वर्ल्ड कप / भारत की मौजूदा गेंदबाजी बेहतरीन, लेकिन 2003 से 2011 के दौर से तुलना करना ठीक नहीं : सचिन



सचिन तेंदुलकर। सचिन तेंदुलकर।
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सचिन तेंदुलकर।सचिन तेंदुलकर।

  • सचिन तेंदुलकर ने 6 विश्व कप खेले, उनके बराबर पाक के जावेद मियांदाद ने ही इतने वर्ल्ड कप खेले
  • सचिन ने कहा- मैंने कपिल, श्रीनाथ और जहीर की गेंदबाजी को करीब से देखा

Dainik Bhaskar

Jun 05, 2019, 11:14 AM IST

साउथैम्प्टन. सचिन तेंदुलकर का मानना है कि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के नेतृत्व में भारतीय क्रिकेट टीम का बॉलिंग अटैक सबसे अच्छा है। हालांकि, इसकी तुलना 2003 से 2011 के दौर से नहीं की जानी चाहिए। खासकर अब, जब टीम वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रही है। सचिन ने अपने करियर में 6 विश्व कप खेले हैं। उनके बराबर सिर्फ पाकिस्तान के जावेद मियांदाद ही विश्व कप खेले हैं।

अलग-अलग दौर में खिलाड़ी अलग नियमों के साथ खेलते हैं : सचिन

  1. तेंदुलकर ने अपना पहला विश्व कप 1992 और अंतिम 2011 में खेला। इन 19 साल में सचिन ने कई बॉलर्स की गेंदबाजी देखी। उन्होंने कहा, ‘मैंने कपिल देव, जवागल श्रीनाथ और जहीर खान के नेतृत्व वाले तेज गेंदबाजी के आक्रमण को बेहद करीब से देखा है।’

  2. सचिन ने कहा, ‘अलग-अलग दौर में खिलाड़ी अलग नियमों के साथ खेलते हैं। ऐसे में एक दौर की तुलना दूसरे दौर के खिलाड़ियों से करना बेमानी है। मुझे इस तरह की तुलना पसंद नहीं है। हमारे दौर में खेलने के नियम अलग थे। पिचें भी ऐसी नहीं थीं।’

  3. ‘अब दो नई गेंद होती हैं। फील्डिंग की पाबंदियां भी हैं। यानी 11वें से 40वें ओवर के बीच 30 गज के बाहर 4 फील्डर और आखिरी 10 ओवर में 5 होते हैं। इसका मतलब है कि 100 मीटर की दौड़। अब नए नियमों के तहत रनिंग कम होकर 90 मीटर या 80 मीटर रह गई है।’

  4. ‘ऐसे में गेंदबाजों के लिए भी मुश्किल होती है, क्योंकि रिवर्स स्विंग नहीं मिलती। यदि आप मौजूदा भारतीय गेंदबाजी के आक्रमण की तुलना करना चाहते हैं, तो इस जनरेशन के बॉलर्स से ही करें। पिछले दौर के गेंदबाजों से नहीं। अभी हमारी गेंदबाजी का आक्रमण अच्छा है।’

  5. ‘मैं 2003 और 2011 विश्व कप में हमारे गेंदबाजों के प्रदर्शन की भी तारीफ करूंगा। 2003 में श्रीनाथ, जहीर, नेहरा और हरभजन थे, जो हमें फाइनल तक ले गए। 2011 में जहीर, नेहरा, हरभजन, मुनाफ पटेल और युवराज सिंह ने उम्दा गेंदबाजी की।’

  6. ‘जसप्रीत बुमराह की सबसे अच्छी बात यह है कि वे दुनिया के प्रमुख तेज गेंदबाजों के प्रदर्शन के मामले में शीर्ष पर हैं। इस दौर में यही सबसे अहम बात है। मैच के बीच के ओवरों में कलाइयों का बेहतर इस्तेमाल करने वाले दोनों स्पिनर (कुलदीप और चहल) भी अहम भूमिका निभाएंगे।’

  7. ‘हम उम्मीद करते हैं दोनों बीच के ओवर्स में ज्यादा विकेट लेने में कामयाब होंगे। इसलिए क्रिकेट का यह दौर गेंदबाजी के आक्रमण का बहुत अच्छा है।’

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