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  • Chelsea UEFA Champions League Trophy Winner 2020 21 Season Coincidence | Coach Frank Lampard Thomas Tuchel

UEFA चैंपियंस लीग में अजब संयोग:9 साल पहले जब चेल्सी पहली बार चैंपियन बनी, तो बीच सीजन में कोच बदले गए; इस बार भी लैंपार्ड को हटाकर टुचेल बने थे कोच

पोर्टो2 महीने पहले
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इंग्लिश क्लब चेल्सी ने दूसरी बार UEFA चैंपियंस लीग का खिताब अपने नाम किया। टीम ने फाइनल में मैनचेस्टर सिटी को 1-0 से हराया। चेल्सी के लिए इकलौता गोल केई हेवर्त्ज ने किया। इससे पहले टीम 2012 में पहली बार चैंपियंस लीग खिताब जीती थी।

वहीं, जीत को लेकर अजब संयोग भी सामने आया है। 2012 में चेल्सी पहली बार चैंपियन बनी थी, तब बीच सीजन में कोच बदले गए थे। इस बार जब टीम दूसरी बार चैंपियन बनी, तब भी मिड सीजन कोच बदले गए। इस साल जनवरी में फ्रैंक लैंपार्ड को हटाकर थॉमस टुचेल को कोच की जिम्मेदारी दी गई थी।

2012: आंद्रे विलास को हटाकर रॉबर्ट डी मातियो कोच बने
आंद्रे विलास बोआस को जुलाई 2011 में चेल्सी की कोचिंग सौंपी गई। टीम का परफॉर्मेंस इस दौरान मिला जुला रहा और कई अहम मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। इसके 247 दिन बाद यानी मार्च 2012 में उन्हें चैंपियंस लीग के मिड सीजन में कोच पद से बर्खास्त कर दिया गया।

उनकी कोचिंग में चेल्सी में 40 में से 20 मैच जीते। 10 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा और 10 मैच ड्रॉ रहे। मार्च में ही इटली के पूर्व खिलाड़ी रॉबर्ट डी मातियो को चैंपियंस लीग के बाकी मैचों के लिए चेल्सी के केयरटेकर कोच के रूप में रखा गया। उनके गाइडेंस में टीम ने बायर्न म्यूनिख के खिलाफ 2012 में UEFA चैंपियंस लीग फाइनल जीता।

उस वक्त चेल्सी की टीम में दिदिर ड्रोग्बा, फ्रैंक लैंपार्ड, फर्नेन्डो टोरेस और पीटर चेक जैसे स्टार खिलाड़ी मौजूद थे। चेल्सी ने पेनल्टी शूटआउट में बायर्न म्यूनिख को हराया था। इसके बाद रॉबर्ट का कार्यकाल एक साल और बढ़ाया गया। हालांकि, उन्होंने नवंबर 2012 में इस्तीफा दे दिया था।

2021: लैंपार्ड को हटाकर टुचेल को कोचिंग सौंपी गई
2012 में चेल्सी को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले लैंपार्ड को जुलाई 2019 में टीम का कोच बनाया गया। हालांकि, वे बतौर कोच सफल नहीं हो सके और टीम के हार का रिकॉर्ड बढ़ता गया। चेल्सी 2019/2020 चैंपियंस लीग सीजन में कुछ खास नहीं कर सकी। इसके बाद 2020/21 सीजन में भी रिकॉर्ड खराब रहा। जनवरी में उन्हें कोच के पद से बर्खास्त कर दिया गया।

लैंपार्ड की कोचिंग में चेल्सी ने 84 मैच खेले। इसमें से 44 में जीत मिली और 25 में हार का सामना करना पड़ा। 15 मैच ड्रॉ रहे। जनवरी में ही पिछले सीजन फ्रेंच क्लब पेरिस सेंट जर्मेन को (PSG) को फाइनल में पहुंचाने वाले थॉमस टुचेल को कोचिंग की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने टीम को नई ऊर्जा दी और दूसरी बार चेल्सी को UEFA चैंपियंस लीग का खिताब दिलाया।

उनकी कोचिंग में टीम अब तक 30 मैच खेल चुकी है। इसमें से 19 में जीत मिली और 5 मैचों में हार का सामना करना पड़ा। 6 मैच ड्रॉ रहा। टीम ने यूरोप की चैंपियन बनने तक के सफर में जनवरी से अब तक कई बड़ी टीमों को हराया। इसमें सेमीफाइनल में 13 बार की UEFA चैंपियन रियाल मैड्रिड के खिलाफ मिली जीत शामिल है। टुचेल का कॉन्ट्रैक्ट 2022 तक बढ़ाया जा सकता है।

2012 के आखिरी 2 अंक आपस में बदलते ही चेल्सी की किस्मत बदली 2012 में चेल्सी ने अपना पहला खिताब जीता था। यह संयोग ही कहिए कि 2012 के आखिरी दो अंक आपस में बदलते ही चेल्सी की किस्मत भी पलट गई। 2021 में टीम 9 साल बाद फिर से चैंपियन बनी।

चेल्सी की जीत के बाद किसने क्या कहा?

  • जीत के बाद चेल्सी के कोच टुचेल ने कहा कि मेरी कोशिश टीम को जीत की तरफ ले जाना और खुद को एक कोच के रूप में डेवलप करना है। मेरा कॉन्ट्रैक्ट चेल्सी के साथ बढ़ाया गया है। मैं सबको बताना चाहता हूं कि मैं जीत के लिए भूखा हूं और ये टाइटल अगले सीजन में भी जीतना चाहता हूं।
  • वहीं, चेल्सी के फॉरवर्ड प्लेयर मेसन माउंट ने कहा कि यह टीम दुनिया की बेस्ट टीम है। मैं इस जीत को शब्दों में नहीं बता सकता। मैंने चेल्सी के साथ दो फाइनल खेले पर दोनों में टीम को हार मिली थी। हमने अपनी ट्रॉफी तक की जर्नी में कुछ बेस्ट टीमों को हराया।
  • चेल्सी के कप्तान एजपिलिकुएता ने मिड-फील्डर एन'गोलो कान्ते की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि कान्ते दुनिया के बेस्ट मिड-फील्डर हैं। वे फील्ड में हर रोल निभा सकते हैं और सब कुछ कर सकते हैं। मैदान पर उनकी ऊर्जा देखने लायक होती है। उनका होना टीम के लिए स्पेशल है। मैं उन्हें अपने साथ इस टीम के लिए खेलते हुए देखना चाहता हूं।
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