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टेस्ट में विराट के बेमिसाल 10 साल:2011 में आज ही के दिन किया था डेब्यू, 7 साल उनकी कप्तानी में इंडिया बनी बेस्ट टीम; 10 पारियों ने बनाया किंग कोहली

साउथैम्पटन4 महीने पहले
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भारतीय कप्तान विराट कोहली के आज टेस्ट क्रिकेट में 10 साल पूरे हो गए हैं। उन्होंने 20 जून 2011 को वेस्टइंडीज के खिलाफ डेब्यू किया था। तब से लेकर अब तक उन्होंने कुल 92 टेस्ट खेले हैं। इसमें उन्होंने 52.68 की औसत से 7534 रन बनाए हैं।

टेस्ट में उनके नाम 27 सेंचुरी और 25 फिफ्टी हैं। उन्होंने टेस्ट करियर में 7 डबल सेंचुरी भी लगाई है। वे मौजूदा समय के फेवरेट-4 बैट्समैन में से एक माने जाते हैं। विराट के अलावा इस लिस्ट में न्यूजीलैंड के केन विलियम्सन, ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ और इंग्लैंड के जो रूट हैं।

डेब्यू से लेकर अब तक का विराट का टेस्ट में सफर शानदार रहा है। 5वें नंबर के इस बल्लेबाज ने करियर की शुरुआत राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण जैसे बल्लेबाजों के संरक्षण में की। हालांकि तब विराट की प्लेइंग-11 में जगह पक्की नहीं थी। जनवरी 2012 में द्रविड़ और लक्ष्मण के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्हें पक्के तौर पर जगह मिली। इसके बाद से विराट ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

2014 की शुरुआत में वीरेंद्र सहवाग और जहीर खान ने भी टेस्ट को अलविदा कह दिया। इसी साल दिसंबर में भारत ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया। टूर के लिए महेंद्र सिंह धोनी को कप्तान बनाया गया। टूर के पहले टेस्ट में वे चोट की वजह से नहीं खेले और विराट कप्तान बनाए गए।

दूसरे टेस्ट में धोनी ने वापसी की और कप्तानी भी संभाली। हालांकि इस टेस्ट में भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की जीत के बाद धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया। इसके बाद विराट को परमानेंट कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई।

तब से लेकर अब तक उन्होंने 61 टेस्ट में भारत की कप्तानी की है। इसमें से टीम इंडिया ने 36 टेस्ट जीते हैं और 14 में हार मिली। उन्होंने धोनी के सबसे ज्यादा टेस्ट में कप्तानी के और सबसे ज्यादा जीत के, ये दोनों रिकॉर्ड तोड़ दिए। धोनी ने 60 टेस्ट में कप्तानी की थी।

इतना ही नहीं टेस्ट में भारत के टॉप-10 सबसे ज्यादा रनों से जीत में कोहली की टीम के 6 रिकॉर्ड हैं। वहीं, टॉप 2 इनिंग्स से जीत भी कोहली की टीम इंडिया ने ही दर्ज की है। यह उनकी ही कप्तानी का नतीजा है कि भारतीय टीम फिलहाल वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेल रही है।

हम आपको टेस्ट में विराट की टॉप-10 पारियों के बारे में बता रहे हैं...

नंबर-1

2008 में वनडे में डेब्यू करने वाले कोहली को अपने टेस्ट करियर में डेब्यू के लिए 3 साल का इंतजार करना पड़ा। वे टीम इंडिया के मिडिल ऑर्डर के रीढ़ की हड्डी हैं। उनकी सबसे शानदार पारी 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आई। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एडिलेड ओवल में कोहली ने अपने आने की वॉर्निंग दी थी। ऑस्ट्रेलियाई सीरीज में टीम इंडिया 3 टेस्ट हार चुकी थी।

वहीं, एडिलेड टेस्ट में रिकी पोंटिंग और माइकल क्लार्क की डबल सेंचुरी की बदौलत कंगारू टीम ने पहली पारी में 604 रन बनाए थे। इसके जवाब में भारत ने 87 रन पर 4 विकेट गंवा दिए थे। कोहली ने इसके बाद 116 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने अपने क्लासिक शॉट्स से दर्शाया कि क्यों वे आने वाले समय के बेस्ट बैट्समैन होंगे। टीम इंडिया यह टेस्ट 298 रन से हार गई थी

