पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को लेकर बयान दिया। अख्तर ने कहा कि वे किसी के कद को नहीं माप रहे, लेकिन धोनी का करियर काफी लंबा खिंच गया है। वे बीच में लटक गए हैं। धोनी के पास 2019 वर्ल्ड कप के बाद ही आदरपूर्वक संन्यास लेने का सही समय था। अख्तर ने उम्मीद जताई है कि धोनी को उनकी चुप्पी के रूप में शानदार विदाई मिलेगी। दरअसल, धोनी वर्ल्ड कप के बाद से ही टीम से बाहर चल रहे हैं। उन्होंने पिछला मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल खेला था।
धोनी आईपीएल में चेन्नई सुपरकिंग्स टीम के कप्तान हैं। कोरोनावायरस के कारण 29 मार्च से शुरू होने वाले आईपीएल को 15 अप्रैल तक टाल दिया था, लेकिन अब भी इस पर संकट छाया हुआ है। भारतीय चयनकर्ता और मुख्य कोच रवि शास्त्री कई बार कह चुके हैं कि धोनी के पास टी-20 वर्ल्ड कप में वापसी के लिए आईपीएल में बेहतर प्रदर्शन ही एकमात्र मौका है। यह वर्ल्ड कप अक्टूबर से ऑस्ट्रेलिया में खेला जाएगा।
‘धोनी की जगह मैं होता तो संन्यास ले लेता’
अख्तर ने इस्लामाबाद से ही भारतीय न्यूज एजेंसी को इंटरव्यू दिया। उन्होंने कहा, ‘‘उस खिलाड़ी (धोनी) ने अपनी योग्यता के मुताबिक सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। उसे सम्मानजनक विदाई मिलनी चाहिए। मुझे समझ नहीं आता कि क्यों उसने अपने करियर को इतना लंबा खींचा है। उसे वर्ल्ड कप के बाद ही संन्यास ले लेना चाहिए था। यदि मैं उसकी जगह होता तो अपने जूते उतारकर टांग (संन्यास ले लेता) देता। मैं तीन-चार साल छोटे फॉर्मेट में खेल सकता था, लेकिन मैंने (2011 वर्ल्ड कप के बाद) संन्यास ले लिया, क्योंकि मैं अपने खेल में 100 प्रतिशत नहीं था तो क्यों लंबा खींचता?’’
अख्तर ने कहा, ‘‘जब वह (धोनी) वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में (न्यूजीलैंड के खिलाफ) मैच फिनिश कर टीम को नहीं जिता पाया था। तब मुझे महसूस हुआ कि वह संन्यास ले लेगा, लेकिन उसने ऐसा क्यों नहीं किया, इसका जवाब वही दे सकता है। मुझे लगता है कि वह वर्ल्ड कप के बाद अपनी विदाई स्वरूप एक आखिरी सीरीज खेलना चाह रहा है।’’
‘मध्यक्रम में भारत को मैच विनर चाहिए’
भारतीय टीम ने 2013 चैम्पियंस ट्रॉफी से अब तक कोई आईसीसी खिताब नहीं जिता है। तब फाइनल में इंडिया ने इंग्लैंड को 5 रन से हराया था। इसको लेकर अख्तर ने कहा कि भारतीय टीम को मध्यक्रम में एक मैच विनर की काफी जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘टूर्नामेंट जीतना और टॉप पर बने रहना दोनों अलग-अलग बात है। भारतीय टीम टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर है। जबकि वह सीमित ओवरों के फॉर्मेट की टॉप टीमों में शामिल है। ऐसे में हमें टीम इंडिया की काबिलियत को सिर्फ आईसीसी टूर्नामेंट्स के प्रदर्शन के आधार पर नहीं आकना चाहिए। बिल्कुल उन्हें आईसीसी इवेंट जीतने चाहिए और वह जीतेगी भी।’’
अख्तर ने कहा, ‘‘भारतीय टीम में टॉप के 4 बल्लेबाज जब बेहतर प्रदर्शन करते हैं, तो टीम को जीत मिलती है। हालांकि, टॉप ऑर्डर फ्लॉप होने पर हार मिलती है। मैंने यह नोटिस किया है कि मौजूदा टीम को मध्यक्रम में युवराज सिंह और धोनी की तरह मैच जिताने वाला खिलाड़ी चाहिए।’’
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