गुप्टिल के ओवर थ्रो पर 6 रन देने वाले अंपायर धर्मसेना ने कहा- फैसले में गलती हुई, पर अफसोस नहीं

2 वर्ष पहले
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अंपायर कुमार धर्मसेना और बल्लेबाज बेन स्टोक्स। - Dainik Bhaskar
अंपायर कुमार धर्मसेना और बल्लेबाज बेन स्टोक्स।
  • श्रीलंकन अंपायर कुमार धर्मसेना ने कहा- टीवी पर रिप्ले देखकर कमेंट करना आसान होता है
  • 5 बार अंपायर ऑफ द ईयर चुने गए साइमन टॉफेल ने भी इस फैसले को गलत करार दिया था

खेल डेस्क. वर्ल्ड कप के फाइनल में मार्टिन गुप्टिल के ओवर थ्रो पर इंग्लैंड को 6 रन देने वाले अंपायर कुमार धर्मसेना ने रविवार को यह माना कि उनका फैसला गलत था। लेकिन, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपने फैसले पर अफसोस नहीं है। पूर्व श्रीलंकाई क्रिकेटर धर्मसेना ने कहा कि थ्रो के दौरान दोनों बल्लेबाज एक-दूसरे को क्रॉस नहीं कर पाए थे। मुझे फैसला लेने में गलती हुई।
 

आईसीसी के पूर्व अंपायर साइमन टॉफेल ने भी इस फैसले को गलत करार दिया था। उन्होंने कहा था कि आईसीसी के नियमों के मुताबिक, इस ओवर थ्रो पर इंग्लैंड को 5 रन ही मिलने चाहिए थे। अगर ऐसा होता तो नतीजे बदल सकते थे। टॉफेल 5 बार अंपायर ऑफ द ईयर चुने गए हैं। मैच और सुपर ओवर टाई रहने के बाद बाउंड्री के नियम के आधार पर इंग्लैंड को विजेता घोषित किया गया था। 

 

मैदान पर कोई टीवी रीप्ले नहीं होता- धर्मसेना
धर्मसेना ने कहा, ‘‘लोगों के लिए टीवी पर रीप्ले देखकर कमेंट करना आसान होता है। हाल ही में मैंने टीवी पर जब रीप्ले देखा, तब मुझे पता चला कि मुझसे सही फैसला लेने में गलती हुई। हमारे पास मैदान पर कोई टीवी रिप्ले नहीं होता है। मुझे इस फैसले पर कभी अफसोस नहीं रहेगा।’’

 

नियमानुसार इंग्लैंड को ओवर थ्रो पर 5 रन मिलने चाहिए थे
फाइनल के 50वें ओवर की चौथी बॉल पर जब न्यूजीलैंड के मार्टिन गुप्टिल ने थ्रो फेंका था, तब इंग्लैंड के बल्लेबाज बेन स्टोक्स और आदिल रशीद एक रन पूरा कर चुके थे। हालांकि, जब थ्रो फेंका गया, तब बल्लेबाज दूसरे रन के लिए एक-दूसरे को क्रॉस नहीं कर पाए थे। थ्रो पहुंचने से पहले स्टोक्स क्रीज में पहुंच चुके थे, लेकिन तभी गेंद उनके बल्ले से लगकर बाउंड्री तक चली गई थी। टॉफेल के मुताबिक, ऐसी स्थिति में इंग्लैंड को केवल 5 रन मिलने चाहिए थे, न कि 6 रन।

 

मैच और सुपर ओवर, दोनों टाई हुए
वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार फाइनल में सुपर ओवर खेला गया। यह भी पहली बार हुआ, जब मैच और सुपर ओवर दोनों टाई हो गए। न्यूजीलैंड ने पहले 241 रन बनाए। इंग्लैंड की टीम 241 रन पर ही ऑलआउट हो गई। सुपर ओवर में इंग्लैंड ने 15 रन बनाए। न्यूजीलैंड ने इस लक्ष्य की बराबरी तो कर ली, लेकिन जीत के लिए जरूरी एक रन बनाने से चूक गया। इसके बाद आईसीसी के नियमानुसार ज्यादा बाउंड्री लगाने वाली इंग्लैंड को विजेता घोषित किया गया। पूरे मैच में इंग्लैंड ने 26 और न्यूजीलैंड ने 17 बाउंड्री लगाईं।