अब दिखी असल टीम इंडिया:सही टीम सिलेक्शन, रिकॉर्ड ओपनिंग पार्टनरशिप और आक्रामक फिनिश ने दिलाई जीत; अब अफगानिस्तान से चमत्कार की आस

अबुधाबी7 महीने पहले

भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप 2021 में अपनी पहली जीत दर्ज कर ली। बुधवार को खेले गए मुकाबले में विराट एंड कंपनी ने अफगानिस्तान को एकतरफा अंदाज में 66 रनों से हरा दिया। लगातार दो हार के बाद मिली इस जीत से भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद कायम है। भारतीय कप्तान विराट कोहली इस मैच में भी टॉस हारे, लेकिन टीम की बदकिस्मती यहीं तक सीमित रही। इसके बाद सब कुछ भारतीय टीम के पक्ष में हुआ। चलिए जान लेते हैं कि इस मैच में भारत की शानदार जीत के पीछे पांच प्रमुख कारण क्या रहे।

1. 140 रन की ओपनिंग साझेदारी ने राह आसान की
विराट कोहली ने पिछले मैच की बड़ी गलती नहीं दोहराईं। रोहित शर्मा को पिछले मैच में नंबर-3 पर भेजा गया था। इस बार विराट ने सही फैसला लेते हुए हिटमैन को ओपन करने भेजा। रोहित का बल्ला जमकर बोला। उन्होंने 74 रन बनाए और केएल राहुल (69) के साथ मिलकर भारतीय जीत की बुनियाद तैयार की। दोनों ने पहले विकेट के लिए 140 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की। यह टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है।

2. पंत और पंड्या ने 18 के रन रेट से पार्टनरशिप की
अगर रोहित और राहुल की ओपनिंग जोड़ी ने भारत को अच्छी शुरुआत दी तो ऋषभ पंत और हार्दिक पंड्या ने टीम को स्ट्रॉन्ग फिनिश दिया। पंत ने 13 गेंदों पर 27 रन बनाए। वहीं, पंड्या ने 13 गेंदों पर 35 रन जमा दिए। 16.3 ओवर में भारत का स्कोर दो विकेट पर 147 रन था और 20 ओवर में आंकड़ा 210/2 पहुंच गया। यानी पंत और पंड्या ने 18 के रन रेट से आखिरी 3.3 ओवर में 63 रन जोड़ दिए। इस स्ट्रॉन्ग फिनिश के कारण भारतीय टीम इस वर्ल्ड कप में 200 रन से ज्यादा का स्कोर बनाने वाली पहली टीम बनी।

3. राशिद खान के खतरे को न्यूट्रलाइज किया
लेग स्पिनर राशिद खान अफगानिस्तान टीम के सबसे बड़े स्टार हैं। अगर वे मैच में दो-तीन विकेट ले लेते तो अफगान टीम जीत की होड़ में बनी रहती, लेकिन रोहित और राहुल की जोड़ी ने राशिद के थ्रेट को पूरी तरह न्यूट्रलाइज कर दिया। दोनों बल्लेबाजों ने राशिद को लेग स्पिनर नहीं, बल्कि ऑफ स्पिनर की तरह खेला और उनके खिलाफ ऑफ साइड में ज्यादा शॉट खेलने की कोशिश नहीं की। भारतीय बल्लेबाजों ने राशिद के चार ओवरों में 36 रन बनाए और कोई विकेट नहीं गंवाया। यहीं अफगानिस्तान की आधी जान निकल गई।

4. शमी और बुमराह ने गेंद से की जोरदार शुरुआत
बल्लेबाजों से वर्ल्ड कप में पहली बार बड़ा स्कोर पाने के बाद भारतीय गेंदबाजों ने भी बेहतरीन अंदाज में परफॉर्म किया। पाकिस्तान के खिलाफ मैच में कमजोर प्रदर्शन के कारण ट्रोल हुए मोहम्मद शमी ने तीन विकेट लिए। ट्रोलर्स को याद रखना चाहिए कि अफगानिस्तान की टीम में भी सभी खिलाड़ी मुसलमान ही थे। हां वे थोड़े महंगे जरूर रहे ( 4 ओवर में 32 रन), लेकिन निरंतर अंतराल पर विकेट लेकर उन्होंने अफगान पारी को कभी पनपने नहीं दिया। शमी को बुमराह का बेहतरीन साथ मिला। बुमराह ने 25 रन देकर 1 विकेट लिया और दूसरे छोर से भी दबाव बनाए रखा।

5. रविचंद्रन अश्विन की जोरदार वापसी
विराट ने इस मैच में अपनी एक और बड़ी गलती नहीं दोहराई। पिछले दो मैचों में अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को बेंच पर बिठाया गया था। इस बार उन्हें प्लेइंग-11 में शामिल किया गया। 4 साल और 3 महीने बाद भारत के लिए टी-20 मैच खेल रहे अश्विन ने कमाल का प्रदर्शन किया। उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 14 रन देकर दो विकेट लिए और भारत की जीत की राह बेहद आसान कर दी।

अफगानिस्तान के खिलाफ बड़ी जीत से भारत ने अपनी उम्मीद बनाए रखी है। अब भारत को 5 नवंबर को स्कॉटलैंड के खिलाफ और 8 नवंबर को नामीबिया के खिलाफ दो और बड़ी जीत चाहिए। इसके अलावा भारत को दुआ करनी होगी कि अफगानिस्तान की टीम 7 नवंबर को चमत्कार करते हुए न्यूजीलैंड को हरा दे। यानी भारत की सफलता की चाबी कहीं न कहीं अफगानिस्तान के ही हाथ में है। देखना है आगे क्या होता है। फिलहाल टीम इंडिया ने हमारी दिवाली हैप्पी जरूर कर दी है। आप सभी को दिवाली की शुभकामनाएं।