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IPL में नहीं होगा सॉफ्ट सिग्नल:BCCI ने विवादित नियम को लीग से हटाया; अब फील्ड अंपायर के नो-बॉल और शॉर्ट रन के फैसले को भी बदल सकेंगे थर्ड अंपायर

मुंबई3 महीने पहले
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इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 14वें सीजन से पहले BCCI ने विवादों में आए सॉफ्ट सिग्नल पर बड़ा फैसला किया है। इस सीजन में बोर्ड ने इस सिस्टम को हटा दिया है। अब थर्ड अंपायर किसी फैसले को थर्ड अंपायर को ट्रांसफर करने से पहले सॉफ्ट सिग्नल नहीं दे पाएंगे। यहीं नहीं, थर्ड अंपायर अब फील्ड अंपायर के नो-बॉल और शॉर्ट रन के फैसले को भी बदल सकेंगे। इससे पहले भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने भी मांग की थी कि सॉफ्ट सिग्नल के नियम को हटा देना चाहिए क्योंकि ऐसे फैसले मैच का रुख बदल सकते हैं।

थर्ड अंपायर को करना होगा फैसला
दरअसल, अब तक फील्ड अंपायर किसी फैसले पर कन्फ्यूजन की स्थिति में थर्ड अंपायर के पास मामला ट्रांसर्फर करते थे, तो उससे पहले उन्हें सॉफ्ट सिग्नल के तहत अपना फैसला देना होता था। अब ऐसा नहीं होगा। बोर्ड ने बताया कि इस सिस्टम से थर्ड अंपायर बिना किसी दबाव के स्वतंत्र होकर निष्पक्ष निर्णय दे सकेंगे। फील्ड अंपायर के सॉफ्ट सिग्नल देने पर थर्ड अंपायर भ्रमित हो जाता था, जिससे कई बार थर्ड अंपायर के फैसले पर इसका असर पड़ता था।

कमर के ऊपर की नो-बॉल को भी बदल सकेंगे
IPL 2021 के लिए नियमों में किए गए बदलाव के तहत अब थर्ड अंपायर कमर के ऊपर की नो-बॉल के फील्ड अंपायर के फैसले को भी पलट सकता है। थर्ड अंपायर शॉर्ट रन की भी जांच कर सकता है कि वह शॉर्ट रन था या नहीं। उसे लगता है कि फील्ड अंपायर का फैसला गलत है तो वह इसे बदल सकता है।

IPL 2020 में शॉर्ट रन को लेकर हुआ था विवाद
पिछले साल हुए IPL में दिल्ली कैपिटल और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच हुए मैच के दौरान पंजाब के बल्लेबाज के रन को फील्ड अंपायर ने शॉर्ट रन करार दिया था। इस मैच में किंग्स इलेवन पंजाब को सुपर ओवर में हार का सामना करना पड़ा था। पंजाब की ओर से इस मामले की अधिकारिक शिकायत भी की गई थी।

इंग्लैंड सीरीज से विवादों में आया सॉफ्ट सिग्नल
भारत और इंग्लैंड के बीच हुई टी-20 सीरीज के चौथे मैच में सूर्यकुमार यादव के बाउंड्री के पास कैच आउट के बाद सॉफ्ट सिग्नल विवादों में आया। इसमें फील्ड अंपायर ने उन्हें सॉफ्ट सिग्नल के तहत आउट दिया। पर्याप्त सबूत न होने की वजह से थर्ड अंपायर ने नियमों के तहत फील्ड अंपायर के फैसले को ही सही माना। इसके बाद कोहली ने सॉफ्ट सिग्नल को खत्म करने की मांग की थी।

90 मिनट में फेंकने होंगे 20 ओवर
इस बार टीमों को 90 मिनट के अंदर 20 ओवर फेंकने होंगे। BCCI ने मैच के समय नियंत्रण को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। पहले टीमों को 90 वें मिनट में 20 ओवर शुरू करना जरूरी था। लेकिन IPL-14 वें नए नियमों के तहत 90 मिनट में 20 ओवर खत्म होना चाहिए। वहीं हर घंटे में औसतन 14.11 ओवर फेंकने होंगे। अगर- टीम ऐसा नहीं कर पाती है तो उसे चेतनावनी दी जाएगी। बार- बार ऐसी गलती करने पर चौथा अंपायर जुर्माना और कप्तान पर प्रतिबंध लगा सकते हैं। वहीं चौथे अंपायर को यह अधिकार दिया गया है कि अगर बल्लेबाजी टीम की वजह से गेंदबाजी करने वाली टीम निर्धारित समय में 20 ओवर नहीं फेंक पाए तो बल्लेबाजी करने वाली टीम के समय में कटौती कर सकते हैं।

अंपायर्स कॉल को लेकर भी कोहली ने जताई थी नाराजगी
मैच के बाद कोहली ने कहा था कि LBW डिसीजन इस पर निर्भर करता है कि बॉल स्टंप पर लग रही है या नहीं। भले ही वह स्टंप को छू कर निकल रही हो, पर अंपायर्स कॉल में इसे नॉटआउट दिया जाता है। कोहली ने कहा कि अंपायर्स कॉल काफी विवादित है। अगर कोई बैट्समैन बोल्ड होता है, तो आप यह नहीं देखते कि बॉल स्टंप पर 50% लगी है या 100%। अगर बॉल स्टंप्स पर लग रही है, तो आउट होना चाहिए, भले ही किसी को पसंद आए या न आए। मुझे नहीं लगता इस पर कोई बहस होनी चाहिए।

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