साइमन टॉफेल बोले- ओवरथ्रो में इंग्लैंड को 6 नहीं, पांच रन मिलने थे; अंपायर ने गलती की

2 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
  • पूर्व अंपायर साइमन टॉफेल ने कहा- आईसीसी के नियम 19.8 के अनुसार गलत निर्णय लिया गया
  • टॉफेल के मुताबिक, ओवर थ्रो में रन लेने के दौरान इंग्लैंड के दोनों बल्लेबाज एक दूसरे को क्रॉस नहीं कर पाए थे

खेल डेस्क. लॉर्ड्स के वर्ल्ड कप फाइनल में 50वें ओवर में मार्टिन गुप्टिल के ओवर थ्रो पर इंग्लैंड को 6 रन दिए गए थे। अंपायरों के इस फैसले को आईसीसी के पूर्व अंपायर साइमन टॉफेल ने गलत करार दिया है। उन्होंने कहा कि आईसीसी के नियमों के मुताबिक, इस ओवर थ्रो पर इंग्लैंड को 5 रन ही मिलने चाहिए थे। अगर ऐसा होता तो नतीजा टाई होने की बजाय न्यूजीलैंड के पक्ष में जाता। 

 

टॉफेल 5 बार अंपायर ऑफ द ईयर चुने गए हैं

टॉफेल को इस शताब्दी का बेस्ट अंपायर माना जाता है। उन्हें पांच बार आईसीसी अंपायर ऑफ द ईयर का अवॉर्ड मिल चुका है। टॉफेल ने 74 टेस्ट और 174 वनडे और 34 टी-20 में अंपायरिंग की थी। उन्होंने 2012 में अंपायरिंग से संन्यास ले लिया था। उन्होंने 1999 में पहली बार अंतरराष्ट्रीय मैच में अंपायरिंग की। टॉफेल 2011 वर्ल्ड कप के फाइनल में भी अंपायर थे।

 

टॉफेल के मुताबिक, क्यों गलत था अंपायर का फैसला
टॉफेल ने फॉक्स स्पोर्ट्स को दिए इंटरव्यू में ओवर थ्रो पर पेनल्टी और रनों के जुड़ने का नियम बताया। 

 

  • उन्होंने कहा- आईसीसी के नियम 19.8 के मुताबिक, ओवर थ्रो पर गेंद बाउंड्री पार जाती है तो उसमेें बल्लेबाजों द्वारा पूरे किए गए रन भी जुड़ते हैं।
  • \"अगर बल्लेबाजों ने थ्रो करने से पहले एक-दूसरे को क्रॉस कर लिया है तो ओवर थ्रो में वह रन भी जोड़ा जाता है।\'
  • \"अगर फील्डर के थ्रो फेंकने से पहले बल्लेबाजों ने एक-दूसरे क्रॉस नहीं किया हो तो वह रन नहीं जोड़ा जाएगा।\'
  • दरअसल, 50वें ओवर की चौथी बॉल पर जब गुप्टिल ने थ्रो फेंका था, तब स्टोक्स और रशीद एक रन पूरा कर चुके थे। हालांकि, जब थ्रो फेंका गया, तब वे दूसरे रन के लिए एक-दूसरे को क्रॉस नहीं कर पाए थे। थ्रो पहुंचने से पहले स्टोक्स क्रीज में पहुंच चुके थे, लेकिन तभी गेंद उनके बल्ले से लगकर बाउंड्री तक चली गई थी। टॉफेल के मुताबिक, ऐसी स्थिति में उन्हें केवल 5 रन मिलने चाहिए थे, ना कि 6 रन।

स्टोक्स ने कहा- जीवन भर अफसोस रहेगा

मैच में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 241 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेजबान इंग्लैंड को आखिरी ओवर में जीत के लिए 15 रन चाहिए थे। इसी ओवर की चौथी गेंद पर बल्लेबाज बेन स्टोक ने ऑन साइड में शॉट मारकर दूसरा रन लेना चाहा। तभी वहां मौजूद मार्टिन गुप्टिल ने स्टंप्स की ओर थ्रो किया। गेंद स्टोक के बल्ले से लगकर बाउंड्री के पार चली गई। अंपायर ने बाउंड्री के चार और बल्लेबाजों द्वारा दौड़े गए दो रन इंग्लैंड के खाते में जोड़ दिए। मैच के बाद स्टोक्स ने कहा था कि बल्ले से गेंद लगकर बाउंड्री पार जाने का उन्हें जीवनभर अफसोस रहेगा।

 

मैच और सुपर ओवर, दोनों टाई हुए
वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार फाइनल में सुपर ओवर खेला गया। यह भी पहली बार हुआ, जब मैच और सुपर ओवर दोनों टाई हो गए। न्यूजीलैंड ने पहले 241 रन बनाए। इंग्लैंड की टीम 241 रन पर ही ऑलआउट हो गई। सुपर ओवर में इंग्लैंड ने 15 रन बनाए। न्यूजीलैंड ने इस लक्ष्य की बराबरी तो कर ली, लेकिन जीत के लिए जरूरी एक रन बनाने से चूक गया। इसके बाद आईसीसी के नियमानुसार ज्यादा बाउंड्री लगाने वाली इंग्लैंड को विजेता घोषित किया गया। पूरे मैच में इंग्लैंड ने 26 और न्यूजीलैंड ने 17 बाउंड्री लगाईं।