निधन के सालभर बाद मैराडोना पर आरोप:क्यूबा की महिला बोली- फुटबॉलर ने 2001 में रेप और मारपीट की, कोकीन का आदी बना दिया था

11 दिन पहले

महान फुटबॉलर डिएगो मैराडोना की मृत्यु के करीब एक साल बाद एक महिला ने उन पर रेप का आरोप लगाया है। अर्जेंटीना के लीजेंड्री फुटबॉलर मैराडोना पर आरोप लगाने वाली क्यूबा की नागरिक मैविस अल्वारेज हैं। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 15 साल की उम्र में मैराडोना ने उनका रेप किया। बचपन छीन लिया और कोकीन का आदी बना डाला। मैविस ने मैराडोना के साथ अपनी तस्वीरें भी दिखाईं और कहा कि उनसे मारपीट भी की जाती थी।

मैराडोना 1986 में फुटबॉल वर्ल्ड कप जीतने वाली अर्जेंटीना की टीम का हिस्सा रहे। इसी वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ किए गए उनके गोल को "हैंड ऑफ गॉड" का नाम दिया गया था। मैराडोना 30 अक्टूबर 1960 को अर्जेंटीना के ब्यूनर आयर्स में जन्मे थे। 25 नवंबर 2020 को 60 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।

मैविस के सनसनीखेज आरोप

37 साल की मैविस अभी मियामी में रहती हैं। उन्होंने मैराडोना की टीम के साथियों पर भी मारपीट का आरोप लगाया है। मैविस के दो बच्चे हैं। एक 15 साल और दूसरा 4 साल का है। उन्होंने बताया कि 20 साल पहले मैराडोना से उनके संबंध थे, जो 4-5 साल तक चले। उन्होंने बताया कि जब वह मैराडोना से मिली थीं, तब नाबालिग थीं। वह पहली बार 15 साल की उम्र में क्यूबा में मैराडोना से मिली थीं। उस समय मैराडोना 40 साल के थे और वह क्यूबा में ड्रग एडिक्शन का इलाज करवा रहे थे।

मैविस ने कहा, "मैं मैराडोना की ख्याति से बहुत प्रभावित हो गई थी। मैं उनके झांसे में आ गई, पर दो महीने बाद ही चीजें बदलने लगीं। मैराडोना ने मुझे जबर्दस्ती कोकीन की ओर धकेल दिया और उसका आदी बना दिया। मैं उससे जितना प्यार करती थी, उतना ही उससे नफरत करने लगी थी। मैंने आत्महत्या के बारे में भी सोचा था।"

रेगो ने दावा किया, "2001 में जब मैं मैराडोना के साथ ब्यूनस आयर्स की यात्रा पर थी, तब मैराडोना की टीम के दूसरे लोगों ने मारपीट की। जबरन एक होटल में रखा गया। अकेले बाहर जाने पर भी रोक लगा दी गई थी। उन्हें ब्रेस्ट का ऑपरेशन कराने के लिए मजबूर किया गया था। मैराडोना ने हवाना स्थित घर पर बलात्कार किया। इसके बाद भी कई बार शारीरिक शोषण किया और मारपीट भी की।"

अर्जेंटीना के NGO ने शिकायत दर्ज कराई
मैविस ने मैराडोना के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं करवाई है। लेकिन, उनके अमेरिकी मीडिया को दिए बयान के बाद अर्जेंटीना की NGO फाउंडेशन फॉर पीस ने मैराडोना और उनकी टीम पर हैरेसमेंट और मानव तस्करी को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। मैविस ने कहा कि वह आगे एक्शन नहीं लेंगी। उन्हें जो करना था, उन्होंने कर दिया। अब अदालत को फैसला है। उन्होंने कहा कि वह इसलिए आगे आईं, ताकि लड़कियों के अंदर हिम्मत आए और उनके साथ जो हुआ, वह अन्य के साथ न हो।

मैराडोना की टीम ने आरोपों को गलत बताया
उधर मैराडोना के दल के पांच सदस्यों जिनका नाम सामने आया है, सभी ने अपने वकीलों के माध्यम से आरोपों का खंडन किया है। NGO पर उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाया है।

मैराडोना का विवादों से रहा है नाता

  • 2015 में मैराडोना ने ड्रग्स की लत के बारे में कहा था कि मैंने अपने विरोधियों को बहुत बड़ा फायदा पहुंचाया। क्या आप जानते कि अगर मैं ड्रग्स न लेता तो किस तरह का प्लेयर होता? कोकीन के सेवन के लिए मैराडोना को उनके क्लब नेपोली ने 1991 में 15 महीने के लिए बैन कर दिया था।
  • 1991 में ही उन्हें ब्यूनस आयर्स में 500 ग्राम कोकीन के साथ अरेस्ट किया गया था। उन्हें तब 14 महीने की सजा दी गई थी।
  • 1991 में मैराडोना की अर्जेंटीना की नेशनल टीम में वापसी हुई। तब ग्रीस के दौरान किया गया उनका गोल सुर्खियों में रहा था। मैराडोना ने ग्रीस के खिलाफ किए अपने गोल को कैमरे के सामने चीखते हुए सेलिब्रेट किया था। हालांकि, ये टूर्नामेंट भी मैराडोना पूरा नहीं खेल पाए थे, क्योंकि प्रतिबंधित दवाओं के सेवन के चलते उन्हें 15 महीने के लिए बैन कर दिया गया था। ये उनके करियर का अंत था।
  • मैराडोना के करियर में ड्रग्स की वजह से कई बार उतार-चढ़ाव आए। उन्होंने अपनी गलती कबूल करने से कई साल पहले 1996 में सार्वजनिक तौर पर कहा था। मैं ड्रग्स एडिग्ट था, हूं और हमेशा रहूंगा।
  • ड्रग्स ने उनकी सेहत को भी नुकसान पहुंचाया। साल 2000 में उन्हें ड्रग्स की ओवरडोज हो गई थी। इसी वजह से 2004 में उन्हें हार्ट अटैक आया। 2005 में उन्हें अपनी बायपास सर्जरी करवानी पड़ी थी। 2007 में भी उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था।