एनालिसिस / फॉर्म में आए चेन्नई के ओपनर्स, सबसे बड़ी साझेदारी की; पहली बार एक मैच में दोनों की फिफ्टी

Dainik Bhaskar

May 11, 2019, 11:56 AM IST



IPL 2019 Qualifier 2 Match analysis CSK v DC: du Plessis, Shane Watson fifties help CSK beat Delhi
दिल्ली के खिलाफ फाफ डुप्लेसिस ने 37 और शेन वॉटसन ने 31 गेंद पर अपने अर्धशतक पूरे किए। दिल्ली के खिलाफ फाफ डुप्लेसिस ने 37 और शेन वॉटसन ने 31 गेंद पर अपने अर्धशतक पूरे किए।
दिल्ली के खिलाफ फाफ डुप्लेसिस (बाएं) और शेन वॉटसन ने 50-50 रन की पारी खेली। दिल्ली के खिलाफ फाफ डुप्लेसिस (बाएं) और शेन वॉटसन ने 50-50 रन की पारी खेली।
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IPL 2019 Qualifier 2 Match analysis CSK v DC: du Plessis, Shane Watson fifties help CSK beat Delhi
दिल्ली के खिलाफ फाफ डुप्लेसिस ने 37 और शेन वॉटसन ने 31 गेंद पर अपने अर्धशतक पूरे किए।दिल्ली के खिलाफ फाफ डुप्लेसिस ने 37 और शेन वॉटसन ने 31 गेंद पर अपने अर्धशतक पूरे किए।
दिल्ली के खिलाफ फाफ डुप्लेसिस (बाएं) और शेन वॉटसन ने 50-50 रन की पारी खेली।दिल्ली के खिलाफ फाफ डुप्लेसिस (बाएं) और शेन वॉटसन ने 50-50 रन की पारी खेली।

  • क्वालिफायर-2 में दिल्ली के खिलाफ वॉटसन-डुप्लेसिस ने पहले विकेट के लिए 81 रन जोड़े
  • 16 मैच में सिर्फ तीसरी बार ही चेन्नई के ओपनर्स 50 से ज्यादा रन की साझेदारी कर पाए

खेल डेस्क. चेन्नई सुपरकिंग्स ने शुक्रवार रात आईपीएल के क्वालिफायर-2 में दिल्ली कैपिटल्स को 6 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ ही वह फाइनल में पहुंच गया। चेन्नई के लिए मैच में उसके ओपनर्स शेन वॉटसन (50 रन) और फॉफ डुप्लेसिस (50 रन) ने जीत की नींव रखी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 81 रन की साझेदारी की। यह इस सीजन में उसके ओपनर्स की सबसे बड़ी साझेदारी है। दोनों ने किसी एक मैच में पहली बार अर्धशतक लगाए।


चेन्नई की सबसे कमजोर कड़ी थे ओपनर्स
टीम के लिए सीजन में अब तक सबसे कमजोर कड़ी उसके ओपनर्स ही थे। वे इस मैच से पहले दो बार ही 50 से ज्यादा रन की साझेदारी कर पाए थे। पिछले 6 मैच में उसके ओपनर्स पहले विकेट के लिए एक बार ही दहाई के अंक में साझेदारी कर पाए।

 

चेन्नई के ओपनर्स की साझेदारी 10 बार दहाई के अंक तक नहीं पहुंची

मैच किसके खिलाफ पहला विकेट गिरा
पहला बेंगलुरु 08 रन
दूसरा दिल्ली 21 रन
तीसरा राजस्थान 01 रन
चौथा मुंबई 01 रन
पांचवां पंजाब 56 रन
छठा कोलकाता 58 रन
सातवां राजस्थान 00 रन
आठवां कोलकाता 29 रन
नौवां हैदराबाद 79 रन
दसवां बेंगलुरु 06 रन
11वां हैदराबाद 03 रन
12वां मुंबई 09 रन
13वां दिल्ली 04 रन
14वां पंजाब 30 रन
प्लेऑफ मुंबई 06 रन
प्लेऑफ दिल्ली 81 रन

 

धोनी ने ताहिर से पहले जडेजा को गेंद सौंपी
मैच में धोनी ने अपने अनुभव का इस्तेमाल किया। उन्होंने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया। हरभजन सिंह से पावर प्ले में ही गेंदबाजी कराई। धोनी ज्यादातर मैच में रविंद्र जडेजा से इमरान ताहिर के बाद गेंदबाजी कराते थे, लेकिन दिल्ली के खिलाफ जडेजा को पहले गेंद सौंपी। जडेजा ने कॉलिन मुनरो को विकेट ले लिया। यहां से मैच में चेन्नई का पलड़ा भारी हुआ। नतीजा यह रहा कि दिल्ली 147 रन का स्कोर ही बना पाया।

 

धोनी ने खिलाड़ियों पर भरोसा कायम रखा
धोनी की उम्र 37 साल, जबकि अय्यर की उम्र 23 साल है। धोनी उनके मुकाबले 14 साल बड़े हैं। उन्होंने 3 बार आईपीएल खिताब भी अपने नाम किया है। इस मैच में अय्यर की टीम बिखरी-बिखरी नजर आई। टूर्नामेंट के अहम पड़ाव पर धोनी ने टीम को एकजुट किया। शेन वॉटसन, अंबाती रायडू जैसे खिलाड़ी ग्रुप स्टेज में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाए थे, लेकिन उन्हें लगातार मौके दिए।

 

अय्यर की कप्तानी में अनुभव की कमी
अय्यर ने मैच में क्रिस मॉरिस जैसे अनुभवी ऑलराउंडर को बाहर बैठाकर रखा। उनकी जगह शेरफेन रदरफोर्ड और कीमो पॉल को तरजीह दी। पॉल ने कई मैच में बेहतर गेंदबाजी की, लेकिन रदरफोर्ड बल्लेबाजी में कुछ खास नहीं कर पाए। उन्होंने 7 मैच में 14.60 की औसत से 73 रन ही बनाए। पॉल ने इस मैच में 3 ओवर में 49 रन दिए। यहीं से दिल्ली की टीम पिछड़ती चली गई। चेन्नई के शार्दुल ठाकुर ने पहले ओवर में 13 रन दिए थे, उसके बाद धोनी ने उनसे गेंदबाजी नहीं कराई थी।

 

शुरुआती बल्लेबाजों के आउट होने से दिल्ली फ्लॉप
दिल्ली की सबसे बड़ी कमजोरी उसके मध्यक्रम के बल्लेबाज रहे। इस मैच में उसके ओपनर्स पावर प्ले में आउट हो गए। उसके बाद मध्यक्रम फिर से फ्लॉप हो गया। ऋषभ पंत ही 38 रन बना पाए। कप्तान अय्यर 13, अक्षर पटेल 3 और शेरफेन रदरफोर्ड 10 रन ही बना पाए। टीम प्रबंधन ने आक्रामक बल्लेबाज रदरफोर्ड की जगह कामचलाऊ बल्लेबाज अक्षर को बल्लेबाजी के लिए पहले भेजा। यह दांव उल्टा पड़ा।

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