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हार के लिए टीम इंडिया नहीं, BCCI जिम्मेदार:पिछले 1 साल में IPL के 120 मैच + 76 दिन इंटरनेशनल खेले हमारे खिलाड़ी, तन और मन दोनों से थके

नई दिल्लीएक वर्ष पहलेलेखक: बिक्रम प्रताप सिंह

टीम इंडिया को टी-20 वर्ल्ड कप में अब तक सिर्फ हार मिली है। पाकिस्तान और न्यूजीलैंड, दोनों ने बड़ी शिकस्त दी। हाल ये है कि अब सेमीफाइनल में पहुंचना मुश्किल लग रहा है। इस हालत के लिए जिम्मेदार कौन है- खिलाड़ी या BCCI? लोग कप्तान विराट काेहली समेत खिलाड़ियों को ट्रोल कर रहे हैं, लेकिन असली जिम्मेदार तो BCCI, यानी बोर्ड है।

बोर्ड ने पिछले एक साल में टीम इंडिया का शेड्यूल ही ऐसा रखा कि ज्यादातर खिलाड़ी टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही पूरी तरह थक गए। तन और मन दोनों से। इसे 7 फैक्टर से समझते हैं...

1. 13 महीने में 2 IPL सीजन और लगातार इंटरनेशनल क्रिकेट
पिछले साल कोरोना महामारी के कारण मार्च के आखिर से लेकर सितंबर की शुरुआत तक भारतीय टीम कोई भी सीरीज नहीं खेल पाई। IPL भी कैंसिल हुआ था। इससे हुए नुकसान की भरपाई के लिए भारतीय बोर्ड ने सितंबर से लगातार क्रिकेट का ऐसा सिलसिला शुरू किया, जो अब तक नहीं थमा है।

भारतीय खिलाड़ी सितंबर 2020 से लगातार खेल रहे हैं। पहले UAE में 2020 का IPL सीजन हुआ। इसके बाद भारत ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया। फिर इंग्लैंड की मेजबानी की। इसके बाद IPL-2021 का पहला फेज खेला गया, जो कोरोना के कारण बीच सीजन स्थगित हुआ। इसके बाद वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलने भारतीय टीम इंग्लैंड गई। फिर इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज। इसी दौरान बोर्ड ने एक बी टीम बनाकर श्रीलंका भेजा।

इंग्लैंड में पांचवां टेस्ट कोरोना के चलते रद्द हुआ तो भारतीय क्रिकेटर IPL फेज-2 खेलने UAE पहुंच गए। बेहद प्रतिस्पर्धी और फ्रेंचाइजीज के गहरे दबाव वाले IPL को निपटाने के दो दिन बाद वे वर्ल्ड कप में कूद पड़े।

एक साथ इतनी सीरीज का शेड्यूल पढ़ना ही थका देने वाला है। सोचिए इनमें खेलने वाले खिलाड़ियों का क्या हाल रहा होगा। IPL के दो सीजन और 3 फेज के 120 मैचों के अलावा 76 दिनों के इंटरनेशनल क्रिकेट का दौर चला जिनमें भारतीय खिलाड़ी उलझे रहे। कुछ खिलाड़ियों ने तो इनके अलावा डोमेस्टिक क्रिकेट भी खेली है।

2. IPL के आखिरी स्टेज तक खेले 6 भारतीय स्टार्स
IPL-2021 का आखिरी राउंड यानी प्लेऑफ मुकाबलों की शुरुआत 10 अक्टूबर से हुई। टी-20 वर्ल्ड कप से महज एक सप्ताह पहले। इस राउंड में भारत की वर्ल्ड कप टीम के 6 अहम खिलाड़ी खेले। इनमें कप्तान विराट कोहली, रवींद्र जडेजा, शार्दूल ठाकुर, ऋषभ पंत, वरुण चक्रवर्ती और रविचंद्रन अश्विन शामिल थे। 8 अक्टूबर को मुंबई इंडियंस ने अपना आखिरी मैच खेला। इस टीम में रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह सहित भारतीय टीम के 6 खिलाड़ी मौजूद थे। यानी वर्ल्ड कप शुरू होने वाला था और लगभग पूरी भारतीय टीम IPL में पसीना बहा रही थी।

