बदले नियमों से खेला जाएगा टी-20 वर्ल्ड कप:मांकडिंग को रनआउट की श्रेणी में डाला गया, नए बैटर के स्ट्राइक पर आने का टाइम भी आधा किया

दुबई2 महीने पहले
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अश्विन ने बटलर को मांकडिंग आउट किया था। उसके बाद इसे अनफेयर कहा गया था। - Dainik Bhaskar
अश्विन ने बटलर को मांकडिंग आउट किया था। उसके बाद इसे अनफेयर कहा गया था।

इंटरनेशनल क्रिकेट में अब मांकडिंग आउट नहीं होगा। ICC ने इसे अमान्य कर दिया है। अब यह रनआउट माना जाएगा। दुनिया में क्रिकेट संचालित करने वाली संस्था इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की चीफ एग्जीक्यूटिव कमिटी ने मंगलवार को प्रस्तावित बदलावों को मंजूरी दे दी है। उसने बॉल चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल को पूरी तरह प्रतिबंधित किया है। इतना ही नहीं नए बल्लेबाज का टाइम आउट पीरियड भी कम कर दिया है।

चीफ एग्जीक्यूटिव्स कमिटी (CEC) ने सौरव गांगुली की अगुवाई वाली कमिटी के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इंटरनेशनल क्रिकेट में बदले हुए नियम 1 अक्टूबर 2022 से लागू होंगे। यानी कि 16 अक्टूबर से ऑस्ट्रेलिया में शुरू होने जा रहा टी-20 वर्ल्ड कप बदलते हुए नियमों के तहत खेला जाएगा। आइए जानते हैं, टी20 वर्ल्ड कप से पहले कौन-कौन से नियम बदलने वाले हैं।

कोरोना महामारी के बाद सलाइवा के इस्तेमाल पर अस्थायी तौर पर बैन किया गया था। अब इसे स्थायी कर दिया है।
कोरोना महामारी के बाद सलाइवा के इस्तेमाल पर अस्थायी तौर पर बैन किया गया था। अब इसे स्थायी कर दिया है।

1. बैट्समैन टाइट आउट
किसी बल्लेबाज के आउट होने के बाद नए बैटर के क्रीज में आने का समय कम हो गया है। अब उसे टेस्ट-वनडे में 2 मिनट के अंदर स्ट्राइक पर आना होगा। जबकि, टी20 इंटरनेशनल में यह समय 90 सेकंड तय किया गया है। पहले 3 मिनट मिलते थे। नए बल्लेबाज के समय पर न आने पर फील्डिंग टीम का कप्तान टाइम आउट की अपील कर सकता है।

सबसे पहले 1919 में टाइम आउट के तहत आउट दिया गया था। टाउनटंस काउंटी ग्राउंड में हेरॉल्ड हेगेट इस नियम के तहत आउट होने वाले पहले बल्लेबाज बने थे। हालांकि, यह 1980 में क्रिकेट कोड में शामिल किया गया था। तब बल्लेबाज को 2 मिनट का टाइम मिलता था। 2000 में इसे 3 मिनट कर दिया गया।

हेरॉल्ड हेगेट टाइम आउट के तहत आउट होने वाले पहले बल्लेबाज थे। (प्रतीकात्मक फोटो)
हेरॉल्ड हेगेट टाइम आउट के तहत आउट होने वाले पहले बल्लेबाज थे। (प्रतीकात्मक फोटो)

2. बॉल खेलने का अधिकार
यदि बल्लेबाज को बॉल तक पहुंचने के लिए पिच से बाहर आना पड़ रहा है। तो अंपायर कॉल होगा कि वह उसे डेड बॉल करार दे। यदि कोई बॉल बैटर को पिच से बाहर आने पर मजबूर करती है, तो अंपायर इसे नोबॉल करार देगा।

3. फील्डर या बॉलर का गलत व्यवहार
गेंदबाजी के दौरान (रनअप) गेंदबाज कुछ अनुचित व्यवहार या जानबूझकर कुछ गलत मूवमेंट करता है, तो अंपायर एक्शन ले सकता है। वह बैटिंग टीम के खाते में 5 रन भी जोड़ सकता है। इसे डेड बॉल भी दिया जा सकता है।

26 अप्रैल को RCB-RR मैच में रेयान पराग और हर्षल पटेल के बीच विवाद हो गया था।
26 अप्रैल को RCB-RR मैच में रेयान पराग और हर्षल पटेल के बीच विवाद हो गया था।

4. मांकडिंग खत्म, अब रन आउट
मांकडिंग को अमान्य कर दिया गया है। अब इसे रनआउट की श्रेणी में डाल दिया गया है।

IPL में अश्चिन के जोस बटलर को आउट करने के बाद यह ज्यादा चर्चा में आया।
IPL में अश्चिन के जोस बटलर को आउट करने के बाद यह ज्यादा चर्चा में आया।

5. बॉल से पहले स्ट्राइक बैट्समैन की ओर थ्रो
कोई गेंदबाज बॉल डालने के लिए रनअप लेता है और बॉल डालने से पहले देखता है कि बैटर क्रीज से ज्यादा आगे आ गया है। ऐसे में बॉलर आउट करने के इरादे से स्ट्राइकर की ओर बॉल थ्रो करता है, तो इसे डेड बॉल दिया जाएगा।

अब जानिए कहां से आया मांकडिंग आउट
सबसे पहले भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट मैच में वीनू मांकड़ ने विल ब्राउन को ऐसे आउट किया था। बाद में इस तरीके को वीनू के सरनेम के आधार पर यह तरीका ‘मांकडिंग’ कहा गया। IPL में अश्चिन के जोस बटलर को आउट करने के बाद यह ज्यादा चर्चा में आया।

अब जाने कैसे बदले जाते हैं क्रिकेट के नियम...
क्रिकेट के नियम मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) नाम की संस्था बनाती है। यही संस्था समय-समय पर नियमें भी बदलाव भी करती है। यह 1787 में बनी थी। 1814 में लार्ड्स में इसका हेड ऑफिस बना।
1993 में एमसीसी के एडमिनिस्ट्रेटिव और गवर्नेंस कामों को आईसीसी को सौंप दिया गया। अब एमसीसी के पास सिर्फ नियमों और उससे संबंधित काम ही बचा है।

MCC में 18 हजार फुल मेंबर और 5 हजार एसोसिएट मेंबर है। किसी भी नियम में बदलाव के लिए दो तिहाई सदस्यों की अनुमति जरूरी होती है। संस्था नए नियम बनाने से पहले उनसे और अंपयर्स, स्कोरर और प्लेयर्स कमेटी से राय लेती है। सब की सहमति के बाद संस्था ICC को प्रस्ताव भेजती है। फिर ICC की चीफ एग्जीक्यूटिव्स कमेटी की मीटिंग में इसे मंजूरी दी जाती है।

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