नंबर-2

राजकोट में इंग्लैंड ने टीम इंडिया को 310 रन का टारगेट दिया था। तब 2 सेशन के लगभग 60 ओवर का खेल बचा था। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने नई बॉल का एडवांटेज लिया और भारत की बैटिंग लाइन अप को तहस-नहस कर दिया। भारत ने टारगेट चेज करते हुए एक समय 132 रन पर 6 विकेट गंवा दिए थे। उस वक्त 10 ओवर बचे थे।

ऐसे में कोहली ने जडेजा के साथ मिलकर टीम इंडिया को शर्मनाक हार से बचाया था। कोहली ने 98 बॉल पर 49 रन की पारी खेली थी और अंत तक टिके रहे। जडेजा ने 8वें नंबर पर बल्लेबाजी की और कोहली का बखूबी साथ निभाया। टीम इंडिया ने यह टेस्ट ड्रॉ कराया था।

नंबर-3

वेलिंग्टन में भारत और न्यूजीलैंड के बीच मैच में कीवी टीम ने दूसरी पारी में 5 विकेट पर 94 रन बना लिए थे। इसके बाद ब्रैंडन मैकुलम ने ट्रिपल सेंचुरी (302 रन) लगाई थी। भारत को 435 रन का टारगेट मिला। टीम इंडिया ने एक समय 53 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे।

इसके बाद कोहली ने 105 नाबाद रनों की पारी खेली और यह मैच ड्रॉ कराया था। उन्होंने इस मैच में ट्रेंट बोल्ट, टिम साउदी, नील वैगनर, जिमी नीशम और कोरी एंडरसन जैसे गेंदबाजों से सजी कीवी पेस अटैक के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी की थी।

नंबर-4

2014 में एडिलेट ओवल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोहली ने दो पारियों में 2 सेंचुरी लगाई थी। धोनी को चोट लगने के बाद कोहली इस टेस्ट में बतौर कप्तान उतरे थे। पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया ने 517 रन बनाए। इसके जवाब में कोहली के 115 रन की बदौलत टीम इंडिया ने पहली पारी में 444 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया ने इसके बाद 364 रन का टारगेट दिया।

जवाब में मुरली विजय के सपोर्ट में कोहली ने दूसरी पारी में 175 बॉल पर 80.57 के स्ट्राइक रेट से शानदार 141 रन बनाए थे। विजय के अलावा कोई बल्लेबाज कोहली का साथ नहीं दे सका और भारतीय टीम यह मैच 48 रन से हार गई। इस मैच में मिचेल जॉनसन ने कोहली को आउट किया था।

नंबर-5

कोहली एडिलेड टेस्ट के बाद मेलबर्न टेस्ट में भी शानदार फॉर्म में दिखे। यह वही टेस्ट है जिसमें कोहली और जॉनसन के बीच विवाद हुआ था। पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया ने 530 रन बनाए। जवाब में भारत टीम ने 108 रन पर 2 विकेट गंवा दिए थे और 428 रन से पीछे थी। विराट के क्रीज पर आने के बाद जॉनसन ने उन्हें रन आउट करना चाहा। उनका एक थ्रो विराट के पैर पर जाकर लगा।

इसके बाद दोनों के बीच बहस हुई। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इसके बाद कोहली को स्लेज करना शुरू किया। विराट ने इसका जवाब बल्ले से दिया था और शानदार सेंचुरी लगाई थी। उन्होंने 272 बॉल पर 169 रन की पारी खेली। यह मैच ड्रॉ रहा था।

नंबर-6

इंदौर में टेस्ट से पहले न्यूजीलैंड की टीम ने कोहली को पहले 2 टेस्ट में शांत रखा था। कोहली ने सीरीज में 9, 18, 9 और 45 रन की पारी खेली थी। हालांकि वे ज्यादा देर तक शांत बैठने वाले कहां थे और उन्होंने डबल सेंचुरी लगाकर ये साबित भी कर दिया था।

विराट ने भारत की पहली पारी में 366 बॉल पर 211 रन बनाए। इस पारी में उन्होंने सिर्फ 20 चौके लगाए। यानी 211 में से 80 रन सिर्फ बाउंड्री से बनाए। बाकी 131 रन उन्होंने सिंगल और डबल से अर्जित किए। उनकी इस मैच में फिटनेस अलग लेवल पर थी।

