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वर्ल्ड कप / विदेशों में बसे भारतीयों को जोड़ रहा क्रिकेट, सिंगापुर-अमेरिका से इंग्लैंड पहुंच रहे लोग



अभंग नायक (दाएं से दूसरे) परिवार के साथ वर्ल्ड कप देखने इंग्लैंड गए हैं। वे 2015 में ऑस्ट्रेलिया भी गए थे। उनके साथ टीम के प्रशंसक सुधीर। अभंग नायक (दाएं से दूसरे) परिवार के साथ वर्ल्ड कप देखने इंग्लैंड गए हैं। वे 2015 में ऑस्ट्रेलिया भी गए थे। उनके साथ टीम के प्रशंसक सुधीर।
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अभंग नायक (दाएं से दूसरे) परिवार के साथ वर्ल्ड कप देखने इंग्लैंड गए हैं। वे 2015 में ऑस्ट्रेलिया भी गए थे। उनके साथ टीम के प्रशंसक सुधीर।अभंग नायक (दाएं से दूसरे) परिवार के साथ वर्ल्ड कप देखने इंग्लैंड गए हैं। वे 2015 में ऑस्ट्रेलिया भी गए थे। उनके साथ टीम के प्रशंसक सुधीर।

  • अमेरिका में रहने वाले अभंग के मुताबिक, उनके बच्चे भी क्रिकेट के फैन हैं
  • वहीं सिंगापुर के रहने वाले विवेक इस वर्ल्ड कप को देखने के लिए दो साल से पैसे जुटा रहे थे

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2019, 12:40 PM IST

सिवाकुमार उलगनाथन, बीबीसी. क्रिकेट और खासकर भारतीय क्रिकेट के चाहने वाले दुनियाभर में हैं। वर्ल्ड कप के मैच देखने के लिए इंग्लैंड पहुंचे मुंबई के अभंग नायक बताते हैं- “वर्ल्ड कप तो एक त्योहार की तरह है। इसे कैसे मिस किया जा सकता है? हम लोग हमेशा इसके लिए पैसे बचाने की योजना बनाते हैं। 4 साल पहले हम ऑस्ट्रेलिया गए थे और अब ब्रिटेन आए हैं। क्रिकेट के लिए कुछ भी कर सकते हैं।”

 

अभंग ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और अमेरिका में रहते हैं। यहां इनका बिजनेस है। अभी वे पत्नी-बच्चों के साथ कैलिफोर्निया में रहते हैं। क्रिकेट के लिए अपने प्यार को बयां करते हुए अभंग कहते हैं- “मैं 25 साल पहले अमेरिका आया था। इस दौरान कई चीजें बदल गईं, लेकिन क्रिकेट के लिए हमारी दीवानगी नहीं बदली। ये हमें हमेशा भारत के साथ जोड़े रखता है। यूं तो अमेरिका में बास्केटबॉल और फुटबॉल का ज्यादा क्रेज रहता है। मेरे बच्चे भी ये खेल ही खेलते हैं, पर क्रिकेट के लिए हमारा जुनून कम नहीं होता।”

 

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अभंग के परिवार में क्रिकेट को लेकर इतना उत्साह उन्हीं से शुरू हुआ था। इसके बाद उनकी पत्नी पद्मजा भी क्रिकेट में दिलचस्पी लेने लगीं। अब बच्चे भी क्रिकेट के इस जुनून को आगे ले जा रहे हैं। पद्मजा बताती हैं- “मेरे बच्चे सॉकर और टेनिस जैसे खेल भी खेलते हैं, लेकिन क्रिकेट से उन्हें बहुत प्यार है। अमेरिका का समय भारत से काफी अलग है।” 

 

टेक्सस में शुरू किया क्रिकेट क्लब
अभंग के बड़े बेटे शुभांकर बताते हैं- “जब हम पहले टेक्सस में थे तो वहां क्रिकेट क्लब में खेला करते थे। पर कैलिफोर्निया आने के बाद हमें पता चला कि यहां कोई क्रिकेट क्लब ही नहीं है। हमने अपना क्रिकेट क्लब शुरू किया, जहां दोस्तों को क्रिकेट सिखाते हैं। अब मेरे दोस्त क्रिकेट को लेकर उत्सुक रहते हैं।” शुभांकर के पास साझा करने के लिए एक अनोखी कहानी है। इनको स्कूल में एक प्रोजेक्ट मिला था, जिसमें इन्हें पसंदीदा खिलाड़ी को खत लिखना था। इन्होंने वॉर्न को खत लिखा था और वॉर्न ने इसका जवाब दिया था। 

 

सिंगापुर से परिवार के 7 सदस्यों समेत पहुंचे विवेक
इसी तरह विवेक भी मूल रूप से तमिल हैं, लेकिन 2 दशक से सिंगापुर में रह रहे हैं। इनके पिता सुदर्शन 25 साल पहले सिंगापुर गए थे, जिसके बाद इनका पूरा परिवार वहीं बस गया। विवेक का 7 सदस्यों वाला परिवार ब्रिटेन आया हैं। विवेक बताते हैं- “हम पूरा टूर्नामेंट देखना चाहते थे लेकिन सिंगापुर में हमारी एक कंपनी है जिसके कारण हमें 10-15 दिनों के अंदर ही वापस जाना होगा। पैसे की इतनी दिक्कत नहीं है, पर कंपनी और बच्चों का स्कूल जरूरी है।” 

 

विवेक का परिवार 2 साल पहले से वर्ल्ड कप देखने के लिए पैसे जुटा रहा था। उनके पिता सुदर्शन बताते हैं- “जब हम सिंगापुर आए थे तो क्रिकेट को अपने साथ ही लाए थे। पहले मैं गावस्कर और द्रविड़ का बड़ा फैन था और अब एमएस धोनी का। मैंने अपना सारा जीवन क्रिकेट के साथ काटा। अब खुशी है कि बेटे और पोते भी क्रिकेट को लेकर उतनी ही रुचि रखते हैं।” 

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