी ने कुल मिलाकर 53 टेस्ट और 220 वनडे ही खेले हैं। नई चयन समिति इंग्लैंड के खिलाफ अगले साल फरवरी में होने वाली होम सीरीज के लिए टीम चुनेगी।

सिलेक्टर्स को सिलेक्ट करने वाली CAC में भी 3 में से 2 गेंदबाज
नई सिलेक्शन कमेटी का चयन क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी (CAC) ने किया है। इसमें 3 मेंबर हैं। दो पुरुष और एक महिला। मदन लाल और आरपी सिंह तेज गेंदबाज रहे हैं। महिला सदस्य सुलक्षणा नाइक विकेटकीपर रही हैं। CAC ने सीनियर नेशनल सिलेक्शन कमेटी के 3 नए सदस्य चुनने के लिए 11 लोगों का इंटरव्यू लिया था।

वर्ल्ड कप में पहली हैट्रिक लेने वाले बॉलर हैं चेतन शर्मा
चेतन ने 11 साल के इंटरनेशनल करियर में 23 टेस्ट और 65 वनडे खेले। वे वर्ल्ड कप में पहली हैट्रिक लेने वाले गेंदबाज भी हैं। 1987 वर्ल्ड कप में उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ यह सम्मान हासिल किया था। 16 साल की उम्र में चेतन ने हरियाणा के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। दिसंबर 1983 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे डेब्यू किया। उन्होंने टेस्ट में 61 और वनडे में 67 विकेट अपने नाम किए।

देवाशीष ने 2 और हरविंदर ने 3 टेस्ट खेले
देवाशीष और हरविंदर का टेस्ट क्रिकेट में ज्यादा अनुभव नहीं रहा। देवाशीष ने 1997 में श्रीलंका के खिलाफ सिर्फ 2 ही टेस्ट खेले हैं। हरविंदर ने भी 3 ही टेस्ट खेले हैं। यह मैच उन्होंने 1998 से 2001 के बीच ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के खिलाफ खेले।

इन 4 मुद्दों पर भास्कर क्रिकेट एक्सपर्ट की राय...

1. क्या पहली बार सिलेक्शन कमेटी में सभी पूर्व गेंदबाजों को शामिल किया?
क्रिकेट एक्सपर्ट अयाज मेमन ने कहा, ‘‘जहां तक मुझे याद है पहली बार ऐसा हुआ है।’’

2. क्या पहली बार कम अनुभवी सिलेक्शन कमेटी सिलेक्ट की गई?
मेमन ने कहा, ‘‘इससे पहले वाली सिलेक्शन कमेटी को देखा जाए तो तब भी यही हाल था। पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद की सिलेक्शन कमेटी के सदस्यों के कुल मैच देखे जाएं तो मुझे लगता है कि 50 से भी कम होंगे।’’

3. क्या जानबूझकर कमजोर सिलेक्शन कमेटी को सिलेक्ट किया जाता है?
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा नहीं। अभी तो क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी (CAC) है, जो सिलेक्टर्स का सिलेक्शन कर रही है। CAC उन लोगों का चयन करती है, जो दिग्गज खिलाड़ी, पूर्व सिलेक्टर या कमेंटेटर रहे हैं। यदि 70-80 साल के खिलाड़ी को चुना जाता है, तो भी सवाल उठने लगेंगे कि उनको तो मॉडर्न क्रिकेट के बारे में कुछ पता ही नहीं है। सभी को 100% खुश रखना मुमकिन नहीं है।’’

4. CAC की जरूरत है या नहीं?
मेमन ने कहा, ‘‘मेरे हिसाब से तो उसकी (CAC) की जरूरत नहीं है। पहले कोच और फिर सिलेक्टर्स के चयन के लिए इसे लाया गया। इसकी जरूरत इसलिए है कि कोई बोर्ड पर कोई पक्षपात का आरोप नहीं लगा सके। इसलिए CAC को बनाया गया। यह भी जरूरी नहीं है कि सीनियर सिलेक्शन कमेटी के सभी सदस्य अलग-अलग जोन के ही हों।’’