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आईपीएल एनालिसिस / चेन्नई सबसे महंगी टीम, बेंगलुरु 74 करोड़ खर्च करने के बावजूद आखिरी स्थान पर रही



IPL 2019 Analysis: Chennai Super Kings IPl's Most Expensive Team, After spending 74 Crore RCB ended at the last position
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IPL 2019 Analysis: Chennai Super Kings IPl's Most Expensive Team, After spending 74 Crore RCB ended at the last position

  • चेन्नई ने इस सीजन में 23 खिलाड़ियों को रिटेन किया था
  • बेंगलुरु ने 9 खिलाड़ियों को खरीदा, 14 को रिटेन किया था
  • बेंगलुरु की टीम लगातार तीसरे सीजन में प्लेऑफ में नहीं पहुंची

Dainik Bhaskar

May 15, 2019, 07:19 AM IST

खेल डेस्क. आईपीएल में खिलाड़ियों पर खर्च करने के मामले में चेन्नई इस सीजन की सबसे महंगी टीम रही। उसके खिलाड़ियों की कुल कीमत 78.8 करोड़ रुपए थी। वहीं, उससे 4.8 करोड़ कम खर्च करने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम आखिरी स्थान पर रही। चैम्पियन बनी मुंबई ने खिलाड़ियों पर 77.95 करोड़ रुपए खर्च किए। वह सीजन की दूसरी महंगी टीम थी। वहीं, दिल्ली कैपिटल्स ने सबसे कम 58 करोड़ खर्च किए।

 

सिर्फ दो टीमों के खिलाड़ियों की कुल कीमत 70 करोड़ से नीचे
दिल्ली के अलावा सिर्फ हैदराबाद की टीम ऐसी थी, जिसने खिलाड़ियों पर 70 करोड़ से कम खर्च किए थे। हैदराबाद के खिलाड़ियों की कुल कीमत 69.75 करोड़ थी। उसने इस नीलामी में 4.4 करोड़ खर्च किए, जबकि दिल्ली ने 17.6 करोड़ खर्च किए थे। 

 

दिल्ली

 

प्लेऑफ में दिल्ली ने हैदराबाद को हराया था
खिलाड़ियों पर कम खर्च के बावजूद दोनों टीमों का प्रदर्शन सीजन में बेहतरीन रहा। दिल्ली की टीम जहां 2012 के बाद पहली बार प्लेऑफ में पहुंची, वहीं हैदराबाद ने लगातार तीसरी बार अंतिम-4 में स्थान पक्का किया। एलिमिनेटर में दिल्ली ने हैदराबाद को हराया और क्वालिफायर-2 में चेन्नई ने उसे हरा दिया।

 

पंजाब ने 13 खिलाड़ी खरीदे, छठे स्थान पर रहा
सीजन की नीलामी में पंजाब ने सबसे ज्यादा 13 खिलाड़ी खरीदे, लेकिन उसके प्रदर्शन में ज्यादा सुधार नहीं हुआ। वह अंक तालिका में पिछले साल की तुलना में एक स्थान ऊपर छठे नंबर पर रही। पिछले साल सातवें स्थान पर थी। टीम 2014 के बाद से प्लेऑफ में जगह नहीं बना सकी। 2014 में वह पहले स्थान पर थी।

 

रसेल

 

तीन टीमों ने 9-9 खिलाड़ी खरीदे, सिर्फ एक प्लेऑफ में पहुंची
नीलामी में दिल्ली, बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स ने पंजाब के बाद सबसे ज्यादा 9-9 खिलाड़ी खरीदे। इन तीनों में सिर्फ एक ही टीम दिल्ली प्लेऑफ में पहुंच सकी। बेंगलुरु एक तरह जहां आठवें स्थान पर रही। वहीं, राजस्थान की टीम सातवें नंबर पर रही। राजस्थान को तो सीजन में दो बार कप्तान भी बदलना पड़ा। पहले अजिंक्य रहाणे कप्तान थे, इसके बाद स्टीव स्मिथ बने। स्मिथ के जाने के बाद वापस रहाणे कप्तान बने।

 

तीन टीमों ने ट्रेडिंग से खिलाड़ियों को नहीं बदला

टीम इस बार खरीदे गए खिलाड़ी ट्रेडिंग से मिले खिलाड़ी  कुल खिलाड़ी प्रदर्शन
मुंबई 6 1 24 विजेता
चेन्नई 2 0 25 उपविजेता
दिल्ली 9 1 24 प्लेऑफ
हैदराबाद 3 3 23 प्लेऑफ
कोलकाता 8 0 21 5वां स्थान
पंजाब 13 1 23 छठा स्थान
राजस्थान 9 0 25 7वां स्थान
बेंगलुरु 9 1 24 8वां स्थान


ट्रेडिंग विंडो क्या है?
आईपीएल गवर्निंग काउंसिल ने 2018 में पहली बार खिलाड़ियों को बदलने की प्रक्रिया शुरू की। यह फुटबॉल की तरह है। इसमें एक खिलाड़ी एक टीम से दूसरी टीम में जा सकता है, लेकिन उसके कई नियम हैं।

 

  • ट्रेडिंग दो बार की जा सकती है। पहली- सीजन के पहले और दूसरी- सीजन के बीच में।
  • सीजन शुरू होने से पहले किसी भी खिलाड़ी की अदला-बदली की जा सकती है। इसके लिए ट्रेड किए जा रहे खिलाड़ियों की सहमति जरूरी है।
  • सीजन के बीच में उन्हीं खिलाड़ियों की अदला-बदली हो सकती है, जो एक भी अंतरराष्ट्रीय और सीजन के दौरान दो से ज्यादा मैच नहीं खेले हो।

 

उदाहरण : दिल्ली ने ट्रेडिंग के जरिए हैदराबाद से शिखर धवन को लिया। हैदराबाद ने 2018 में उन्हें 5.2 करोड़ में खरीदा था। धवन के बदले हैदराबाद ने विजय शंकर (3.2 करोड़ रुपए), अभिषेक शर्मा (55 लाख) और शाहबाज नदीम (3.20 करोड़) को टीम में लिया। इस तरह हैदराबाद ने 6.95 करोड़ रुपए में तीन खिलाड़ी हासिल कर लिए। उसे दिल्ली को 1.75 करोड़ रुपए देने पड़े।

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