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घरेलू क्रिकेट के सबसे सफल खिलाड़ी जाफर ने 42 की उम्र में संन्यास लिया

एक वर्ष पहले
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वसीम जाफर ने रणजी में 12038, ईरानी ट्राॅफी में 1294 और दलीप ट्रॉफी में 2545 रन बनाए हैं। -फाइल - Dainik Bhaskar
वसीम जाफर ने रणजी में 12038, ईरानी ट्राॅफी में 1294 और दलीप ट्रॉफी में 2545 रन बनाए हैं। -फाइल
  • वसीम जाफर ने रणजी, ईरानी, दलीप ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाए, सबसे ज्यादा 156 रणजी मैच खेले
  • जाफर ने कहा- पहली पारी खत्म, अब कोचिंग या कमेंट्री के रूप में दूसरी पारी शुरू करूंगा

खेल डेस्क. भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे सफल खिलाड़ी वसीम जाफर ने शनिवार को सभी प्रारूपों को अलविदा कह दिया। मुंबई में जन्मे जाफर ने भारतीय टीम में ओपनर की भूमिका भी निभाई। 42 साल के जाफर ने 25 साल क्रिकेट खेला। उन्होंने 1996 में फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था। वे रणजी ट्रॉफी, ईरानी ट्रॉफी और दलीप ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने रणजी में 12038, ईरानी ट्राॅफी में 1294 और दलीप ट्रॉफी में 2545 रन बनाए हैं। वे सबसे ज्यादा 156 रणजी मैच खेलने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने मुंबई को दो बार रणजी चैंपियन बनाया। वे दो बार रणजी टाइटल जीतने वाली विदर्भ टीम के सदस्य थे। वे रणजी में 12 हजार से ज्यादा रन बनाने वाले इकलौते खिलाड़ी हैं।


जाफर ने कहा, ‘‘सबसे पहले मैं खुदा का शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने मुझे इस खूबसूरत खेल को खेलने की प्रतिभा दी। मैं परिवार, माता-पिता, भाई और पत्नी का धन्यवाद करता हूं, जिसने मेरे क्रिकेट करिअर को आगे बढ़ाने में मदद दी। इतने साल क्रिकेट खेलने के बाद अब मूव ऑन करने का समय आ गया है। रेड बॉल क्रिकेट हमेशा से मेरे दिल के करीब रहेगा। मेरी पहली पारी खत्म हुई। अब दूसरी पारी शुरू करूंगा। उसमें कोचिंग, कमेंट्री या ऐसा ही कुछ करूंगा, जिससे इस खेल से जुड़ा रहूं। क्रिकेट ने मुझे काफी कुछ दिया है।’’

जाफर ने कोच, चयनकर्ताओं समेत सभी का धन्यवाद किया
उन्होंने कहा, ‘‘मैं स्कूल के दिनों से लेकर प्रोफेशनल क्रिकेट में कोचिंग देने वाले सभी कोच का धन्यवाद करता हूं। उन सभी लोगों का शुक्रिया, जिसने मेरे स्किल को निखारा। चयनकर्ताओें का धन्यवाद, जिन्होंने मुझ पर विश्वास बनाए रखा। अपने अब तक के सभी कप्तान, साथियों और सपोर्ट स्टाफ का भी धन्यवाद करता हूं। मैंने उनसे काफी कुछ सीखा। मैं खासतौर पर द्रविड़, गांगुली, अनिल कुंबले, लक्ष्मण, वीरेंद्र सहवाग और महेंद्र सिंह धोनी का शुक्रिया करता हूं। सचिन तेंदुलकर के बारे में क्या कहूं, वे तो मेरे रोल मॉडल थे।’’

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