ट्रायल / अंपारिंग के स्तर को सुधारने के लिए आईसीसी का नया प्रयोग, अब टीवी अंपायर नो-बॉल देंगे



प्रतिकात्मक फोटो। प्रतिकात्मक फोटो।
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प्रतिकात्मक फोटो।प्रतिकात्मक फोटो।

  • यह नियम किस सीरीज में ट्रायल के तौर पर लागू किया जाएगा इसका फैसला अभी नहीं
  • 2016 में इंग्लैंड-पाकिस्तान के बीच वनडे सीरीज में इसका ट्रायल किया गया था

Dainik Bhaskar

Aug 07, 2019, 05:26 PM IST

दुबई. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) अंपारिंग के स्तर को सुधारने के लिए गेंदबाजों के क्रीज से बाहर होने पर नो-बॉल देने का अधिकार टीवी अंपयार को देगी। यह टी-20 और वनडे में अभी ट्रायल के तौर पर लागू होगा। हालांकि, आईसीसी ने यह फैसला नहीं किया कि इस नियम को अगले छह महीनों में कौन-कौन सी सीरीज में ट्रायल के तौर पर लागू किया जाएगा। पिछली बार 2016 में इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच वनडे सीरीज में इसका ट्रायल किया गया था, लेकिन इस बार इसे बड़े स्तर पर होगा।

 

'क्रिकइंफो' ने आईसीसी महाप्रबंधक जोफ एलरडाइस के हवाले से बताया, "हां ऐसा है। तीसरे अम्पायर को आगे का पांव पड़ने के कुछ सेकेंड के बाद फुटेज दी जाएगी। वह मैदानी अम्पायर को बताएगा कि नो बॉल है या नहीं। इसलिए गेंद को तब तक मान्य माना जाएगा जबतक अम्पायर कोई अन्य फैसला नहीं लेता।’

 

‘फुटेज हमेशा ब्रॉडकास्ट नहीं होगा’
पिछले ट्रायल के दौरान थर्ड अम्पायर को फुटेज देने के लिए एक हॉकआई ऑपरेटर का उपयोग किया गया था। एलरडाइस ने कहा, "फुटेज थोड़ी देरी से दिखाई जाती है। जब पांव लाइन की तरफ बढ़ता है तो फुटेज स्लो मोशन में दिखाई जाती है। यह फुटेज लाइन पर पड़ते समय रुक जाती है। फुटेज के आधार पर थर्ड अम्पायर निर्णय लेता है। इसे हमेशा ब्रॉडकास्ट नहीं किया जाता।’ आईसीसी की क्रिकेट समिति चाहती है कि इस नियम को छोटे फॉर्मेट में ज्यादा से ज्यादा उपयोग में लाया जाए।

 

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