क्विंटन डी कॉक का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास:परिवार को समय देने के लिए लंबे फॉर्मेट को कहा अलविदा, वनडे और टी-20 मैच खेलते रहेंगे

6 महीने पहले

साउथ अफ्रीका के विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक ने सभी को चौकाते हुए टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है। गुरुवार को ही उनकी टीम को सेंचुरियन के मैदान पर पहली बार टीम इंडिया से 113 रन की करारी हार मिली है।

डी कॉक का ये फैसला हैरान करने वाला इसलिए है, क्योंकि उन्होंने सिर्फ 29 साल की उम्र में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा। हालांकि वह अभी वनडे और टी-20 क्रिकेट खेलते रहेंगे।

साउथ अफ्रीका क्रिकेट ने ट्वीट कर लिखा- प्रोटियाज विकेटकीपर बल्लेबाज, क्विंटन डी कॉक ने अपने बढ़ते परिवार के साथ अधिक समय बिताने के अपने इरादे का हवाला देते हुए, तत्काल प्रभाव से टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की है।

परिवार को देना चाहते हैं समय
क्विंटन डी कॉक ने अफ्रीकी बोर्ड को दिए बयान में कहा- इस फैसले तक पहुंचना मेरे लिए आसान नहीं था। मैंने यह सोचने में बहुत समय लिया है कि मेरा भविष्य कैसा दिखता है और अब मेरे जीवन में क्या प्राथमिकता होनी चाहिए, क्योंकि साशा और मैं इस दुनिया में अपने पहले बच्चे का स्वागत करने वाले हैं और अपने परिवार को उससे आगे बढ़ाना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, मेरा परिवार मेरे लिए सब कुछ है और मैं अपने जीवन के इस नए और रोमांचक अध्याय के दौरान उनके साथ रहने के लिए समय और स्थान चाहता हूं।

शानदार रहा है टेस्ट करियर
29 वर्षीय डी कॉक ने साल 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था। बाएं हाथ के विकेटकीपर बल्लेबाज ने 54 टेस्ट मैच खेले और 38.82 की औसत के साथ कुल 3300 रन बनाए। 91 पारियों में उनके बल्ले से 6 शतक और 22 अर्धशतक देखने को मिले।

सेंचुरियन टेस्ट में रहे थे फ्लॉप
भारत और साउथ अफ्रीका के बीच सेंचुरियन में खेले गए पहले टेस्ट मैच में क्विंटन डी कॉक बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके थे। पहली पारी में उनके बल्ले से 63 गेंदों पर 34 और दूसरी पारी में 28 गेंदों पर केवल 21 रन देखने को मिले।

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