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क्या BCCI के लिए कोरोना बहाना है:भारत में टी-20 वर्ल्ड कप होने पर चुकाना पड़ सकता था 200 से 900 करोड़ रुपए तक टैक्स, UAE में आयोजन से फायदा

नई दिल्ली3 महीने पहले
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अक्टूबर-नवंबर में अपनी मेजबानी में होने वाले ICC टी-20 वर्ल्ड कप को UAE में शिफ्ट करने का फैसला किया है। बोर्ड ने कहा है कि कोरोना महामारी की अनिश्चितता को देखते हुए यही सबसे बेहतर था। हालांकि, अगर वर्ल्ड कप के आयोजन से जुड़े घटनाक्रम पर थोड़ा पीछे जाएं तो पता चलता है कि कोरोना महामारी इस फैसले के पीछे इकलौता कारण नहीं है। वर्ल्ड कप के आयोजन पर भारत सरकार द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स से बचना भी बोर्ड का बड़ा मकसद हो सकता है।

टैक्स माफी पर सरकार से नहीं पाई थी बात
भारतीय बोर्ड के कई अधिकारी दबे स्वर में यह स्वीकार कर चुके हैं वे सरकार से वर्ल्ड कप आयोजन को टैक्स फ्री करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, भारत सरकार रियायत देने के मूड में नहीं थी। माना जा रहा है कि वर्ल्ड कप से मिलने वाले रेवन्यू पर बोर्ड को 46% तक टैक्स चुकाना पड़ सकता था। यह राशि करीब 900 करोड़ रुपए बैठती है। अगर सरकार की ओर से काफी छूट मिल भी जाती तो भी टैक्स के रूप में कम से कम 200 करोड़ रुपए भरने होते।

ICC ने पिछले आयोजन के 176 करोड़ रुपए रोके थे
भारत में 2016 टी-20 वर्ल्ड कप भी आयोजन हुआ था। तब ICC ने BCCI से कहा था कि वह टैक्स में सरकार से छूट हासिल करे। लेकिन, इसमें आंशिक सफलता ही मिल पाई। इस कारण ICC ने BCCI के 2.37 करोड़ डॉलर (करीब 176 करोड़ रुपए) रोक लिए थे।

इस तरह भारतीय बोर्ड रहेगा फायदे में
भारतीय बोर्ड अगर भारत में वर्ल्ड कप के मैच कराता तो मैच आयोजित करने वाले राज्य संघों को प्रति मुकाबला करीब 1 करोड़ रुपए की फीस देता। इतनी ही फीस वह IPL के मैचों के लिए भी देता था। इस लिहाज से बोर्ड को 45 मैचों के लिए करीब 45 करोड़ रुपए फीस के तौर पर देने होते। बोर्ड ने 2020 का पूरा IPL यूएई में कराने के लिए वहां के बोर्ड को करीब 100 करोड़ रुपए दिए थे।

माना जा रहा है कि वर्ल्ड कप के लिए 80 से 90 करोड़ रुपए दिए जा सकते हैं। इस लिहाज से फीस के तौर पर BCCI को भारत की तुलना में दोगुनी रकम खर्च करनी होगी। लेकिन, अगर टैक्स के रूप में 200 करोड़ रुपए भी बचते हैं तो भी BCCI 110 से 120 करोड़ रुपए ज्यादा कमा लेगा।

ब्रॉडकास्टर्स की कमाई पर भी ज्यादा फर्क नहीं
स्टार इंडिया वर्ल्ड कप का आधिकारिक ब्रॉडकास्टर है। IPL के लिए वह पहले ही अपने लॉजिस्टिक्स को UAE में सेट कर चुका होगा। इसके तुरंत बाद वहां वर्ल्ड कप होने से उसकी कमाई पर भी फर्क न पड़ने का अनुमान है। मैच UAE में हों या भारत में स्टार इंडिया को विज्ञापन स्लॉट से एक समान आय मिलेगी। स्टार इंडिया ने इंग्लैंड में हुए 2019 वर्ल्ड कप से करीब 1800 करोड़ रुपए की कमाई की थी। इस बार भी यह राशि करीब उतनी ही रहने की उम्मीद है।

बोर्ड को फायदा देश को घाटा
वर्ल्ड कप UAE शिफ्ट होने से भले ही BCCI की बचत हो जाए लेकिन, इससे भारत को नुकसान होना तय है। ICC ने आधिकारिक रूप से कहा है कि 2019 वनडे वर्ल्ड कप के आयोजन से इंग्लैंड की अर्थव्यस्था को करीब 3600 करोड़ रुपए की मदद मिली थी। कोरोना के कारण इस बार यह राशि भले कम होती लेकिन इतना तय है कि वर्ल्ड कप के न होने से भारतीय अर्थव्यवस्था करीब 2500 से 3000 करोड़ रुपए का बूस्ट हासिल करने से चूक जाएगी।

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