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वर्ल्ड कप / धोनी को रन आउट करने पर गुप्टिल ने कहा- किस्मत अच्छी थी कि गेंद विकेट पर ही लगी



न्यूजीलैंड के खिलाफ रन आउट होकर लौटते महेंद्र सिंह धोनी। न्यूजीलैंड के खिलाफ रन आउट होकर लौटते महेंद्र सिंह धोनी।
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न्यूजीलैंड के खिलाफ रन आउट होकर लौटते महेंद्र सिंह धोनी।न्यूजीलैंड के खिलाफ रन आउट होकर लौटते महेंद्र सिंह धोनी।

  • 49वें ओवर में मार्टिन गुप्टिल के डायरेक्ट थ्रो से ही महेंद्र सिंह धोनी रन आउट हुए थे
  • गुप्टिल ने धोनी के रन आउट पर आईसीसी के वीडियो सेक्शन को एक इंटरव्यू दिया

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2019, 06:55 PM IST

खेल डेस्क. विश्व कप क्रिकेट 2019 के पहले सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को 18 रन से हरा दिया था। इस मैच में टीम इंडिया की उम्मीदें तब तक जिंदा थीं, जब तक महेंद्र सिंह धोनी विकेट पर थे। उन्होंने 49वें ओवर की पहली ही गेंद पर शानदार छक्का लगाया था। लॉकी फर्ग्युसन की वो गेंद 91 मील प्रति घंटे की रफ्तार से आई और धोनी ने उसे कवर पॉइंट के ऊपर से बाउंड्री लाइन के पार भेज दिया था। इसकी अगली ही गेंद पर धोनी मार्टिन गुप्टिल के एक डायरेक्ट थ्रो पर रन आउट हो गए। अब आईसीसी की वेबसाइट को दिए एक इंटरव्यू में गुप्टिल ने इस रन के बारे में विचार साझा किए हैं। 

 

गेंद मेरी तरफ नहीं आ रही थी
मैच के बाद हर कोई ये मान रहा था कि अगर गुप्टिल का थ्रो सीधा विकेट पर नहीं लगता तो शायद नतीजा कुछ और ही होता। धोनी जैसे बल्लेबाज के लिए आखिरी ओवर में 18 रन बनाना नामुमकिन तो कतई नहीं हो सकता। लेकिन, धोनी आखिरी ओवर की दूसरी गेंद पर रन आउट हुए और इसके साथ ही टीम इंडिया की हार भी तय हो गई। उस थ्रो के बारे में गुप्टिल ने कहा- मुझे नहीं लगता कि गेंद सीधी मेरी तरफ आ रही थी। मैं तेजी से गेंद पर लपका। गेंद जैसे ही मेरे हाथ में आई, मुझे लगा कि स्टंप बिल्कुल सीध में हैं। मैं खुशकिस्मत था कि मेरा थ्रो सीधा स्टंप पर लगा। और हमारे लिए ये भी अच्छा रहा कि धोनी उस वक्त क्रीज से थोड़ा बाहर थे।

धोनी और जडेजा की साझेदारी
भारत में कई पूर्व खिलाड़ी सवाल उठा रहे हैं कि धोनी को सातवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए क्यों भेजा गया। सुनील गावस्कर ने कहा कि अगर पंत और पांड्या के साथ धोनी जैसा कोई सीनियर खेल रहा होता तो वो उन्हें गलत शॉट खेलने से रोक सकता था। धोनी ने 72 गेंद पर 50 रन बनाए। इस पारी में उन्होंने एक चौका और एक छक्का लगाया। माही ने इस वर्ल्ड कप में 9 मैच में 45.50 की औसत से 297 रन बनाए। विकेटकीपिंग में उन्होंने 7 कैच लिए और 3 स्टंप किए। धोनी ने पहली बार 2007 में वर्ल्ड कप खेला था। उसके बाद से इस टूर्नामेंट में उन्होंने कुल 29 मैच में 780 रन बनाए। इस दौरान 2011 वर्ल्ड कप के फाइनल में नाबाद 91 रन बनाए थे। तब टीम उनकी कप्तानी में खिताब जीती थी।

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