क्या महत्वपूर्ण मैचों के लिए हमारे प्लेयर्स मेंटली तैयार नहीं:मेंस हॉकी टीम के कोच ग्राहम रीड ने कहा - टीम को मेंटल कंडीशनिंग कोच की जरूरत

भुवनेश्वर11 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

भारतीय हॉकी टीम के हेड कोच ग्राहम रिड ने रविवार रात न्यूजीलैंड के खिलाफ हारने और वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद कहा कि, आगे बढ़ने के लिए हमे मेंटल कंडीशनिंग कोच की जरूरत है। रीड के यह बात बताती है कि, भारतीय मेंस हॉकी टीम के प्लेयर्स महत्वपूर्ण मैचों का प्रेशर नहीं झेल पाते है। रविवार को क्रॉसओवर मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को पेनल्टी शूटआउट में 5-4 से हरा दिया। निर्धारित समय तक दोनों टीमें 3-3 से बराबरी पर थीं। मैच में भारत ने दबदबा बनाने की कोशिश की, लेकिन पेनल्टी शूटआउट में टीम प्रेशर का शिकार हो गई।

मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी
रीड ने पोस्ट मैच काॅन्फ्रेस में आगे कहा कि, जहां तक ट्रेनिंग और ड्रिल की बार है तो हम वहीं करते है जो अन्य टीमें करती है। मैं इस खेल में बहुत लंबे समय से हूं और मुझे पता है की दूसरी टीमें क्या कर रही है। मुझे लगता है कि हमारी टीम को मानसिक रूप से मजबूत होने की जरूरत है।

पेनल्टी शूटआउट में 9 शूट तक गया मैच
दोनों ही टीमों ने 9-9 प्रयास किए। इसमें न्यूजीलैंड ने 5 और भारत ने 4 में गोल दागे। शूटआउट की शुरुआत भारतीय कप्तान हरमनप्रीत के गोल के साथ हुई। उसके बाद न्यूजीलैंड के निक वुड ने बराबरी का गोल दागा। फिर राजकुमार पाल ने गोल स्कोरकर भारत को 2-1 से आगे कर दिया। सीन फाइंडले ने स्कोर फिर 2-2 से बराबर कर दिया। तीसरे प्रयास में अभिषेक गोल करने से चूक गए और हेडन फिलिप्स ने गोलकर मेहमान टीम को 3-2 से आगे ला दिया। फिर पीआर श्रीजेश ने 3 शानदार बचाव करते हुए भारत को हार से बचाया। इस बीच, शमशेर स्कोर करने से चूके और सुखजीत ने गोल किया। 5 प्रयास के बाद स्कोर 3-3 की बराबरी पर था। ऐसे में शूटआउट जारी रहा।

छठे प्रयास में वुड निक और हरमनप्रीत सिंह गोल करने से चूके। जबकि 7वें में सीन फाइंडले और राजकुमार पाल ने स्कोर किए। 8वें प्रयास में हेडन और सुखजीत गोल स्कोर नहीं कर सके। 9वें प्रयास में सैम लिन ने गोल दागा । जबकि शमशेर चूक गए।

कप्तान के पास था मौका पर चूंके
छठे प्रयास में कप्तान हरमनप्रीत सिंह के पास सडन डेथ के पहले दौर में मैच जीतने का मौका था जब न्यूजीलैंड के निक वुड्स ने मौका गंवा दिया था, लेकिन हरमन ने दूर से सीधे हिट लेने का फैसला किया और सुनहरा मौका गंवा दिया। इसपर, हरमनप्रीत सिंह ने कहां कि, यह एक अच्छा मौका था और मैं स्कोर करना चाहता था। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। यह एक टीम गेम है। हर कोई मेरी पेनल्टी कार्नर में खराब प्रदर्शन को लेकर बात कर रहा था। लेकिन, मैंने भी मैच में स्कोर किया है। मुझे कोई दबाव महसूस नहीं होता है। मुझे और टीम को आगे के लिए कड़ी मेहनत करनी है।

खबरें और भी हैं...