3. क्वारैंटाइन और बायो बबल झेला, बस ग्राउंड और होटल जाने की इजाजत
भारतीय पिछले 1 साल में कई बार क्वारैंटाइन रहे और अलग-अलग देशों में बेहद सख्त बायो बबल में भी समय गुजारने को मजबूर हुए। उन्हें होटल और ग्राउंड के अलावा कहीं भी जाने की इजाजत नहीं होती थी। ऑस्ट्रेलिया में बायो बबल बेहद सख्त था। इतना सख्त कि कुछ खिलाड़ी सीरीज छोड़कर वापस लौटना चाहते थे। IPL के दौरान भी यही हाल रहा। एक तरफ लगातार क्रिकेट और दूसरी ओर बायो बबल का पहरा।

कैंसिल हुए IPL मैचों और इंटरनेशनल सीरीज को जल्द से जल्द आयोजित करा लेने की BCCI की हड़बड़ाहट ने भारतीय खिलाड़ियों को सर्कस के जानवरों सरीखा बना दिया, जिसे या तो परफॉर्म करना था या फिर पिंजरे में बंद रहना था। इसने हमारे खिलाड़ियों को शारीरिक और मानसिक रूप से तोड़कर रख दिया जिसका नतीजा हमें अब वर्ल्ड कप में भुगतना पड़ रहा है।

4. क्वाइव लॉयड ने भास्कर से कहा- 3 हफ्ते का ब्रेक जरूरी था
अपने जमाने के दिग्गज क्रिकेटर और वेस्टइंडीज को दो बार वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले कप्तान क्लाइव लॉयड ने भी जरूरत से ज्यादा क्रिकेट पर अपनी राय दी है। उन्होंने भास्कर के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बताया कि भारतीय खिलाड़ी लगातार खेल कर थक गए। लॉयड ने कहा कि IPL तन और मन से बहुत ही थका देने वाला टूर्नामेंट होता है। IPL फेज-2 के बाद भारतीय खिलाड़ियों को कम से कम तीन सप्ताह के आराम की जरूरत थी, लेकिन ये संभव नहीं हो सका, लिहाजा भारतीय खिलाड़ी टूट से गए।

5. बुमराह ने भी स्वीकार किया- ब्रेक तो बनता था
टी-20 वर्ल्ड कप में लगातार दो हार के बाद भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह से भी लगातार क्रिकेट के बारे में सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि सभी खिलाड़ी लगातार क्रिकेट खेले जा रहे हैं। इसके बीच बायो बबल को भी फॉलो करना होता है। इसलिए किसी बड़े टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ियों को ब्रेक की जरूरत तो होती ही है। उन्होंने कहा कि कई बार खिलाड़ियों को फैमिली से दूर रहना पड़ता है। देश-दुनिया में चल रहे मुश्किल वक्त के बीच परिवार से दूर रहकर लगातार क्रिकेट पर फोकस करना होता है। इससे शारीरिक और मानसिक थकान होती है। लिहाजा ब्रेक की काफी जरूरत होती है।

