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दिल्ली कैपिटल्स का SWOT एनालिसिस:अय्यर की वापसी से मजबूत हुई बैटिंग, गेंदबाजी टीम की सबसे बड़ी स्ट्रेंथ; हेटमायर-रहाणे की फॉर्म चिंता का विषय

भोपाल11 दिन पहले
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19 सितंबर से IPL 14 के फेज-2 की शुरूआत होने जा रही है। फेज-1 में टूर्नामेंट के सस्पेंड होने से पहले दिल्ली कैपिटल्स से काफी शानदार प्रदर्शन किया था। IPL-13 फाइनलिस्ट ने पहले चरण में कुल 8 मैच खेले और टीम 6 जीतने में सफल रही, जबकि 2 में टीम को हार का सामना करना पड़ा। फिलहाल टीम पॉइंट टेबल में पहले स्थान पर है।

फेज-1 के दौरान टीम के नियमित कप्तान श्रेयस अय्यर चोटिल होने के चलते टूर्नामेंट में भाग नहीं ले सके थे, लेकिन UAE लेग के लिए वह पूरी तरह से तैयार है। अय्यर की गैर-मौजूदगी में ऋषभ पंत को टीम की कमान सौंपी गई थी और उन्होंने अपनी कप्तानी के हिडन टैलेंट से सभी को खासा प्रभावित किया। साथ ही हमेशा की तरह इस बार भी टीम के गेंदबाजी आक्रमण को सबसे मजबूत आंका जा रहा है। इस लेख में हम दिल्ली की टीम का SWOT एनालिसिस करेंगे और जानेंगे कि टीम फेज-2 में कैसा परफॉर्म कर सकती है।

SWOT मतलब स्ट्रेंथ (Strength), कमजोरी (Weakness), अवसर (opportunity) और खतरे (Threat) का एनालिसिस।

स्ट्रेंथ-1: बैटिंग में एक से बढ़कर एक दिग्गज
दिल्ली की टीम के पास IPL की सबसे मजबूत बैटिंग लाइनअप है। दिल्ली के पास शिखर धवन और पृथ्वी शॉ के रूप में दो बेहतरीन भारतीय ओपनर हैं। फिलहाल IPL-14 की ऑरेंज कैप धवन के पास ही मौजूद है। साथ ही शॉ का बल्ला भी लगातार आग उगल रहा है। इस जोड़ी के अलावा टीम के पास कप्तान ऋषभ पंत, श्रेयस अय्यर, शिमरॉन हेटमायर, स्टीव स्मिथ और अजिंक्य रहाणे जैसे बल्लेबाज है। हालांकि, हेटमायर और रहाणे का फॉर्म में न होना टीम के लिए चिंता का विषय हो सकता है, लेकिन टी-20 फॉर्मेट में शिमरॉन हेटमायर सिर्फ एक पारी से मैच की तस्वीर बदल सकते हैं।

नंबर-3 पर श्रेयस अय्यर, नंबर-4 पर कैप्टन पंत और फिनिशर की भूमिका शिमरॉन हेटमायर निभाते हुए नजर आएंगे।

स्ट्रेंथ-2 बेहतरीन बॉलिंग लाइनअप
पिछले दो सीजन की बात करें तो IPL में दिल्ली कैपिटल्स का बॉलिंग लाइनअप सबसे अच्छा रहा है। टीम के लिए कगिसो रबाडा और एनरिच नोर्त्जे फास्ट बॉलिगं की अगुवाई करेंगे। IPL-13 में रबाडा-नोर्त्जे की जोड़ी टॉप-5 गेंदबाजों में शुमार रही थी। फेज-1 के दौरान भी रबाडा ने अपने आग उगलती गेंदों से अपना खौफ बनाकर रखा था। इसके साथ टीम के पास फेज-1 के 8 मैचों में 14 विकेट लेने वाले आवेश खान, अनुभवी इशांत शर्मा और उमेश यादव जैसे तेज गेंदबाज भी मौजूद हैं।

तेज गेंदबाजों के अलावा टीम का स्पिन अटैक भी काफी मजबूत है। टीम के पास रविचंद्रन अश्विन, अमित मिश्रा और अक्षर पटेल जैसे शानदार विकल्प मौजूद हैं। अश्विन को भले ही इंग्लैंड सीरीज में एक भी टेस्ट खेलने का मौका न मिला हो, लेकिन उनकी मौजूदा फॉर्म काफी बढ़िया रही है। साथ ही UAE के मैदानों पर अमित मिश्रा और अक्षर पटेल टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

दिल्ली की कमजोरी
दिल्ली कैपिटल्स ने पिछले दो सीजन में अपने प्रदर्शन में काफी सुधार किया है और इसका टीम को बेहतर परिणाम भी मिला है, लेकिन टीम के लिए एकमात्र कमजोरी यही हो सकती है कि अगर फेज-2 के दौरान टीम को कोई खिलाड़ी चोटिल हो जाता है तो क्या? IPL-12 और 13 में हमने देखा था कि टीम की डेथ बॉलिंग को कगिसो रबाडा ने मजबूती दी थी और वह टीम के लिए हर एक मैच में भी खेलते हैं। अगर रबाडा चोटिल हो जाते हैं, तो टीम की डेथ बॉलिंग बहुत कमजोर पढ़ जाएगी।

साथ ही फेज-1 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज आवेश खान, श्रेयस अय्यर और अमित मिश्रा यह तीनों खिलाड़ी चोट के साथ वापसी कर रहे हैं। अय्यर ने तो मार्च 2021 के बाद से कोई मैच भी नहीं खेला है। ऐसे में इन खिलाड़ियों की फॉर्म टीम के लिए शुरूआती मैचों में परेशानी का कारण बन सकती है।

टीम के पास रहेंगे ये अवसर

  • दिल्ली ने अभी तक IPL ट्रॉफी नहीं जीती है। पिछली बार टीम ने फाइनल में जगह बनाई थी और फिलहाल टीम पॉइंट्स टेबल में पहले पायदान पर है। खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए इस बार टीम के पास खिताब जीतने का बढ़िया मौका रहेगा।
  • श्रेयस अय्यर की वापसी की टीम का मिडिल ऑर्डर मजबूत हुआ है। अय्यर अपनी बल्लेबाजी से मैच की तस्वीर बदलने में माहिर है।
  • फेज-1 में आवेश खान ने एमएस धोनी, विराट कोहली, जॉनी बेयरस्टो, सूर्यकुमार यादव और डेविड मिलर जैसे बल्लेबाजों को आउट किया था। इंग्लैंड दौरे पर चोटिल होने से पहले प्रैक्टिस मैच में भी वह लय में नजर आए थे। उनकी मौजूदगी से कगिसो रबाडा और एनरिच नोर्त्जे के ऊपर से दबाव कम होगा।

खतरा

  • UAE के मैदानों पर दिल्ली कैपिटल्स का जीत प्रतिशत 50% रहा है। टीम ने यहां खेले 22 मैचों में से 11 जीते हैं और 11 हारे हैं। ऐसे में टीम जरूर इन आंकड़ों में सुधार करना चाहेगी।
  • अजिंक्य रहाणे और शिमरॉन हेटमायर की खराब फॉर्म टीम के लिए चिंता का कारण हो सकती है।
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