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ओलिंपिक मेडलिस्ट ने लगाया मेंटल हैरेसमेंट का आरोप:बॉक्सर लवलीना बोलीं- मेडल दिलाने वाला कोच हटा दिया जाता है, गोल्ड कैसे जीतूंगी

बर्मिंघम2 महीने पहले
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लवलीना ने कहा है कि उन्हें कोच के साथ ट्रेनिंग का मौका नहीं मिल रहा है। - Dainik Bhaskar
लवलीना ने कहा है कि उन्हें कोच के साथ ट्रेनिंग का मौका नहीं मिल रहा है।

भारत के लिए टोक्यो ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले सनसनीखेज आरोप लगाया है। लवलीना का कहना है कि वे हैरेसमेंट का शिकार हो रही हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स शुरू होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं और उन्हें कोच के साथ ट्रेनिंग नहीं करने दी जा रही है।

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बॉक्सर की कोच संध्या गुरुंग ने पूरे मामले पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि हमारे सभी मुक्केबाज पदक लाएंगे। खिलाड़ी हमेशा चाहते हैं कि उनके कोच उनके साथ रहें, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। मैं उसे ट्रेनिंग नहीं दे पा रही हूं। मुझे उसके पास जाने की अनुमति नहीं है। मुझे उम्मीद है कि आज यह समस्या हल हो जाएगी। अगर ऐसा नहीं होता है तो मैं उसे ट्रेनिंग नहीं दे पाऊंगी।'

वहीं, बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया का कहना है कि संध्या आयरलैंड में ट्रेनिंग कैंप का हिस्सा थीं। हमारी पूरी कोशिश है कि वह जल्द से जल्द बर्मिंघम में टीम के साथ जुड़ जाएं। इसके लिए सारी व्यवस्था की जा चुकी है।

लवलीना ने ट्वीट किया, 'आज मैं बड़े दुख के साथ कहती हूं कि मेरे साथ बहुत हैरेसमेंट हो रहा है। जिस कोच ने मुझे ओलिंपिक में मेडल जीतने में मदद की, उन्हें बार-बार हटा दिया जा रहा है। इससे मेरे ट्रेनिंग प्रोसेस पर बुरा असर हुआ है। इंग्लैंड आने से पहले भी मुझे अपने कोच के साथ ट्रेनिंग करने में बहुत मुश्किल हुई। बार-बार हाथ जोड़ कर मिन्नत करने के बावजूद बहुत देर से उन्हें जॉइन कराया जाता है।

मुझे ट्रेनिंग में बहुत परेशानी उठानी पड़ती है और मेंटल हैरेसमेंट तो होता ही है। अभी तक मेरी कोच संध्या को कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज के बाहर रखा गया है। उन्हें एंट्री नहीं मिल रही है। ऐसा तब हो रहा है जब कॉमनवेल्थ गेम्स में मेरे मुकाबले शुरू होने में 8 दिन ही बचे हैं। मेरे दूसरे कोच को भी वापस भारत भेज दिया गया है। मुझे समझ नहीं आ रहा मैं कैसे फोकस करूं? इसी के कारण पिछली वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी मेरा परफॉर्मेंस खराब हुआ था। अब राजनीति के कारण मैं कॉमनवेल्थ भी खराब नहीं करना चाहती हूं। आशा करती हूं कि मैं मेरे देश के लिए इस राजनीति को तोड़कर मेडल ला पाऊं। जय हिंद।'

असम के गोलाघाट जिले की रहने वाली लवलिना ओलिंपिक में भाग लेने वाली असम की पहली महिला खिलाड़ी हैं।
असम के गोलाघाट जिले की रहने वाली लवलिना ओलिंपिक में भाग लेने वाली असम की पहली महिला खिलाड़ी हैं।

किसी का नाम नहीं लिया
लवलीना ने ये आरोप किस पर लगाए हैं, अब तक कुछ क्लियर नहीं हो पाया है। जब भास्कर ने इस बारे में उनसे बात करने कि कोशिश की तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद भास्कर ने उन्हें मैसेज किया। तब उन्होंने कहा कि मैं किसी पर आरोप नहीं लगा रही हूं। मेरे साथ ओलिंपिक के बाद से ही गलत हो रहा है। मैंने ट्वीट में सब बता दिया है।

इसके बाद भास्कर ने भारतीय टीम के चीफ कोच पीसी भट्ट से बातचीत की। उन्होंने बताया कि लवलीना तो अभी हमारे साथ ब्रेकफास्ट कर के गई हैं। ऐसा कुछ होता तो हमें जरूर बतातीं। जब भास्कर रिपोर्टर राजकिशोर ने उनसे अगला सवाल पूछा कि उनके कोच को आने में देरी क्यों हुई, इस पर उन्होंने कहा कि IOA से उनका नाम नहीं आया था। इसलिए वे देरी से आईं। वहीं, गेम्स विलेज में एंट्री पर कहा कि वहां लिमिटेड खिलाड़ी और कोच ही जा सकते हैं।

लवलीना 2018 कॉमनेवल्थ गेम्स में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
लवलीना 2018 कॉमनेवल्थ गेम्स में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

फेडरेशन की ओर से 18 जुलाई तक नहीं भेजा गया था कोच का नाम
सूत्रों के अनुसार बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए खिलाड़ियों और स्टाफ की जो लिस्ट 6 जुलाई को पहली बार भेजी थी, उसमें लवलीना के कोच संध्या का नाम नहीं था। वहीं 18 जुलाई को भी फेडरेशन की ओर से अपडेटेड लिस्ट भेजी गई थी, उसमें भी उनके कोच का नाम नहीं था। लवलीना की ओर से बार- बार डिमांड किए जाने के बाद संध्या का नाम स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया को भेजा गया, जिसके बाद कोच के जाने पर साईं ने हरी झंडी दी।