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  • Women's T 20 World Cup Final 2020 : Reason Behind India's Loss, No Indian Batsmen Score Fifty In The Tournament

टी-20 वर्ल्ड कप में किसी भारतीय का अर्धशतक नहीं, सेमीफाइनल तक सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली पूनम को फाइनल में 1 सफलता

एक वर्ष पहले
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  • सेमीफाइनल तक पूनम ने 4 मैच में सबसे ज्यादा 9 विकेट लिए थे, फाइनल में मेगन शूट ने 4 विकेट लेकर पीछे छोड़ा
  • भारत के लिए शेफाली वर्मा ने सबसे ज्यादा 163 रन बनाए, फाइनल में 2 रन पर आउट; टूर्नामेंट में कोई अर्धशतक नहीं
  • ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल में टॉप-5 बल्लेबाजों ने 19 रन बनाए, 8 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके

खेल डेस्क. महिला टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में रविवार को ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 85 रन से हराकर पांचवीं बार खिताब जीता। पहली बार फाइनल में पहुंचीं टीम इंडिया की हार की सबसे बड़ी वजह बल्लेबाजी रही। टूर्नामेंट में भारत का कोई भी खिलाड़ी अर्धशतक नहीं लगा पाया। भारत की तरफ से शेफाली वर्मा ने सबसे ज्यादा 163 रन बनाए। लेकिन वे भी टूर्नामेंट में 1 बार भी 50 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाई। दीप्ति शर्मा सबसे ज्यादा रन बनाने वाली दूसरी बल्लेबाज रहीं। उन्होंने 5 मैच में 116 रन बनाए। इन दोनों के अलावा कोई बल्लेबाज 100 रन भी नहीं बना सका। वहीं, सेमीफाइनल तक सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली पूनम यादव को फाइनल में सिर्फ 1 सफलता ही मिली। 


भारतीय स्पिनर पूनम ने सेमीफाइनल तक 4 मैच में सबसे ज्यादा 9 विकेट लिए थे। वे विकेट लेने के मामले में ऑस्ट्रेलिया की मेगन शूट के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर थीं। लेकिन फाइनल में शूट ने 4 विकेट लेकर उनको पीछे छोड़ दिया। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 13 विकेट लिए।

भारतीय गेंदबाजों का स्ट्राइक रेट ऑस्ट्रेलिया से बेहतर, फिर भी हारे
भारत ने टूर्नामेंट के 5 मैच में 99.5 ओवर गेंदबाजी करते हुए 34 विकेट लिए, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने 6 मैच में 112.1 ओवर गेंदबाजी करते हुए 37 विकेट हासिल किए। इसके बावजूद भारतीय गेंदबाजों का स्टाइक रेट बेहतर रहा। भारतीय गेंदबाजों ने हर 20वीं गेंद पर विकेट लिया, जबकि मेजबान टीम के गेंदबाजों ने हर 23वीं गेंद पर सफलता हासिल की। टूर्नामेंट में भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल में सबसे कम 4 विकेट लिए, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने इस टूर्नामेंट में पहली बार फाइनल में ही किसी टीम को ऑलआउट किया। यही वजह रही कि वह पांचवीं बार चैम्पियन बना। 

मैच का टर्निंग पॉइंट

  • टूर्नामेंट में भारत की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वालीं शेफाली का जल्दी आउट होना मैच का टर्निंग पॉइंट रहा। वे 2 रन बनाकर आउट हुईं। यह टूर्नामेंट में उनका सबसे कम स्कोर था। इसके बाद लगातार विकेट गिरते गए। भारत के टॉप-5 बल्लेबाजों ने फाइनल में सिर्फ 19 रन ही जोड़े। शेफाली वर्मा (2), स्मृति मंधाना (11), तानिया भाटिया (2), जेमिमा रोड्रिग्ज (0) और हरमनप्रीत कौर (4) रन बनाए।
  • ऑस्ट्रेलिया के दोनों सलामी बल्लेबाजों का कैच छोड़ना भी टीम इंडिया को भारी पड़ा। मैच के पहले ओवर की पांचवीं गेंद पर शेफाली ने एलिसा हीली का कैच छोड़ा। इसके 3 ओवर बाद राजेश्वरी गायकवाड़ ने अपनी ही गेंद पर बेथ मूनी का कैच गंवाया। इन दोनों बल्लेबाजों ने इस मौके का पूरा उठाया। हीली ने 75 और मूनी ने 78 रन बनाए। टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में भी यही दोनों पहले और दूसरे स्थान पर हैं। मूनी ने 6 मैच में 259, जबकि हीली ने 236 रन बनाए।

सेमीफाइनल खेलने वाली टीमों की कप्तानों में हरमनप्रीत के सबसे कम रन
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर का पूरे टूर्नामेंट में बल्ला नहीं चला। टीम इंडिया की हार की यह भी एक वजह रही। क्योंकि 2018 में जब भारतीय टीम टी-20 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल खेली थीं। तब हरमनप्रीत ने ही सबसे ज्यादा 183 रन बनाए थे। लेकिन इस बार वे नाकाम रहीं। 5 मैच में उनके बल्ले से सिर्फ 30 रन निकले। फाइनल में भी उन्होंने 4 रन बनाए। यह पिछले 3 टी-20 वर्ल्ड कप में उनका सबसे खराब प्रदर्शन है। भारतीय कप्तान ने 2014 में 94 रन बनाए थे। इंग्लैंड की हीदर नाइट मौजूदा टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली कप्तान हैं। उन्होंने 4 मैच में 193 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया की मेग लेनिंग ने 6 मैच में 132, जबकि दक्षिण अफ्रीका की कप्तान डेन वैन निकर्क के 4 मैच में 63 रन बनाए।