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  • New Zealand's Number 3 Batsman Has Scored 3 Centuries In The Last 5 Innings, Only 60 Runs In 5 Innings In The Name Of Pujara

WTC फाइनल में पुजारा Vs विलियम्सन:पिछली 5 पारियों में 3 शतक जमा चुके हैं न्यूजीलैंड के नंबर-3 बल्लेबाज, पुजारा के नाम 5 पारियों में सिर्फ 60 रन

साउथैम्पटन4 महीने पहले
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न्यूजीलैंड के खिलाफ ICC टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मैच खेलने के लिए भारतीय टीम इंग्लैंड रवाना हो चुकी है। मुकाबला 18 से 22 जून तक साउथैम्पटन में खेला जाएगा। मैच में दोनों टीमों के नंबर-3 बल्लेबाज पर विशेष नजर होगी, क्योंकि टेस्ट क्रिकेट में कई बार नंबर-3 का प्रदर्शन यह तय करता है कि उसके मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज कितना खुल कर खेल पाते हैं। अगर नंबर-3 एक छोर संभाल लेता है तो टीम के अन्य बल्लेबाजों को काफी आसानी हो जाती है।

भारत की ओर से इस नंबर पर राहुल द्रविड़ के बाद दूसरी दीवार कहे जाने वाले चेतेश्वर पुजारा खेलते हैं। वहीं न्यूजीलैंड के लिए खुद कप्तान केन विलियम्सन एक विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजी के लिए आते हैं। इस आलेख में हम दोनों बल्लेबाजों की SWOT एनालिसिस कर यह जानने की कोशिश करेंगे कि किसका पलड़ा भारी हो सकता है। SWOT एनालिसिस यानी मजबूती (Strength), कमजोरी (Weakness), अवसर (Opportunity) और खतरे (Threats) का विश्लेषण।

मजबूती: तकनीक और कूल मिजाज
मजबूत बल्लेबाजी तकनीक और कूल मिजाज चेतेश्वर पुजारा और केन विलियम्सन दोनों की मजबूती है। चाहे फास्ट बॉलिंग हो या स्पिन गेंदबाजी पुजारा और विलियम्सन दोनों का डिफेंस रॉक सॉलिड माना जाता है। यह बात दोनों खिलाड़ियों के औसत में भी झलकती है। पुजारा ने अपने टेस्ट करियर में ओवरऑल 46.59 के औसत से 6,244 रन बनाए हैं। इसमें 18 शतक हैं। नंबर-3 पर उन्होंने 126 पारियों में 47.33 के औसत से 5727 रन बनाए हैं। इसमें 17 शतक शामिल हैं।

विलियम्सन के आंकड़े बेहतर
दूसरी ओर केन विलियम्सन ने अपने करियर में ओवरऑल 145 पारियों में 52.09 के औसत से 7128 रन बनाए हैं। इसमें 24 शतक शामिल हैं। नंबर-3 पर विलियम्सन ने 126 पारियां खेली हैं और 57.31 की औसत से 6,534 रन बनाए हैं। इसमें 22 शतक शामिल हैं। दोनों खिलाड़ी नंबर-3 पर शानदार बल्लेबाजी करते हैं। हालांकि, यह साफ जाहिर है कि केन विलियम्सन के आंकड़े चेतेश्वर पुजारा से बेहतर हैं।

मौजूदा फॉर्म विलियम्सन की स्ट्रेंथ, पुजारा की कमजोरी
जहां तक मौजूदा फॉर्म का सवाल है तो इस मामले में विलियम्सन का पलड़ा काफी भारी नजर आता है। विलियम्सन ने अपनी पिछली पांच पारियों में तीन शतक जमाए हैं। इनमें दो दोहरे शतक भी शामिल हैं। दूसरी ओर पुजारा पिछली पांच टेस्ट पारियों में कुल 60 रन ही बना सके हैं।

साझा कमजोरी: इंग्लैंड में खामोश रहा है दोनों सितारों का बल्ला
टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल इंग्लैंड में है और पुजारा और विलियम्सन दोनों का इंग्लैंड में टेस्ट रिकॉर्ड कुछ खास नहीं है। विलियम्सन ने वहां अब तक पांच टेस्ट मैचों की 9 पारियों में 28.88 के औसत से 260 रन बनाए हैं। इसमें सिर्फ एक शतक शामिल है। वहीं, पुजारा ने इंग्लैंड में 9 टेस्ट की 18 पारियों में 29.41 के औसत से 500 रन बनाए हैं। वे भी इंग्लैंड में सिर्फ एक शतक जमा पाए हैं।

अवसर: वर्ल्ड चैंपियन बनने का सपना होगा पूरा
चेतेश्वर पुजारा भारत की लिमिटेड ओ‌वर टीम का हिस्सा नहीं हैं। लिहाजा टेस्ट चैंपियनशिप के जरिए ही उनके पास वर्ल्ड चैंपियन बनने का मौका है। दूसरी ओर विलियम्सन तीनों फॉर्मेट में न्यूजीलैंड के कप्तान हैं, लेकिन वे भी सीनियर लेवल पर कोई वर्ल्ड चैंपियनशिप नहीं जीत पाए हैं। 2019 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में उनकी टीम बेहद नजदीकी मुकाबला हारी थी। इंग्लैंड के खिलाफ सुपर ओवर में भी मैच टाई रहा था, लेकिन कम बाउंड्री जमाने के कारण न्यूजीलैंड को हार झेलनी पड़ी थी।

दोनों खिलाड़ियों पर कोई विशेष खतरा नहीं
दोनों स्टार खिलाड़ियों के सामने इस मैच में कोई विशेष खतरा नहीं है। न तो तकनीक के लिहाज से और न ही परिस्थिति के लिहाज से। ऐसा नहीं है कि इनमें से कोई किसी खास तरह की गेंदबाजी के खिलाफ ज्यादा परेशान होता है। साथ ही अगर वे इस टेस्ट में फेल भी होते हैं तो भी टीम में उनकी जगह सुरक्षित रहेगी।

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