क्रिकेट / सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड जज डीके जैन को बीसीसीआई का पहला लोकपाल नियुक्त किया



लेफ्टिनेंट जनरल रवि थोडगे। लेफ्टिनेंट जनरल रवि थोडगे।
Supreme Court appoints former SC judge Justice (Retired) D K Jain as an ombudsman of BCCI
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लेफ्टिनेंट जनरल रवि थोडगे।लेफ्टिनेंट जनरल रवि थोडगे।
Supreme Court appoints former SC judge Justice (Retired) D K Jain as an ombudsman of BCCI

  • शीर्ष अदालत ने लेफ्टिनेंट जनरल रवि थोडगे को बीसीसीआई की सीओए का तीसरा सदस्य नियुक्त किया
  • सीओए ने पिछले साल सुप्रीम कोर्ट में 10वीं स्टेटस रिपोर्ट में लोकपाल की मांग की थी
  • सीओए ने कहा था- बीसीसीआई को एक लोकपाल और एक एथिक्स ऑफिसर की जरूरत

Dainik Bhaskar

Feb 21, 2019, 08:00 PM IST

खेल डेस्क. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को रिटायर्ड जज डीके जैन को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का पहला लोकपाल नियुक्त किया। वे तत्काल प्रभाव से अपना कार्यभार संभालेंगे। जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस एएम सप्रे की पीठ ने कहा, "हमें खुशी है कि संबंधित पक्षों की सुझावों और सहमति से रिटायर्ड जज डीके जैन को बीसीसीआई का लोकपाल नियुक्त करने पर सहमति बन गई है। हम डीके जैन को बोर्ड का पहला लोकपाल नियुक्त कर रहे हैं।"

 

विनोद-डायना को मतभेद सार्वजनिक नहीं करने के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासकों की समिति (सीओए) के अध्यक्ष विनोद राय और सदस्य डायना एडुल्जी के बीच सार्वजनिक रूप से मनमुटाव पर नाराजगी जाहिर की। उन्हें अपने मतभेदों को सार्वजनिक नहीं करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही अदालत ने लेफ्टिनेंट जनरल रवि थोडगे को बीसीसीआई की सीओए का तीसरा सदस्य नियुक्त किया। सीओए में शुरुआत में चार सदस्य थे, लेकिन इतिहासकार रामचंद्र गुहा और बैंकर बिक्रम लिमये के इस्तीफा देने के बाद सीओए में सिर्फ दो सदस्य ही रह गए थे। दोनों सदस्यों की हार्दिक पंड्या और केएल राहुल मामलों समेत कई मुद्दों पर अलग-अलग राय थी।

 

सीओए ने पिछले साल लोकपाल की मांग की थी

पिछले साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सीओए ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि बोर्ड को सालाना आम बैठक और अन्य विवादों को सुलझाने के लिए लोकपाल की जरूरत है। सीओए ने सुप्रीम कोर्ट में पेश 10वीं स्टेटस रिपोर्ट में कहा था, "बीसीसीआई जल्द से जल्द एक लोकपाल और एक एथिक्स ऑफिसर नियुक्त करे। हाईकोर्ट के मौजूदा या किसी रिटायर्ड जज को कम से कम एक या अधिकतम तीन साल के लिए नियुक्त किया जाना चाहिए।"

 

लोकपाल के अधिकार

बोर्ड में नियुक्त लोकपाल के दायरे में आंतरिक विवादों का निपटारा, बोर्ड, उसके मेंबर और एसोसिएट मेंबर्स के बीच विवाद को सुलझाना, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा नियमों के उल्लंघन, खिलाड़ियों, टीम अधिकारियों की शिकायतों को देखना, टिकट वितरण में किसी तरह की धांधली आदि मामलों का निपटारा जैसे अहम मुद्दे रहेंगे।

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