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क्रिकेट:खिलाड़ियों के प्रदर्शन के मामले में आईपीएल दुनिया की टाॅप टी-20 लीग, पांच लीग का इंपैक्ट इंटरनेशनल मैचों से भी ज्यादा

मुंबई2 वर्ष पहले
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आईपीएल पैसे के लिहाज से दुनिया की सबसे बड़ी लीग तो है ही। खिलाड़ियों के प्रदर्शन के हिसाब से भी टॉप लीग है। विजडन में छपे क्रिकविज के एनालिसिस को देखें तो आईपीएल का इंपैक्ट दुनिया की अन्य सभी लीग से ज्यादा है। - Dainik Bhaskar
आईपीएल पैसे के लिहाज से दुनिया की सबसे बड़ी लीग तो है ही। खिलाड़ियों के प्रदर्शन के हिसाब से भी टॉप लीग है। विजडन में छपे क्रिकविज के एनालिसिस को देखें तो आईपीएल का इंपैक्ट दुनिया की अन्य सभी लीग से ज्यादा है।
  • क्रिकबज ने अलग-अलग लीग में खेलने वाले दुनिया के 4500 खिलाड़ियों के प्रदर्शन का एनालिसिस किया
  • पाकिस्तान सुपर लीग और बिग बैश का भी असर इंटरनेशनल टी-20 से ज्यादा

मौजूदा समय में कई खिलाड़ी अब इंटरनेशनल क्रिकेट की जगह टी-20 लीग को तरजीह दे रहे हैं। आईपीएल पैसे के लिहाज से दुनिया की सबसे बड़ी लीग तो है ही। खिलाड़ियों के प्रदर्शन के हिसाब से भी टॉप लीग है।

विजडन में छपे क्रिकबज के एनालिसिस को देखें तो आईपीएल का इंपैक्ट दुनिया की अन्य सभी लीग से ज्यादा है। क्रिकबज ने दुनिया के 4500 खिलाड़ी जो अलग-अलग लीग खेलते हैं, उनके प्रदर्शन के आधार पर यह डेटा तैयार किया गया है। पाकिस्तान सुपर लीग और ऑस्ट्रेलिया के बिग बैश लीग के खिलाड़ियों का इंपैक्ट टी20 इंटरनेशनल से ज्यादा है। 

खिलाड़ी के प्रदर्शन में बदलाव का आकलन किया

उन खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखा, जिन्होंने कई टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। खिलाड़ी के हर टूर्नामेंट में प्रदर्शन में बदलाव का आकलन किया। जैसे श्रीलंका का बल्लेबाज देश में अच्छा प्रदर्शन करता है, लेकिन पाक लीग (पीएसएल) में संघर्ष करता है, तो हम अनुमान लगा सकते हैं कि पीएसएल श्रीलंका में हुए टूर्नामेंट की अपेक्षा अच्छा है। यदि कोई इंग्लिश गेंदबाज भारत में संघर्ष कर रहा है तो आईपीएल को टी20 ब्लास्ट से अच्छा माना।  

विदेशी खिलाड़ियों के कारण लीग इंटरनेशनल मैच से बेहतर 

टी-20 लीग के इंपैक्ट को देखें तो यह इंटरनेशनल से अच्छा है, वजह- इंटरनेशनल टीमें केवल अपने देश के खिलाड़ियों का चयन कर सकती हैं, जबकि लीग में दुनिया भर के खिलाड़ियों को उतारा जा सकता है। जैसे पाक लीग से तेेज गेंदबाज मिलते हैं। बल्लेबाजी को मजबूत करने के लिए टीम विदेशी खिलाड़ियों को शामिल कर लेती हैं।

सभी फॉर्मेट के लिए अलग खिलाड़ी होते हैं, कोचिंग स्टाफ एक ही रहता है
{इंटरनेशनल टीम को टी-20 के अलावा क्रिकेट के दूसरे फॉर्मेट पर ध्यान देना होता है। सभी फॉर्मेट के लिए अलग खिलाड़ी होते हैं, लेकिन कोचिंग स्टाफ एक ही रहता है। वहीं, टी-20 लीग में टीम सिर्फ टी-20 पर ध्यान देती हैं। उनके कोचिंग स्टाफ की भी इसी फॉर्मेट के लिए विशेषज्ञता होती  है। 

दुनिया की आठ टी-20 लीग के प्रभाव को इन छह आधार पर समझा जा सकता है- 

1. टीम की संख्या: जितनी अधिक टीमें रहेंगी, अच्छे खिलाड़ी बंट जाएंगे। आईपीएल, बांग्लादेश लीग, बिग बैश लीग में 8-8 टीम, द. अफ्रीका की मजांशी लीग, पीएसएल, कैरेबियन प्रीमियर लीग, न्यूजीलैंड के सुपर स्मैश में 6-6 जबकि इंग्लैंड के टी20 ब्लास्ट में 18 टीमें हैं।

2. टीम का उद्देश्य: जहां टीम सिर्फ टी-20 खेलती हैं, उनका प्रदर्शन अच्छा रहता है।

3. मालिकाना हक: अमीर टीमें अच्छे खिलाड़ियों को टीम में रखती हैं। आईपीएल, बांग्लादेश, वेस्टइंडीज और पाकिस्तान की लीग ऐसी हैं। अन्य लीग फंड आधारित हैं।

4. अच्छे घरेलू खिलाड़ी: जिस देश का घरेलू स्ट्रक्चर अच्छा रहता है। वहां अच्छे खिलाड़ी मिलते हैं।  

5. अच्छे विदेशी खिलाड़ी: आईपीएल में अधिक पैसा होने के कारण अच्छे खिलाड़ी इसे प्राथमिकता देते हैं।

6. खिलाड़ियों का कॉन्ट्रैक्ट: आईपीएल में नीलामी के कारण कई खिलाड़ियों को बेस प्राइस से अधिक राशि मिलती है। अन्य लीग में ड्राफ्ट के हिसाब से पैसे दिए जाते हैं। 

‌निष्कर्ष: आईपीएल कई बोर्ड की तुलना में काफी आगे है। इसे नेशनल और इंटरनेशनल विंडो भी दी जाती है। अन्य लीग में इंटरनेशनल विंडो नहीं है। टी20 ब्लास्ट सबसे पुरानी लीग होने के बाद भी इंपैक्ट नहीं छोड़ सकी।