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पेनल्टी चूकने की सजा:यूरो कप फाइनल में पेनल्टी मिस करने वाले ब्लैक फुटबॉलर्स रेसिज्म का शिकार; पर इंग्लैंड के PM बोले- तीनों देश के हीरो

लंदन3 महीने पहले
मार्कस रैशफोर्ड, बुकायो साका और जेडेन सैंचो ने इंग्लैंड के लिए पेनल्टी मिस किया।

यूरो कप फाइनल में टीम का हिस्सा रहे 3 इंग्लिश फुटबॉलर्स पर मैच के बाद नस्लीय टिप्पणी की गई। मार्कस रैशफोर्ड, जेडेन सैंचो और बुकायो साका ने इटली के खिलाफ हुए फाइनल मैच में 5 में से आखिरी 3 पेनल्टी शूट मिस कर दिया था। इसके बाद इन ब्लैक खिलाड़ियों पर इंग्लिश फैंस ने नस्लीय टिप्पणी की और उनके खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इंग्लैंड फुटबॉल एसोसिएशन (EFA) ने इस पर कड़ा एतराज जताया है।

इस बीच, ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी खिलाड़ियों पर नस्लीय टिप्पणी की निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस इंग्लिश टीम को हीरो कहा जाना चाहिए। नस्लीय टिप्पणी गलत है और जो लोग ऐसा कर रहे हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए।

खिलाड़ियों के नाम के साथ मंकी इमोजी का इस्तेमाल
तीनों खिलाड़ियों के लिए सोशल मीडिया पर नाम के साथ बंदर (मंकी) की इमोजी का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा साका के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। स्टार इंग्लिश स्ट्राइकर रहीम स्टर्लिंग भी इसका शिकार हुए हैं, जबकि उन्होंने यूरो कप के कई मैचों में इंग्लिश टीम को जिताने में मदद की थी।

ट्विटर ने हालांकि विवाद होने पर सभी विवादित ट्वीट डिलीट कर दिए हैं। साथ ही ऐसा करने वालों के ट्विटर अकाउंट को भी सस्पेंड कर दिया है। कंजरवेटिव पार्टी के सांसद टॉम टुगेनधत ने भी सोशल मीडिया कंपनी से इस पर एक्शन लेने की अपील की थी।

इंग्लैंड के कोच गैरेथ साउथगेट (बाएं) ने सिर्फ पेनल्टी शूटआउट के लिए सैंचो और रैशफोर्ड को 118वें मिनट में सब्स्टिट्यूट के तौर पर मैदान पर भेजा था।
इंग्लैंड के कोच गैरेथ साउथगेट (बाएं) ने सिर्फ पेनल्टी शूटआउट के लिए सैंचो और रैशफोर्ड को 118वें मिनट में सब्स्टिट्यूट के तौर पर मैदान पर भेजा था।

लंदन मेट्रोपोलिटन पुलिस कर रही मामले की जांच
इसके बाद इंग्लैंड के फैंस ने अपनी भड़ास पेनल्टी मिस करने वाले तीन खिलाड़ियों पर निकाली। EFA ने स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा कि वे फैंस के इस तरह के किसी भी व्यवहार की निंदा करते हैं। उन्होंने कहा- ऑनलाइन रेसिज्म से खिलाड़ियों का मनोबल गिरा है। हम अपनी टीम में इस तरह के किसी भी व्यवहार की निंदा करते हैं। लंदन मेट्रोपोलिटन पुलिस फिलहाल इस मामले की जांच कर रही है।

इंग्लैंड के लिए सिर्फ हैरी केन और मैग्वायर गोल कर सके
दरअसल, यूरो कप के फाइनल मैच का स्कोर फुल टाइम तक 1-1 से बराबर रहा था। इसके बाद मैच एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा। इस दौरान भी दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं। मैच पेनल्टी शूटआउट में पहुंचा। इंग्लैंड के हैरी केन और हैरी मैग्वायर ने गोल दागा। वहीं, इटली के लिए डोमेनिको बेरार्डी, लियोनार्डो बोनुची और फेडेरिको बर्नार्डेस्की ने गोल दागे।

इंग्लैंड के लिए तीसरी पेनल्टी लेने रैशफोर्ड आए और उनका शॉट गोल पोस्ट से टकरा गया। जबकि, सैंचो और साका के शॉट को इटली के गोलकीपर जियानलुइगी डोन्नरुम्मा ने रोक लिया। यह निर्णायक साबित हुआ। इटली ने फाइनल में इंग्लैंड को पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से हराया। इस तरह इंग्लैंड की टीम अपने पहले यूरो कप खिताब से दूर रह गई।

इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने नस्लवाद के खिलाफ मैसेज दिया
इंग्लैंड और इटली के खिलाड़ियों ने रविवार को हुए फाइनल में नस्लवाद के खिलाफ बड़ा मैसेज दिया था। खिलाड़ियों ने मैच शुरू होने से पहले एक घुटने के बल बैठकर नस्लवाद का विरोध किया था। अब उनके खिलाड़ियों को खुद ही इसका सामना करना पड़ रहा है।

नस्लवाद के खिलाफ दुनिया को मैसेज देते इंग्लैंड के फुटबॉल प्लेयर।
नस्लवाद के खिलाफ दुनिया को मैसेज देते इंग्लैंड के फुटबॉल प्लेयर।

इंग्लैंड के कोच ने हार की जिम्मेदारी ली
इंग्लैंड के कोच साउथगेट ने पेनल्टी मिस की जिम्मेदारी खुद पर ली है। उन्होंने कहा कि मैंने खिलाड़ियों को चुना था। युवा खिलाड़ी साका को स्टार फॉरवर्ड ग्रीलिश पर तरजीह देने को जिम्मेदारी भी उन्होंने खुद पर ली है। साउथगेट ने कहा कि मैं आखिर पलों में कुछ अलग करना चाहता था। हमने इस पर ट्रेनिंग सेशन में काम किया था। यह एक गैम्बल था। हालांकि, यह हार एक टीम के तौर पर हार है। इसके लिए कोई खिलाड़ी जिम्मेदार नहीं है।

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