क्रिकेट / कपिल हुए थे टीम से बाहर और गावस्कर पर लगा था इल्जाम, विराट-रोहित विवाद पर गावस्कर ने शेयर किया किस्सा



सुनील गावस्कर और कपिल देव (फाइल फोटो) सुनील गावस्कर और कपिल देव (फाइल फोटो)
X
सुनील गावस्कर और कपिल देव (फाइल फोटो)सुनील गावस्कर और कपिल देव (फाइल फोटो)

  • विराट-रोहित विवाद को लेकर गावस्कर ने रखा अपना पक्ष
  • दोनों चिल्लाकर भी बताएं तो भी कोई नहीं मानेगा- गावस्कर
  • गावस्कर के मुताबिक 20 साल बाद भी आती रहेंगी ऐसी खबरें

Dainik Bhaskar

Aug 09, 2019, 07:12 PM IST

खेल डेस्क. वर्ल्ड कप 2019 के खत्म होने के बाद से ही इस तरह की खबरें चल रही हैं कि भारतीय टीम में सबकुछ ठीक नहीं है और कप्तान विराट कोहली व उपकप्तान (वनडे/टी20) रोहित शर्मा के बीच मनमुटाव की वजह से टीम दो खेमों में बंट चुकी है। हालांकि दोनों ही प्लेयर्स इस तरह की खबरों से इनकार करते रहे हैं। इस तरह की खबरों को लेकर भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का कहना है कि विराट और रोहित अगर छत पर खड़े होकर चिल्ला-चिल्लाकर भी बताएं, तो भी ये कहानी खत्म नहीं होंगी। गावस्कर ने ये बात ने एक स्पोर्ट्स वेबसाइट के लिए लिखे कॉलम में लिखी। उन्होंने अपने साथ हुआ ऐसा ही एक किस्सा भी शेयर किया, जब कपिल और उनके बीच भी इस तरह के मनमुटाव की खबरें मीडिया में चली थीं।

 

  • गावस्कर ने लिखा, 'विराट और रोहित अगर छत पर खड़े होकर चिल्ला-चिल्लाकर भी बताएं, तो भी ये कहानी बंद नहीं होंगी। हर बार जब रोहित सस्ते में आउट होंगे तो ऐसे कई लोग होंगे, जो ये कहेंगे कि वो जानबूझकर आउट हुए। ऐसी बात करने वाले ये बिल्कुल नहीं सोचेंगे कि अगर एक प्लेयर असफल होता है तो वो टीम से बाहर हो सकता है, और ऐसा करते हुए वो खुद टीम में अपने रहने की संभावना को कम कर रहा है।'
  • आगे उन्होंने लिखा, 'जो कोई भी इस तरह की कहानियां शुरू करता है, वो भारतीय क्रिकेट का शुभचिंतक नहीं हो सकता। कई बार इन अफवाहों के पीछे टीम का कोई निराश खिलाड़ी भी होता है, जो इस तरह की कहानियों को हवा देता है। उसकी जलन और ईर्ष्या से टीम को नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा कई बार कुछ प्रशासक भी अपनी ओर से राजनीति खेलते हैं।'
  • आगे उन्होंने लिखा, 'मीडिया के लिए तो ऐसी खबरें स्वर्ग जैसी होती हैं, जब क्रिकेट मैचों के दौरान ऐसी कहानियां सामने नहीं आतीं, लेकिन बाकी बचे दिनों में इनका इस्तेमाल किया जाता है। विराट और रोहित दोनों पेशेवर क्रिकेटर हैं, और दोनों ही ऐसी खबरों पर ध्यान ना देते हुए टीम इंडिया को जीत दिलाने के लिए खेलेंगे, लेकिन ऐसी कहानियां 20 साल बाद भी आना बंद नहीं होंगी।'

 

गावस्कर ने बताया अपना किस्सा

 

  • गावस्कर के मुताबिक, '1984-85 में जब डेविड गोवर की कप्तानी में इंग्लैंड की टीम भारत दौरे पर आई थी, तब कोलकाता में होने वाले टेस्ट मैच के लिए कपिल देव को टीम से बाहर कर दिया गया था। उस वक्त इसका जिम्मेदार मुझे बताया गया था। जबकि सच्चाई ये थी कि उन्हें बाहर करवाने में मेरा हाथ नहीं था, बल्कि ये तो चयन समिति के तत्कालीन सदस्य स्वर्गीय हनुमंत सिंह की वजह से हुआ था। सालभर बाद लिखे एक लेख में ये बात उन्होंने खुद बताई थी।'
  • इस लेख में गावस्कर ने ये भी बताया कि वो कपिल को टीम से बाहर करने का फैसला क्यों नहीं ले सकते थे। गावस्कर के मुताबिक एक ऐसा ऑलराउंडर जो टीम के लिए असली मैच विनर हो और जो कभी भी मैच को टीम के हक में पलटने की क्षमता रखता हो, ऐसे में एक कप्तान के रूप में इतने कीमती खिलाड़ी को बाहर करने का कोई मतलब नहीं है।
  • गावस्कर ने लिखा, 'मैं जो कुछ भी हूं, लेकिन जब क्रिकेट की बात आती है तो मैं इतना बेवकूफ नहीं हूं कि एक मैच विजेता और गेम चेंजर को टीम से बाहर करने की सलाह देते हुए टीम के जीतने की संभावना को कम कर दूंगा। हालांकि चयन समिति का हिस्सा होने की वजह से बिना एक वोट किए भी मैं उस फैसले के लिए सामूहिक रूप से जिम्मेदार था।'
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना