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इंटरव्यू / विराट ने हेलमेट न पहनने की वजह पूछी तो रिचर्ड्स ने कहा- असहज महसूस करता था



इंटरव्यू के दौरान सर विवियन रिचर्ड्स के साथ विराट कोहली। इंटरव्यू के दौरान सर विवियन रिचर्ड्स के साथ विराट कोहली।
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इंटरव्यू के दौरान सर विवियन रिचर्ड्स के साथ विराट कोहली।इंटरव्यू के दौरान सर विवियन रिचर्ड्स के साथ विराट कोहली।

  • कोहली ने कहा- मैं हमेशा महसूस करता हूं कि पारी की शुरुआत में चोट लग जाए तो अच्छा है
  • पहले जब गार्ड नहीं होते थे, तो गेंद लगने पर खेल का अहसास होता था: विवियन रिचर्ड्स

Dainik Bhaskar

Aug 22, 2019, 04:42 PM IST

खेल डेस्क. भारतीय टीम 6 अगस्त से 3 सितंबर तक के लिए वेस्टइंडीज दौरे पर है। इस दौरान टीम इंडिया टी-20 और वनडे सीरीज जीत चुकी है। अब टेस्ट सीरीज की शुरुआत होगी। उससे पहले कप्तान विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के पूर्व महान बल्लेबाज सर विवियन रिचर्ड्स का इंटरव्यू लिया। इस इंटरव्यू का पहला हिस्सा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अपने ट्विटर हैंडल पर गुरुवार को शेयर किया।

 

कोहली ने वीडियो के शुरुआत में ही कहा कि आप मुझे इस भूमिका (एंकर) में ज्यादा नहीं देखते होंगे, लेकिन आज मैं यह एक खास वजह से कर रहा हूं। इसके बाद कोहली ने विवियन रिचर्ड्स का परिचय कराया। उन्होंने सर विवियन से कई सवाल पूछे।

 

 

सवाल-जवाब

कोहली: जब आप खेलते थे तो किस तरह की चुनौतियों का सामना करते थे? आपके अंदर जो आत्मविश्वास रहता था, उसका क्या राज था?


रिचर्ड्स: मुझे हमेशा लगता था कि मैं इस स्तर पर क्रिकेट खेलने के लायक हूं। मैं हमेशा खुद को साबित करना चाहता था। वैसा ही जुनून आपके अंदर भी दिखाई देता है। कई बार लोग देखकर आपको देखकर कहते हैं- ‘यह इतना गुस्से में क्यों है?’

 

कोहली: जब भी मैं आपके वीडियो देखते हूं आप सिर्फ टोपी पहनकर मैदान पर उतरते थे। तब हेलमेट नहीं हुआ करते थे, लेकिन हेलमेट आने के बाद भी आपने उसे नहीं पहनने का फैसला किया। मैं जानता हूं कि उस समय पिचें पूरी तरह तैयार नहीं होती थीं। तब आपके दिमाग में क्या चल रहा होता था। बाउंसर्स से बचने के उपाय भी नहीं होते थे। इसके बावजूद भी आप जाकर गेंदबाजों पर हावी कैसे हो जाते थे? ड्रेसिंग रूम से निकलकर पिच तक जाने के दौरान आपके दिमाग में क्या चलता रहता था?

 

रिचर्ड्स: मुझे विश्वास था कि मैं मर्द हूं। यह सुनकर सबको लग सकता है कि मैं घमंडी हूं, लेकिन मुझे हमेशा लगता था कि मैं इस खेल को अच्छे से जानता हूं। मैंने हर बार खुद का समर्थन किया। आप चोटिल होने पर भी वह भरोसा नहीं छोड़ते। मैंने हेलमेट पहनकर बल्लेबाजी की कोशिश तो की, लेकिन असहज महसूस किया। इसलिए मैंने मरून कैप का ही इस्तेमाल किया, जो मुझे दी गई थी। मुझे मरून कैप पर गर्व था और मैं वही पहनता था, मुझे लगता था कि चोट लगने पर भी मैं बच जाऊंगा।

 

कोहली: मैं हमेशा महसूस करता हूं कि पारी की शुरुआत में चोट लग जाए तो अच्छा है। यह पूरी पारी के दौरान गेंद लगने के डर से अच्छा है। उस दर्द को महसूस करके मुझे लगता है कि ऐसा पारी में दोबारा नहीं होना चाहिए।

 

रिचर्ड्स: यह खेल का हिस्सा है। आप इससे कैसे बाहर आते हैं यह काफी मायने रखता है। पहले जब गार्ड नहीं होते थे, तो गेंद लगने पर खेल का अहसास होता था।

 

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