टी-20 वर्ल्ड कप का फॉर्मेट बदलेगा:पहले राउंड में 4, फिर सुपर-8 में 2 ग्रुप बनेंगे

दुबई16 दिन पहले

अगला टी-20 वर्ल्ड कप नए फॉर्मेट के साथ खेला जाएगा। दुनिया में क्रिकेट को संचालित करने वाली संस्था इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 2024 में होने वाले इस टूर्नामेंट के फॉर्मेट में बदलाव किया है। अहम बात यह है कि वेस्टइंडीज की मेजबानी में खेले जाने वाले टी-20 के सबसे बड़े टूर्नामेंट में 20 देशों की टीमें हिस्सा लेंगी। इसके मैच अमेरिका और वेस्टइंडीज में खेले जाएंगे। चलिए जानते हैं कि नया फॉर्मेट कैसा होगा...

पहले बात कर लेते हैं मौजूदा फॉर्मेट की...
कुछ दिन पहले ऑस्ट्रेलिया में खेला गया टी-20 वर्ल्ड कप लीग कम नॉकआउट फॉर्मेट में खेला गया था। इसमें सबसे पहले क्वालिफाइंग राउंड खेला गया था। दो ग्रुप के क्वालिफाइंग राउंड से चार टीमों ने सुपर-12 के लिए क्वालिफाई किया, जहां 8 टीमें पहले से मौजूद थीं। सुपर-12 में 6-6 टीमों के दो ग्रुप थे। दोनों ग्रुप से दो-दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंची और इन मैचों की विजेता टीमों ने फाइनल मैच खेला।

क्या टीमें की संख्या बढ़ी है?
हां, अगले वर्ल्ड कप में 20 टीमें हिस्सा लेने जा रही है। अब तक 16 टीमें ही वर्ल्ड कप खेलती थीं। इनमें से 8 सीधे सुपर लीग राउंड में प्रवेश करती थीं। शेष 4 टीमें पहले राउंड से क्वालिफाई करके आती थीं।

नया फॉर्मेट क्या होगा?
अब 20 टीमों को चार ग्रुप में बांटा जाएगा। यानी कि हर ग्रुप में 5 टीमें। हर ग्रुप से टॉप-2 टीमें सुपर-8 राउंड में प्रवेश करेंगी। इन आठ टीमों को दो सुपर लीग डिवीजन में बांटा जाएगा। हर डिवीजन में चार टीमें। ये सभी आपस में तीन-तीन लीग मैच खेलेंगी। यहां से हर डिवीजन की टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल राउंड में जाएंगी और सेमीफाइनल जीतने वाली टीम फाइनल खेलेगी।

अब तक कौन-कौन सी टीमें क्वालिफाई हुई हैं?
अब तक 12 टीमें क्वालिफाई कर चुकी हैं। इनमें बीते दिनों खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप की टॉप-8 टीमें सीधे क्वालिफाई कर गई हैं। वेस्टइंडीज और अमेरिका को बतौर मेजबान डायरेक्ट एंट्री मिली है। इसके अलावा दो अन्य टीमें रैंकिंग के आधार पर आई हैं। शेष 8 टीमें क्वालिफायर टूर्नामेंट के जरिए आएंगी। अगले ग्राफिक में देखिए कौन-कौन सी टीमें कैसे क्वालिफाई हुई हैं।

शेष-8 स्पॉट का क्वालिफिकेशन कैसे होगा?
बचे हुए आठ कोटे के लिए क्वालिफिकेशन रीजनल प्ले से होगा। ICC ने कहा- 'साउथ अफ्रीका ने कोटा हासिल करने की मजबूत दावेदारी पेश की है। जबकि जिम्बाब्वे दावेदारी में कमजोर रहा है। ऐसे में दोनों को रीजनल क्वालिफिकेशन के लिए भेजे गए हैं।' साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे सुपर-12 के नीचले पायदान पर रहे थे।

ICC के अनुसार अफ्रीका, एशिया और यूरोप रीजन में 2 कोट और अमेरिका और ईस्ट एशिया पैसेफिक रीजन में एक-एक कोटा है।