कोहली का खराब दौर:IPL 2021 में स्पिनरों के खिलाफ स्ट्राइक रेट सबसे खराब, श्रीलंका और अफ्रीका के खिलाफ भी बल्ला नहीं चला

नई दिल्ली3 महीने पहले
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टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली का फॉर्म पिछले दो साल से गायब है। स्पिन गेंदबाज हो या तेज गेंदबाज वो किसी के खिलाफ अपने लय में नजर नहीं आ रहे हैं। पिछले शतक के बाद से विराट टेस्ट में 30 बार आउट हुए 19 बार फास्ट बॉलर्स ने आउट किया। वहीं, 11 बार स्पिनर ने उन्हें अपना शिकार बनाया। वनडे में कोहली 21 बार आउट हुए। 13 बार फास्ट बॉलर्स ने आउट किया, वहीं, 8 बार स्पिनरों ने उन्हें चलता किया। क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट टी-20 में कोहली अपने आखिरी शतक के बाद 15 बार आउट हुए 8 बार फास्ट बॉलर्स ने आउट किया और 7 बार स्पिनर्स का शिकार बने।

श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दोनों मैच में उन्हें स्पिनर्स एम्बुलडेनिया, डी-सिल्वा और जयविक्रमा ने आउट किया। साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीनों वनडे में वे स्पिनर्स तबरेज शम्सी और केशव महाराज का शिकार बने थे।

कभी स्पिन के धाकड़ बल्लेबाज माने जाने वाले विराट का स्पिन के खिलाफ कोहली की परेशानी से एक्सपर्ट्स चिंतित हैं। उनके बचपन के कोच राजकुमार शर्मा ने इस बारे में कहा, 'महाराज के खिलाफ गेंद काफी रुक कर बल्ले पर आ रही थी। ऐसा नहीं है कि वह खराब बल्लेबाजी कर रहे हैं या उसे सुधार की जरूरत है।'

कोहली 2018 IPL के बाद से स्पिन के खिलाफ लगातार संघर्ष कर रहे हैं। IPL 2021 में कोहली का स्पिन के खिलाफ स्ट्राइक रेट अन्य बल्लेबाजों की तुलना में सबसे खराब था।

फुलर गेंद बैकफुट पर खेलना उनकी समस्या; बेसिक्स पर ध्यान देना चाहिए: एक्सपर्ट्स
पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा कोहली को लेकर कहते हैं, 'उनकी समस्या फुलर गेंद को बैकफुट पर खेलना है। हम उनके खेलने के स्टाइल से चिंतित हैं कि वह कैसे खेल रहे हैं, किस तरह का शॉट लगा रहे हैं। अगर उनके जजमेंट में गलती है, तो यह बड़ी परेशानी वाली बात है।'

वहीं, गौतम गंभीर का कहना है कि कोहली को बेसिक्स पर दोबारा ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, 'एक और बड़ी चिंता यह है कि उनका बल्ला पैड की लाइन में होता है। जब ऐसा होता है तो उन गेंदों को खेलना मुश्किल होता है, जो टर्न ले लेती हैं। कोहली आउटसाइड ऐज में पिट रहे हैं। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि आपका बल्ला पैड के आगे रहे।'

गंभीर का मानना है कि लिमिटेड ओवर की क्रिकेट ने कोहली को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा, 'आजकल इतना लिमिटेड ओवर क्रिकेट हो रहा है कि खिलाड़ी मूल बातें खो रहे हैं। बल्लेबाजों को स्पिन से निपटना भी सीखना होगा।'

2017 के पहले 4 साल में 72 पारियों में सिर्फ 6 बार स्पिनर्स ने आउट किया
कोहली का IPL 2018 में स्पिनर्स के खिलाफ औसत मात्र 24.75 था। उससे पहले 2013 से 2017 के बीच विराट कोहली को 72 पारियों में सिर्फ 6 बार स्पिनर्स ने आउट किया था। तब उनका औसत 170 और स्ट्राइक रेट 138 था। IPL 2017 में 10 पारियों में स्पिनर्स कोहली को आउट नहीं कर सके थे, लेकिन 2018 से कहानी बदल गई और वे स्पिनर्स के खिलाफ चल नहीं सके।

73 पारियों से नहीं बनाया विराट ने शतक
पिछले ढाई साल और 73 पारियों से विराट कोहली ने शतक नहीं लगाया है। विराट अब तक वनडे में 43 और टेस्ट में 27 शतक लगा चुके हैं। उन्होंने आखिरी बार शतक 23 नवंबर 2019 को बांग्लादेश के खिलाफ कोलकाता में लगाया था।

5 साल में पहली बार 50 से कम हुआ विराट का औसत
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली श्रीलंका के खिलाफ दो मैच की टेस्ट सीरीज में एक बार फिर बल्ले से जूझ रहे थे। दूसरे टेस्ट के पहले कोहली का औसत 50.35 था। वे तीनों फॉर्मेट में 50 के औसत से बल्लेबाजी करने वाले दुनिया के एकमात्र खिलाड़ी थे, लेकिन दूसरे टेस्ट में वे सिर्फ 23 और 13 रन बनाकर आउट हो गए। इससे उनका औसत गिरकर 49.95 हो गया। यह अगस्त 2017 और 40 मैच बाद पहला मौका था जब उनका औसत 50 से कम हो गया था।

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