पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Sports
  • Cricket
  • WTC Final Former Coach Michael Hesson Said We Play Natural Game, Do Not Try To Imitate Other Countries

WTC फाइनल:पूर्व कोच  माइकल हेसन बोले- हम स्वाभाविक खेल खेलें, दूसरे देशों की नकल की कोशिश न करें

मुंबई3 महीने पहलेलेखक: भास्कर के लिए चंद्रेश नारायणन
  • कॉपी लिंक
माइकल हेसन 6 साल तक न्यूजीलैंड के कोच रहे। - Dainik Bhaskar
माइकल हेसन 6 साल तक न्यूजीलैंड के कोच रहे।

न्यूजीलैंड की हालिया सफलता अविश्वसनीय रही है। टीम 6 साल में तीन आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल तक पहुंची। 2015 और 2019 वर्ल्ड कप के बाद अब वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल। न्यूजीलैंड क्रिकेट के कोचिंग स्टाफ द्वारा अपनाई गई नीतियों की बदाैलत टीम इस मुकाम तक पहुंची। एक शख्स जिसने टीम के उदय में बड़ी भूमिका निभाई, वे हैं माइक हेसन। पूर्व मुख्य कोच और चयनकर्ता हेसन के नाम न्यूजीलैंड के लिए सबसे लंबे समय तक कोच बने रहने का रिकॉर्ड है। 46 साल के हेसन 6 साल तक कोच रहे। उन्होंने इस छोटे से आइलैंड नेशन के क्रिकेट परिदृश्य को बदलने में बड़ी भूमिका निभाई। पेश हैं उनसे बातचीत के अंश...

जब कोच बने तो न्यूजीलैंड क्रिकेट को लेकर आपके दृष्टिकोण में क्या बदलाव आया? वह कौन सी सीरीज थी, जब आपकाे लगा कि न्यूजीलैंड का खेल बदल रहा है?
हम सभी ने महसूस किया कि हम एक टीम के रूप में अपनी प्रतिभा का अधिकतम उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। हमें अपनी ‘खेल की शैैली’ को पहचानने की जरूरत थी, जो टीम के रूप में हमारे लिए अनुकूल हो और हमारा प्रतिनिधित्व करे। यह जरूरी था कि हम अपने तरीके से, अपना स्वाभाविक खेल खेलें। दूसरे देशों की नकल करने की कोशिश न करें। मुझे लगता है कि हममें 2013 में घरेलू सीरीज के दौरान सुधार शुरू हो गया था।

बतौर न्यूजीलैंड कोच और सिलेक्टर आपकी फिलॉसफी क्या रही, जिसने घरेलू क्रिकेट से खिलाड़ियों को चुनने में मदद की?
चयन एक प्रोसेस है। व्यक्तिगत रूप से जब मैं किसी खिलाड़ी को न्यूजीलैंड का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुनता हूं तो सारा असेसमेंट करता हूं कि उस खिलाड़ी में सफल होने के गुण हैं या नहीं। उस खिलाड़ी के एक खराब मैच या एक खराब सीरीज से उसके बारे में हमारे विचार नहीं बदलते। अगर उसके बारे में अच्छे से स्टडी कर ली जाती है तो सफलता के चांस ज्यादा होते हैं।

क्या आपको लगता है कि बतौर कप्तान मैक्कुलम और बतौर कोच आपने जो नींव रखी थी, यह सफलता उसी का परिणाम है?
सफलता का श्रेय सीनियर खिलाड़ियों को दिया जाना चाहिए। मौजूदा टीम में कई खिलाड़ी हैं, जिन्होंने खुद को देश के अब तक के बेहतरीन खिलाड़ियों के रूप में स्थापित कर लिया है। मेरे समय पर मैक्कुलम और विलियम्सन को स्पष्ट तौर पर ज्ञात हो गया था कि हम कैसी टीम चाहते हैं। यह देखना शानदार है कि टीम कैसे लगातार आगे बढ़ रही है और सफल हो रही है।

आप सबसे लंबे समय तक न्यूजीलैंड के कोच रहे। लेकिन कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के पहले ही चले गए? ऐसा क्यों?
राष्ट्रीय टीम का कोच होना बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। इसे आपको तब तक निभाना चाहिए, जब तक आप इसके लिए सक्षम हों। मेरे पास जो कुछ भी था, मैंने दिया। लेकिन जब मुझे लगा कि अब मेरे पास टीम को देने के लिए कुछ नहीं है, तब मैं आगे बढ़ गया। ताकि कोई और आकर टीम को आगे ले जा सके। जुलाई 2018 में गैरी स्टीड ने जिम्मेदारी संभालने के बाद बहुत उत्कृष्ट काम किया है।

स्टीड ने आपके अच्छे काम को आगे बढ़ाया। क्या न्यूजीलैंड का दबदबा आने वालेे भविष्य तक कायम रहेगा, जब मौजूदा खिलाड़ी नए खिलाड़ियों को रास्ता देंगे?
कोच की सबसे बड़ी जिम्मेदारी सक्सेशन प्लान होती है। गैरी ने हाई परफॉरमेंस टीम के साथ मिलकर टीम को संभालने और तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है। न्यूजीलैंड क्रिकेट के भीतर खिलाड़ियों की बहुत बड़ी संख्या नहीं है। इसलिए हम खिलाड़ियों का विकास बेहद स्मार्ट तरीके से करते हैं, उन पर फिजूल का दबाव नहीं डालते।

खबरें और भी हैं...