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शॉट पिच गेंद पर बहस:चैपल बोले- बाउंस पर बैन लगाने की बजाय कड़े नियम लाएं; फील्ड सेफ्टी पर सोचने की जरूरत

मेलबर्न9 महीने पहले
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इयान चैपल (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
इयान चैपल (फाइल फोटो)

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयान चैपल ने कहा कि शॉट पिच बॉल पर बैन लगाने के बजाय इसको लेकर कड़े नियम लाना चाहिए और फील्ड सेफ्टी के मापदंडों पर विचार करना चाहिए। ताकि बैट्समैन को शॉट पिच गेंद पर चोटिल होने से बचाया जा सके।

टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया में चल रही सीरीज के दौरान खिलाड़ियों को सिर में चोट लगने और कन्कशन सब्स्टिट्यूट लेने के बाद एक बार फिर से शॉट पिच बॉल को लेकर बहस तेज हो गई है। और बाउंस पर बैन लगाने की मांग की जा रही है। चैपल ने क्रिक इंफो पर लिखे अपने लेख में साफ तौर से बाउंस पर बैन लगाने की बात को खारिज कर दिया है।

ऑन फील्ड सेफ्टी की समीक्षा की जानी चाहिए

उन्होंने आगे कहा,” अब समय आ गया है कि ऑन फील्ड सेफ्टी को लेकर समीक्षा की जाए और इसमें बल्लेबाजी तकनीक साथ बैट्समैन, गेंदबाज और अंपायर को भी टॉप प्रायोरिटी में रखा जाए। इस समीक्षा में पुछल्ले बल्लेबाजों को शॉट पिच गेंद से बचाने को लेकर भी ध्यान में रखा जाए।”

सामान प्लेयर की जगह सामान प्लेयर का स्थानांनतरण सभी के लिए मुश्किल

चैपल ने कहा कि यह आरोप गलत है कि कन्कशन सब्स्टिट्यूट के तहत एक जैसे खिलाड़ियों का अदला- बदला नहीं होती है। ये व्यर्थ की बात है। टीम इंडिया की ओर से ऑस्ट्रेलिया के साथ तीन टी-20 मैचों की सीरीज के पहले मैच में कन्कशन सब्स्टिट्यूट के तहत रविंद्र जडेजा की जगह पर लेग स्पिनर यजुवेंद्र चहल को शामिल किया गया था। चहल ने तीन विकेट लिए और उन्हें मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया। टीम इंडिया ने यह मैच जीत लिया। उसके बाद यह आरोप लगे कि कन्कशन सब्सटिट्यूट के तहत सामान प्लेयर के बदले अदला- बदली एक जैसा होगी ऐसा संभव नहीं है।

बैट्समैन की तकनीक को मजबूत बनाने को लेकर करना होगा प्रयास

चैपल ने कहा कि बल्लेबाजी तकनीक को मजबूत करना चाहिए ताकि बल्लेबाज बाउंसर का सामना कर सकें। कन्कशन मुख्य मुद्दा नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों के सिर में चोट लगना मुख्य मुद्दा है। फिल ह्यूज की मौत के बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने सेफ्टी रिव्यू की। लेकिन इसमें तकनीक को शामिल नहीं किया गया था। अभी हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है, कि बल्लेबाजों को सिर में कम चोट लगे। कई बार बल्लेबाज शॉट गेंद पर चकमा खा जाते हैं और हट जाते हैं। कई बार गेंद छाती से नीचे रहती है, लेकिन बल्लेबाज को चोट लग जाती है। विल पुकोव्सकी का कन्कशन मामला इसी का उदाहरण है। पुकोव्सकी की नजर बॉल से हटी और उन्हें सिर में चोट लग गई।

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