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भारतीय बॉलर्स फेल:IPL में गेंदबाजी करने वाले बल्लेबाजों को मौका देना होगा, वनडे में 6वां-7वां बॉलिंग ऑप्शन जरूरी

मुंबई, चंद्रेश नारायणन7 महीने पहले
अगर टीम को अंतिम मौके पर अनफिट हार्दिक पंड्या और मयंक अग्रवाल से गेंदबाजी करानी पड़ रही है तो प्लानिंग में कमी साफ दिखती है। - Dainik Bhaskar
अगर टीम को अंतिम मौके पर अनफिट हार्दिक पंड्या और मयंक अग्रवाल से गेंदबाजी करानी पड़ रही है तो प्लानिंग में कमी साफ दिखती है।

वनडे में भारतीय टीम की गेंदबाजी पर सवाल खड़े हो गए हैं। 2019 वर्ल्ड कप के बाद टीम के प्रदर्शन में आई गिरावट की यह सबसे बड़ी वजह है। टीम के बल्लेबाज गेंदबाजी नहीं कर सकते और गेंदबाज बल्लेबाजी। इस टीम में कई कमियां हैं और इस तरह टीम कभी वनडे टूर्नामेंट नहीं जीत पाएगी।

कोहली के पास विकल्प की कमी है। पहले युवराज, रैना, सचिन, सहवाग जरूरत पड़ने पर गेंद डाल सकते थे। युवी 2011 वर्ल्ड कप में सबसे सफल गेंदबाजों में शामिल थे। हालांकि, पिछले 4-5 सालों में ये विकल्प समाप्त हो गए हैं। विराट और रोहित गेंदबाजी बंद कर चुके हैं।

अब कपिल देव जैसा ऑलराउंडर मिलना मुश्किल
80 के दशक में हमारे पास कई ऑलराउंडर थे। 90 में हमें 5वें गेंदबाजी विकल्प की दिक्कत हुई, लेकिन 2000 की शुरुआत से ही हमारे बल्लेबाज गेंदबाजी की जिम्मेदारी निभाने लगे। अब कपिल देव जैसा ऑलराउंडर मिलना मुश्किल है क्योंकि ऐसे खिलाड़ी दशकों में एक आते हैं। इसलिए बल्लेबाज को ही आगे आकर गेंदबाजी की जिम्मेदारी उठानी होगी। श्रेयस अय्यर लेग-स्पिन कर सकते हैं। लेकिन अभी तक वे नेट्स में अभ्यास करते नहीं दिखे।

टीम इंडिया में प्लानिंग में कमी
अगर टीम को अंतिम मौके पर अनफिट हार्दिक पंड्या और मयंक अग्रवाल से गेंदबाजी करानी पड़ रही है तो प्लानिंग में कमी साफ दिखती है। इसका एक ही समाधान है कि आईपीएल में ऐसे बल्लेबाजों को प्रोत्साहित किया जाए, जो गेंदबाजी भी कर सकते हैं।

इसके अलावा मामले का कोई समाधान नहीं दिखता। वनडे में विकेट फ्लैट हो रहे हैं, जिसकी वजह से कप्तान के पास कम से कम सात विकल्प होने चाहिए। कोहली के पास सिर्फ 5 विकल्प होते हैं।

वनडे टीम का बैलेंस खराब
दीपक चाहर और शार्दुल दोनों को इलेवन में शामिल कर शॉर्ट-टर्म समाधान निकाला जा सकता है। लेकिन क्या इससे गेंदबाजी कमजोर होगी? विराट के सामने ये सवाल होगा। भुवनेश्वर के चोटिल होने से पहले ही वनडे टीम का बैलेंस खराब हो चुका है। हार्दिक भी काफी समय से चोटिल हैं।

वहीं शिवम और विजय शंकर ने गेंदबाजी में सुधार नहीं किया है। लेकिन एक अच्छी बात है कि काफी समय बाद वनडे क्रिकेट में भारतीय टीम के टॉप-5 बल्लेबाज सेटल दिख रहे हैं। लेकिन कब तक? लंबे समय के लिए इन सभी सवालों का जवाब ढूंढना पड़ेगा।

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