नंबर-7

2016 में इंग्लैंड के भारत टूर के दौरान कोहली की टेस्ट के ग्रेट प्लेयर्स की लिस्ट में एंट्री हुई। उस वक्त टीम इंडिया टेस्ट में नंबर-1 टीम थी। टीम ने वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड में जीत हासिल की थी। 2016 में कोहली ने जमकर रन बनाए थे। इंग्लैंड ने वानखेड़े में खेले गए मैच में पहली पारी में 400 रन बनाए थे। भारत को चेतेश्वर पुजारा और मुरली विजय ने सधी शुरुआत दी। पर टीम ने 45 रन पर 4 विकेट गंवा दिए।

कोहली एक छोर पर जमे रहे। उन्होंने ऑलराउंडर जयंत यादव के साथ 8वें विकेट के लिए 241 रन की पार्टनरशिप की थी। जो कि आज भी इस विकेट के लिए भारत की बेस्ट पार्टनरशिप है। कोहली ने सीजन की तीसरी डबल सेंचुरी लगाई। उन्होंने 340 बॉल पर 235 रन बनाए। जयंत ने इस मैच में शतक लगाया था। भारत ने यह मैच पारी और 36 रन से जीता था।

नंबर-8

जनवरी 2018 में साउथ अफ्रीकी दौरे से पहले कोहली को वर्ल्ड टेस्ट-11 टीम में शामिल किया गया था। हालांकि टीम इंडिया ने साल की शुरुआत हार से की थी। अफ्रीकी टीम के खिलाफ सीरीज के पहले टेस्ट में टीम को हार मिली। कोहली ने पहले मैच में 5 और 28 रन की पारी खेली। इसके बाद दूसरा मैच सेंचूरियन में खेला गया।

पहली पारी में साउथ अफ्रीका ने 335 रन बनाए। इसके जवाब में कोहली और मुरली विजय ने भारत को अच्छे स्कोर तक पहुंचाया। कोहली ने इस मैच में 217 बॉल पर 153 रनों की बेहतरीन पारी खेली। वहीं, विजय 46 रन बनाकर आउट हुए। इन दोनों की बदौलत टीम इंडिया ने 307 रन बनाए थे। हालांकि दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने कुछ खास नहीं किया। साउथ अफ्रीका ने यह मैच 135 रन से जीता था।

नंबर-9

कोहली ने 2018 में इंग्लैंड दौरे से पहले इंग्लिश काउंटी क्रिकेट खेलने का फैसला लिया था। उन्होंने इसके लिए सरे टीम के लिए साइन भी किया था, लेकिन गले में चोट के कारण नहीं खेल पाए थे। हालांकि इंग्लैंड दौरे से पहले ठीक होकर उन्होंने टीम को जॉइन कर लिया था।

इंग्लैंड ने पहली पारी में 287 रन बनाए। इसके जवाब में भारत ने 100 रन के अंदर 5 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद कोहली ने 225 बॉल पर 149 रनों की शानदार पारी खेली थी। वे 25+ रन बनाने वाले टीम के इकलौते बल्लेबाज थे। हालांकि, दूसरी पारी में टीम इंडिया 194 रन के टारगेट को चेज नहीं कर पाई और 31 रन से मैच हार गई थी।

नंबर-10

2018 में इंग्लैंड दौरे पर भारत ने शुरुआती 2 टेस्ट गंवा दिए थे। इसके बाद दोनों टीमें नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज पहुंची थी। भारत ने पहली पारी में 329 रन बनाए। कोहली ने 97 रन और अजिंक्य रहाणे ने 81 रन की पारी खेली थी। इसके जवाब में इंग्लिश टीम पहली पारी में 161 रन पर आउट हो गई।

दूसरी पारी में भारत ने 352 रन बनाए। इसमें कोहली ने 197 बॉल पर 103 रन की पारी खेली। इसकी बदौलत भारत ने इंग्लैंड के सामने 521 रन का टारगेट रखा, लेकिन इंग्लिश टीम 317 रन बनाकर ऑलआउट हो गई और भारत ने यह मैच 203 रन से जीत लिया था।

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