भारत-पाक के बीच जब हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा:भज्जी से लड़ने होटल तक पहुंचे थे अख्तर, गंभीर भी मैदान पर देने लगे थे अकमल को गाली

3 महीने पहले

टी-20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया अपना आगाज 24 अक्टूबर से करेगी। भारत अपना पहला मुकाबला ही अपनी सबसे बड़ी प्रतिद्वंदी टीम पाकिस्तान के खिलाफ खेल रही है। जब-जब ये दोनों टीमें मैदान पर उतरती हैं, तो हाईवोल्टेज ड्रामा होना तय माना जाता है। आइए हम आपको इन दोनों टीमों के बीच हुई कुछ हाई वोल्टेज फाइट्स के बारे में बताते हैं।

मोरे- मियांदाद
पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज जावेद मियांदाद और पूर्व भारतीय विकेटकीपर किरन मोरे के बीच वर्ल्ड कप 1992 में हुई फाइट दोनों देशों के क्रिकेट फैन कभी नहीं भूल सकते हैं। मियांदाद मोरे को चिढ़ाने के लिए मैदान पर ही मेढक की तरह उछलने लगे थे। मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी की और पाकिस्तान को 217 रन का लक्ष्य दिया था। आमिर सोहेल और मियांदाद ने अपनी टीम का स्कोर दो विकेट पर 100 के पार पहुंचा दिया था। इसके बाद अचानक पाकिस्तान के विकेट गिरने लगे। मोरे विकेट के पीछे बार-बार अपील कर रहे थे।

इसी दौरान मियांदाद ने शॉट लगाया और रन लेने के लिए भागे। वापसी के थ्रो पर मोरे ने बेल्स उड़ा दी, फिर क्या था मियांदाद भड़क गए और मेढक की तरह उछलने लगे। फिर कुछ ही देर में मियांदाद आउट हो गए। मोरे ने मियांदाद को उनके ही अंदाज में उछलकर जवाब दिया।

वेंकटेश प्रसाद- आमिर सोहेल
1996 के वर्ल्ड कप में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 288 रनों का लक्ष्य पाकिस्तान को दिया था। पाकिस्तानी पारी के 15वें ओवर में आमिर सोहेल ने वेंकटेश प्रसाद को ऑफ साइड में चौका मारा और इसके बाद उन्होंने अपने बैट से इशारा करते हुए फिर उसी तरफ चौका मारने के लिए वेंकटेश से कहा। उस समय तो वेंकटेश कुछ नहीं बोले, लेकिन अगली ही गेंद पर सोहेल चकमा खा गए और बोल्ड हो गए।

इसके बाद वेंकटेश प्रसाद सोहेल पर खूब चिल्लाए और पवेलियन लौट जाने का इशारा किया। भारत ये मुकाबला 39 रनों से जीता। वेंकटेश प्रसाद ने मैच में 3 विकेट चटकाए। इसके बाद साल 1999 के वर्ल्ड कप में भी पाकिस्तान के खिलाफ वेंकटेश ने धमाकेदार प्रदर्शन किया था। इस मैच में उनके खाते में 5 विकेट आए थे। इस मैच में भी पाकिस्तान को हार का सामना करना पड़ा था।

हरभजन सिंह-शोएब अख्तर
2010 में इंडिया-पाकिस्तान के बीच एशिया कप के मैच में हरभजन सिंह ने मोहम्मद आमिर की गेंद पर छक्का लगातार टीम को शानदार जीत दिलाई थी। इस मैच में हरभजन सिंह और शोएब अख्तर के बीच जमकर लड़ाई देखने को मिली थी। अख्तर तो इतना गुस्से में थे कि भज्जी से लड़ने के लिए होटल में पहुंच गए थे।

अख्तर ने कुछ दिन पहले इस घटना को याद करते हुए कहा था, 'हम साथ में लाहौर में घूम चुके हैं, हम लोगों का कल्चर एक जैसा है। वे मेरे पंजाबी भाई हैं और फिर भी उन्होंने मैच के दौरान हमारे साथ बुरा व्यवहार किया। मैंने सोचा था कि होटल रूम में जाकर मैं उनसे लड़ाई करूंगा। उन्हें पता था कि शोएब आ रहा है, लेकिन मुझे वो मिले ही नहीं। मैं फिर शांत हुआ और अगले दिन उन्होंने मुझसे माफी भी मांगी।' मैच में पाकिस्तान ने 267 रन बनाए थे। भारतीय टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए लड़खड़ा गई थी, लेकिन सुरेश रैना और हरभजन सिंह ने टीम को तीन विकेट से जीत दिला दी थी।

गौतम गंभीर- कामरान अकमल
एशिया कप 2010 में टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर और महेंद्र सिंह धोनी बल्लेबाजी कर रहे थे। पाकिस्तान के विकेटकीपर कामरान अकमल विकेट के पीछे से बार-बार आउट होने की अपील करने लगे, फिर क्या था गंभीर भड़क गए। दोनों के बीच मैदान पर खूब लड़ाई होने लगी। दोनों एक दूसरे को गालियां भी दे रहे थे।

झगड़ा इतना बढ़ गया की बीच-बचाव के लिए टीम मेंबर्स और अंपायर को आना पड़ा। धोनी ने किसी भी तरह गंभीर को शांत किया और बल्लेबाजी करने को कहा। इस मैच में भी टीम इंडिया को जीत मिली थी। गंभीर इसी तरह 2007 में शाहिद अफरीदी से भी भिड़ गए थे। दोनों के बीच मैदान पर ही गाली-गलौज होने लगी थी। एक बार फिर अंपायर को बीच में आना पड़ा था और दोनों को शांत कराया गया।