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गांगुली जनवरी तक बने रहेंगे BCCI अध्यक्ष:बोर्ड की संविधान संशोधन की याचिका पर जनवरी के तीसरे हफ्ते में सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली10 महीने पहले
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टलने के बाद BCCI प्रेसिडेंट सौरव गांगुली अब 24 दिसंबर को होने वाली AGM की अध्यक्षता कर सकते हैं। इस दौरान जय शाह और जयेश जॉर्ज भी मौजूद रह सकते हैं। - Dainik Bhaskar
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टलने के बाद BCCI प्रेसिडेंट सौरव गांगुली अब 24 दिसंबर को होने वाली AGM की अध्यक्षता कर सकते हैं। इस दौरान जय शाह और जयेश जॉर्ज भी मौजूद रह सकते हैं।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के संविधान संशोधन की याचिका पर बुधवार को सुनवाई टल गई। सुप्रीम कोर्ट अब जनवरी के तीसरे हफ्ते में सुनवाई करेगा। तब तक बोर्ड प्रेसिडेंट सौरव गांगुली और सचिव जय शाह अपने पद पर बने रहेंगे। कोर्ट में BCCI के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने याचिका दायर की थी।

AGM की अध्यक्षता कर सकते हैं गांगुली
पिछले साल अक्टूबर में अपने-अपने पदों पर चुने गए गांगुली, शाह और जॉर्ज का कार्यकाल कुछ महीने पहले ही खत्म हो चुका है। आज के डेवलपमेंट के बाद गांगुली अब 24 दिसंबर को होने वाली AGM की अध्यक्षता भी कर सकते हैं। इस दौरान शाह और जॉर्ज भी मौजूद रह सकते हैं।

BCCI की AGM ने किया था संशोधन
याचिका में कहा गया था कि BCCI ने पिछले साल हुई AGM में 9 अगस्त 2018 से लागू कूलिंग ऑफ पीरियड में जाने के नियम में संशोधन कर अपने पदाधिकारियों के कार्यकाल को बढ़ाने की स्वीकृति दे दी थी।

सीओए के पास नहीं था क्रिकेट प्रशासन का अनुभव
याचिका में कहा गया था कि संविधान उन व्यक्तियों की ओर तैयार किया गया था, जिनके पास इस त्रि-स्तरीय संरचना के कामकाज का जमीनी स्तर का अनुभव नहीं था, न ही उन्हें क्रिकेट प्रशासन का अनुभव था। वहीं, अनुभवी लोगों को प्रशासन से दूर करने से कहीं न कहीं प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से क्रिकेट को खामियाजा भुगतना पड़ता है।

सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी लेने की अनिवार्यता खत्म हो
साथ ही यह भी तर्क दिया गया था कि BCCI एक ऑटोनॉमस बॉडी है। इसके पास प्रशासनिक अधिकार होता है। इसके तहत वह अपने संविधान में बदलाव कर सकता है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी लेने की अनिवार्यता को खत्म किया जाए। ताकि वह संविधान में अपने सदस्यों की तीन चौथाई के मत से संविधान में संशोधन कर सके।

बोर्ड के संशोधन के मुताबिक, गांगुली और शाह पर कूलिंग ऑफ पीरियड पर जाने का नियम तभी लागू होगा, जब वे BCCI में लगातार 6 साल काम पूरा कर लेते हैं। राज्य क्रिकेट संघ में किए गए काम को BCCI अधिकारियों के काम में नहीं जोड़ा जाएगा।

9 महीने के लिए चुने गए थे गांगुली
गांगुली बंगाल क्रिकेट बोर्ड (CAB) के 5 साल 3 महीने तक अध्यक्ष रह चुके हैं। इस लिहाज से उनके पास BCCI अध्यक्ष के तौर पर 9 महीने का कार्यकाल ही बचा था। जय शाह भी गुजरात क्रिकेट संघ में सचिव रह चुके हैं। अब कूलिंग ऑफ पीरियड नियम में छूट के बाद ही गांगुली और शाह अपने 3 साल का कार्यकाल पूरा कर सकते हैं।

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