कपिल देव के नेतृत्व वाली पैनल को चुनना है नया कोच, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले नहीं होगा निर्णय

3 वर्ष पहले
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  • सीओए ने कोर्ट से क्रिकेट सलाहकार समिति की सेवाएं जारी रखने के संबंध में निर्देश मांगे थे
  • बीसीसीआई ने पुरुष टीम के लिए सपोर्टिंग स्टाफ के लिए आवेदन मांगे
  • आवेदक की उम्र 60 साल से कम होना चाहिए, कम से कम दो साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव होना चाहिए

नई दिल्ली. कपिल देव के नेतृत्व वाली पैनल को भारतीय क्रिकेट टीम के नए कोच को चुनने का जिम्मा सौंपा गया है। मगर इस मामले में अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के बाद ही लिया जा सकेगा। कोचिंग के लिए आवेदन भेजने की अंतिम तारीख 30 जुलाई है। कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स (सीओए) ने कोर्ट से क्रिकेट ए़डवाइजरी कमेटी (सीएसी) को जारी रखने को लेकर निर्देश मांगे थे। इसमें सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण शामिल हैं।

 

हालांकि, कोर्ट की ओर से सीएसी को लेकर किसी तरह का कोई निर्देश नहीं दिया गया। ऐसे में हो सकता है कि सीओए भी किसी विकल्प की ओर न जाए। मगर कपिल के नेतृत्व वाली पैनल यदि नेशनल कोच का चयन करती है तो यह कदम सुप्रीम कोर्ट के द्वारा गठित की गई पैनल के टकराव के तौर पर देखा जा सकता है।

 

अगली सुनवाई से पहले पैनल का गठन नहीं

एक बात तय है कि अगली सुनवाई के पहले किसी तरह की पैनल का गठन नहीं किया जाएगा। एड-हॉक बॉडी में शामिल पूर्व कप्तान कपिल देव, अंशुमन गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी ने इससे पहले महिला क्रिकेट टीम के कोच के रूप में डब्ल्यू.वी. रमन को नियुक्त किया था।

 

एड-हॉक कमेटी के सदस्य ही कोच चुनें- बीसीसीआई

बीसीसीआई के सूत्र ने न्यूज एजेंसी को बताया कि पुरुष टीम के लिए कोच चुने जाने को लेकर भी बीसीसीआई ने एड-हॉक कमेटी सदस्यों से ही संपर्क किया है। सीओए में दो सदस्य थे। इनमें चैयरमेन विनोद राय और भूतपूर्व कप्तान डायना एडुल्जी का नाम शामिल हैं। उन्होंने महिला क्रिकेट टीम के लिए चुने गए कोच की प्रक्रिया को असंवैधानिक करार दिया था। 

 

केवल तेंदुलकर ने अपना रूख स्पष्ट किया

एडुल्जी के मुताबिक यह करने का अधिकार केवल क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी के पास ही था। सीओए में अब तीन सदस्य शामिल हैं। लेफ्टीनेंट जनरल रवि थोड़गे को फरवरी में शामिल किया गया। मगर अभी भी सीओए और सीएसी के बीच हितों के टकराव को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। हालांकि तेंदुलकर इस मामले में अपना रूख स्पष्ट कर चुके हैं जबकि गांगुली और लक्ष्मण से बीसीसीआई के संविधान के मुताबिक किसी भी एक जिम्मेदारी को चुनने के लिए कहा गया है। 

 

बीसीसीआई ने कोचिंग स्टाफ के लिए आवेदन मांगे

सीओए को फिलहाल इस मामले पर निर्णय लेना है। बीसीसीआई के नए संविधान के मुताबिक ऐसा ही मामला कपिल देव और रंगास्वामी को लेकर भी उठ सकता है। उन्हें भी खिलाड़ियों को चुनने का जिम्मा दिया गया है। बीसीसीआई ने मंगलवार को पुरुष टीम के लिए सपोर्टिंग स्टाफ के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। इसमें हेड कोच का पद भी शामिल है। इसके लिए आवेदक की उम्र 60 साल से कम होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उसे दो साल से कम का अनुभव होना चाहिए। वर्तमान कोच और अन्य सपोर्टिंग स्टाफ के कार्यकाल की अवधि को वर्ल्ड कप के बाद 45 दिनों तक बढ़ाया गया था।