शतक को तरसे विराट कोहली:भारतीय कप्तान की फॉर्म पर टिका है भारत की जीत का भविष्य, पिछली 51 पारियों से नहीं खेली शतकीय पारी

3 महीने पहले
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भारतीय कप्तान विराट कोहली इस वक्त खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं। सीरीज की शुरुआत से ही विराट एक ही गलती को दोहराते हुए अपना विकेट गंवाते दिख रहे हैं। बार-बार वह चौथे व पांचवें स्टंप की गेंद पर अपना विकेट गंवा रहे हैं और उन गेंदों के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं जिन्हें वह आसानी से छोड़ सकते हैं। कोहली का इस तरह लगातार फ्लॉप होना अब भारत के लिए चिंता का सबब बनता जा रहा है। क्रिकेट एक्सपर्ट्स अपनी-अपनी सलाह कोहली को दे रहे हैं, मगर अब उनका बल्लेबाज पर कोई असर नजर नहीं आया है। यदि भारत को अगले मैच में सीरीज में वापसी करनी है, तो कोहली का फॉर्म में आना बहुत जरुरी है।

51 पारियों से हैं शतक का इंतजार
एक समय हुआ करता था जब कोहली के बल्ले से सीरीज दर सीरीज शतकों की बरसात देखने को मिलती थी, लेकिन साल 2019 के बाद से भारतीय कप्तान एक भी शतक नहीं लगा सके हैं। विराट ने अपना अंतिम टेस्ट शतक 2019 में बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए पिंक बॉल टेस्ट में लगाया था। टेस्ट क्रिकेट तो दूर लिमिटेड ओवर फॉर्मेट में भी विराट का बल्ला शतक की सलामी के लिए तरस रहा है। इंटरनेशनल क्रिकेट में पिछली 51 पारियों से विराट कोहली ने एक भी शतक नहीं लगाया है।

शतक का असर फॉर्म पर भी
विराट कोहली के बल्ले से शतक न निकलने का असर उनकी फॉर्म पर भी साफ देखने को मिल रहा है। 2019 के बाद से उनकी टेस्ट औसत में काफी गिरावट देखने को मिली है। साल 2020 में खेला तीन टेस्ट मैचों में कोहली का बल्लेबाजी औसत मात्र 19.33 था और इस साल भी अभी तक खेले 8 मुकाबलों में भारतीय कप्तान के बल्ले से केवल 27.15 की औसत से रन देखने को मिले हैं। 2011 में विराट ने टेस्ट डेब्यू किया था और 2012 से 2019 तक हमेशा उनका औसत 40 के ऊपर देखने को मिला, लेकिन इस बार आंकड़े वाकई में हैरान करने वाले हैं।

कप्तानी पर भी दिखा असर
विराट कोहली की खराब फॉर्म का असर कहीं न कहीं उनकी कप्तानी पर भी देखने को मिला है। दो साल पहले जब बांग्लादेश के खिलाफ कोहली ने अपना आखिरी टेस्ट शतक लगाया था तब तक उन्होंने 53 मैचों की कप्तानी की थी और भारत 33 में जीत दर्ज करने में सफल रहा था, लेकिन उस शतक के बाद आंकड़ों में जमीन आसमान का अंतर साफतौर पर देखा जा सकता है।

अपने आखिरी टेस्ट शतक के बाद टीम इंडिया के कप्तान ने 11 टेस्ट मैचों की कप्तानी की और भारत सिर्फ चार जीत सका, जबकि छह में टीम को हार का मुंह देखना पड़ा। शुरूआती 53 मैचों में विराट का जीत प्रतिशत 62.26 था, लेकिन उनके आखिरी शतक के बाद बतौर कप्तान विराट कोहली का जीत प्रतिशत केवल 36.36 रह गया है।

मौजूदा सीरीज में ऐसा रहा प्रदर्शन
इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज की बात करे तो तीन मैचों की पांच पारियों में विराट कोहली ने 24.80 की औसत के साथ 124 रन बनाए हैं और उनके बल्ले से महज एक अर्धशतक देखने को मिला है। तीसरे टेस्ट की दूसरी पारी में 55 रन बनाकर कोहली ने फॉर्म में वापसी के संकेत तो जरूर दिए थे, लेकिन नजर जमाने के बाद एक बार फिर से अंदर आती हुई गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे और भारत को मुकाबले में एक पारी और 76 रन से मिली हार का सामना करना पड़ा।

सीरीज में अभी भी दो टेस्ट शेष हैं और भारत को अगर सीरीज में वापसी करनी है तो विराट कोहली से टीम मैनेजमेंट और फैंस सभी को बड़ी पारी की पूरी-पूरी उम्मीद रहेगी।

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