6. ECB ने लिया समझदारी से काम, पाकिस्तान का दौरा कैंसिल किया, ऑस्ट्रेलिया भी कम खेला
आज की तारीख में BCCI, इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) को क्रिकेट जगत में बिग थ्री कहा जाता है। इनमें BCCI को छोड़ बाकी दो बोर्ड ने बेहतर सूझ-बूझ दिखाई। भारत के साथ-साथ इन दोनों देशों की भी कई सीरीज रद्द हुई थीं, लेकिन अपने खिलाड़ियों की शारीरिक और मानसिक सेहत को देखते हुए इन दोनों बोर्ड ने कई और अहम सीरीज बाद में भी रद्द कीं। इंग्लैंड ने हाल ही में जब पाकिस्तान का दौरा रद्द किया तब साफ-साफ कहा कि सिक्योरिटी के अलावा खिलाड़ियों का मानसिक स्वास्थ्य भी उनके लिए अहम मुद्दा है। इसलिए उन्हें पाकिस्तान नहीं भेजा जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया ने भी पहले साउथ अफ्रीका से होने वाली सीरीज रद्द की और बाद में बहुत ज्यादा क्रिकेट नहीं खेली। ऑस्ट्रेलिया ने अप्रैल 2021 के बाद से कोई भी टेस्ट मैच नहीं खेला है।

7. प्लानिंग में भी गलतीः दुनिया टी-20 इंटरनेशनल पर फोकस कर रही थी, हम टेस्ट और IPL में फंस गए
सबको पता था कि इस साल टी-20 वर्ल्ड कप होना है। सभी क्रिकेट बोर्ड ने इसे ध्यान में रखते हुए साल के दूसरे हाफ में टी-20 इंटरनेशनल पर ज्यादा फोकस किया, लेकिन हमारा बोर्ड पहले कैंसिल हुए IPL और टेस्ट मैचों पर फोकस करता रहा। अप्रैल 2021 से अब तक साउथ अफ्रीका ने 15, पाकिस्तान और वेस्टइंडीज ने 14-14, ऑस्ट्रेलिया ने 10, श्रीलंका ने 9 और इंग्लैंड ने 6 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले। इसके उलट भारतीय टीम ने सिर्फ 3 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले। श्रीलंका के खिलाफ हुए इन 3 मैचों का आयोजन भी तब हुआ जब भारत की मुख्य टीम इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज की तैयारी कर रही थी। वर्ल्ड कप में शामिल होने वाले हमारे ज्यादातर खिलाड़ी श्रीलंका नहीं जा सके थे।

BCCI को उम्मीद थी कि IPL के मैच खेलकर भारतीय खिलाड़ी वर्ल्ड कप तैयारी कर लेंगे, लेकिन क्रिकेट से सबसे छोटे फॉर्मेट में लंबे समय से एक साथ न खेल पाने का असर भारतीय टीम पर वर्ल्ड कप में दिख रहा है। वे एक यूनिट की तरह नजर ही नहीं आ रहे हैं।

क्या BCCI के लिए पैसा ही सब कुछ, नुकसान की भरपाई के लिए खिलाड़ियों को कोल्हू का बैल बनाया
मई में कोरोना के कारण जब IPL-2021 पर ब्रेक लगा तब अनुमान लगाया गया कि अगर बाकी बचे मैच नहीं हुए तो BCCI को करीब 2000 करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है। इसकी भरपाई के लिए BCCI ने आनन-फानन में IPL को UAE शिफ्ट करने का फैसला किया। साथ ही अपनी मेजबानी में होने वाला टी-20 वर्ल्ड कप भी ओमान और UAE में शिफ्ट कर दिया।

पैसे का कोई नुकसान न हो, इसको लेकर भारतीय बोर्ड हमेशा चौकस और चौकन्ना रहता है, लेकिन जिनकी बदौलत उस पर पैसों की बारिश होती है, उसे ही अनदेखा कर देता है। अपने खिलाड़ियों की उसे परवाह नहीं होती।

आपने अभी पढ़ा कि किस तरह से पिछले एक साल से भारतीय बोर्ड अपने खिलाड़ियों को कोल्हू के बैल की तरह जोत कर रखा है। ऐसे में अगर हमारी टीम कमजोर प्रदर्शन कर रही तो इसके पीछे जिम्मेदार कौन है। खिलाड़ी या बोर्ड।